कृ धातु रूप (उभयपदी) - १० लकार, अर्थ एवं व्याकरण | Kri Dhatu Roop in Sanskrit

Sooraj Krishna Shastri
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कृ धातु रूप (उभयपदी) - १० लकार, अर्थ एवं व्याकरण | Kri Dhatu Roop in Sanskrit

उभयपदी 'कृ' धातु (करना)

तनादि गण की सबसे प्रमुख धातु। यह उभयपदी है, अर्थात् इसके रूप परस्मैपदी (करोति) और आत्मनेपदी (कुरुते) दोनों में चलते हैं। 'कृ' धातु के रूप प्रायः सभी परीक्षाओं और संस्कृत साहित्य में अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।

💡 'कृ' धातु के विशिष्ट नियम (V.V.Imp)

• तनादि गण की धातु होने के कारण यहाँ 'उ' विकरण होता है (कृ + उ)।
• लट् आदि लकारों में गुण होकर 'करोति' तथा उकार का लोप/परिवर्तन होकर 'कुरुतः', 'कुर्वन्ति' जैसे विविध रूप बनते हैं।
• लुङ् लकार (भूतकाल) में परस्मैपदी में 'अकार्षीत्' और आत्मनेपदी में 'अकृत' जैसे अत्यंत विशिष्ट रूप बनते हैं, जिन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

१. लट् लकार (वर्तमान काल / Present Tense)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकरोतिकुरुतःकुर्वन्ति
मध्यम पुरुषकरोषिकुरुथःकुरुथ
उत्तम पुरुषकरोमिकुर्वःकुर्मः
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकुरुतेकुर्वातेकुर्वते
मध्यम पुरुषकुरुषेकुर्वाथेकुरुध्वे
उत्तम पुरुषकुर्वेकुर्वहेकुर्महे

२. लृट् लकार (सामान्य भविष्यत् / Future Tense)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकरिष्यतिकरिष्यतःकरिष्यन्ति
मध्यम पुरुषकरिष्यसिकरिष्यथःकरिष्यथ
उत्तम पुरुषकरिष्यामिकरिष्यावःकरिष्यामः
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकरिष्यतेकरिष्येतेकरिष्यन्ते
मध्यम पुरुषकरिष्यसेकरिष्येथेकरिष्यध्वे
उत्तम पुरुषकरिष्येकरिष्यावहेकरिष्यामहे

३. लोट् लकार (आज्ञा या प्रार्थना / Imperative Mood)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकरोतु / कुरुतात्कुरुताम्कुर्वन्तु
मध्यम पुरुषकुरु / कुरुतात्कुरुतम्कुरुत
उत्तम पुरुषकरवाणिकरवावकरवाम
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकुरुताम्कुर्वाताम्कुर्वन्ताम्
मध्यम पुरुषकुरुष्वकुर्वाथाम्कुरुध्वम्
उत्तम पुरुषकरवैकरवावहैकरवामहै

४. लङ् लकार (अनद्यतन भूतकाल / Past Tense)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषअकरोत्अकुरुताम्अकुर्वन्
मध्यम पुरुषअकरोःअकुरुतम्अकुरुत
उत्तम पुरुषअकरवम्अकुर्वअकुर्म
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषअकुरुतअकुर्वाताम्अकुर्वत
मध्यम पुरुषअकुरुथाःअकुर्वाथाम्अकुरुध्वम्
उत्तम पुरुषअकुर्विअकुर्वहिअकुर्महि

५. विधिलिङ् लकार (चाहिए अर्थ में / Potential Mood)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकुर्यात्कुर्याताम्कुर्युः
मध्यम पुरुषकुर्याःकुर्यातम्कुर्यात
उत्तम पुरुषकुर्याम्कुर्यावकुर्याम
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकुर्वीतकुर्वीयाताम्कुर्वीरन्
मध्यम पुरुषकुर्वीथाःकुर्वीयाथाम्कुर्वीध्वम्
उत्तम पुरुषकुर्वीयकुर्वीवहिकुर्वीमहि

६. लिट् लकार (परोक्ष भूतकाल / Unseen Past)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषचकारचक्रतुःचक्रुः
मध्यम पुरुषचकर्थचक्रथुःचक्र
उत्तम पुरुषचकार / चकरचकृवचकृम
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषचक्रेचक्रातेचक्रिरे
मध्यम पुरुषचकृषेचक्राथेचकृध्वे / चकृढ्वे
उत्तम पुरुषचक्रेचकृवहेचकृमहे

७. लुट् लकार (अनद्यतन भविष्यत् / First Future)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकर्ताकर्तारौकर्तारः
मध्यम पुरुषकर्तासिकर्तास्थःकर्तास्थ
उत्तम पुरुषकर्तास्मिकर्तास्वःकर्तास्मः
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकर्ताकर्तारौकर्तारः
मध्यम पुरुषकर्तासेकर्तासाथेकर्ताध्वे
उत्तम पुरुषकर्ताहेकर्तास्वहेकर्तास्महे

८. आशीर्लिङ् लकार (आशीर्वाद अर्थ में / Benedictive)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषक्रियात्क्रियास्ताम्क्रियासुः
मध्यम पुरुषक्रियाःक्रियास्तम्क्रियास्त
उत्तम पुरुषक्रियासम्क्रियास्वक्रियास्म
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषकृषीष्टकृषीयास्ताम्कृषीरन्
मध्यम पुरुषकृषीष्ठाःकृषीयाथाम्कृषीध्वम्
उत्तम पुरुषकृषीयकृषीवहिकृषीमहि

९. लुङ् लकार (सामान्य भूतकाल / Aorist Past)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषअकार्षीत्अकार्ष्टाम्अकार्षुः
मध्यम पुरुषअकार्षीःअकार्ष्टम्अकार्ष्ट
उत्तम पुरुषअकार्षम्अकार्ष्वअकार्ष्म
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषअकृतअकृषाताम्अकृषत
मध्यम पुरुषअकृथाःअकृषाथाम्अकृध्वम् / अकृढ्वम्
उत्तम पुरुषअकृषिअकृष्वहिअकृष्महि
💡 विशेष (लुङ्): यह कृ धातु का सबसे जटिल लकार है। परस्मैपदी में वृद्धि और सिच् होकर 'अकार्षीत्' बनता है, जबकि आत्मनेपदी में सिच् का विकल्प से लोप/परिवर्तन होकर सीधा 'अकृत' (उसने किया) बनता है।

१०. लृङ् लकार (हेतुहेतुमद् भाव / Conditional)

➤ परस्मैपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषअकरिष्यत्अकरिष्यताम्अकरिष्यन्
मध्यम पुरुषअकरिष्यःअकरिष्यतम्अकरिष्यत
उत्तम पुरुषअकरिष्यम्अकरिष्यावअकरिष्याम
➤ आत्मनेपदी रूप
पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथम पुरुषअकरिष्यतअकरिष्येताम्अकरिष्यन्त
मध्यम पुरुषअकरिष्यथाःअकरिष्येथाम्अकरिष्यध्वम्
उत्तम पुरुषअकरिष्येअकरिष्यावहिअकरिष्यामहि

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