इकाई - 5: गणितीय तर्क और अभिवृत्ति —1. तर्क के प्रकार

Sooraj Krishna Shastri
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इकाई - 5: गणितीय तर्क और अभिवृत्ति — तर्क के प्रकार

गणितीय तर्क का अध्ययन यह समझने के लिए किया जाता है कि किसी निष्कर्ष तक पहुँचने की प्रक्रिया तार्किक और व्यवस्थित हो। यह हमें तर्कसंगत निर्णय लेने में सहायता करता है और गणितीय सिद्धांतों को मजबूत आधार प्रदान करता है।

तर्क के प्रकार (Types of Reasoning)

UGC NET परीक्षा के दृष्टिकोण से तर्क के विभिन्न प्रकारों को समझना अत्यंत आवश्यक है। प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:

1. निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning)

इसमें हम सामान्य सिद्धांतों (General Rules) से विशिष्ट निष्कर्ष (Specific Conclusion) की ओर बढ़ते हैं। इसे "Top-Down" एप्रोच भी कहते हैं।

  • नियम: यदि आधार वाक्य (Premises) सत्य हैं, तो निष्कर्ष 100% सत्य होगा।
उदाहरण:
कथन 1: सभी मनुष्य नश्वर हैं। (सामान्य नियम)
कथन 2: राम एक मनुष्य है। (विशिष्ट तथ्य)
निष्कर्ष: अतः राम नश्वर है। (निश्चित निष्कर्ष)

2. आगमनात्मक तर्क (Inductive Reasoning)

इसमें हम विशिष्ट उदाहरणों के आधार पर एक सामान्य निष्कर्ष निकालते हैं। इसे "Bottom-Up" एप्रोच कहते हैं।

  • नियम: यह संभाव्यता (Probability) पर आधारित है। निष्कर्ष सत्य हो भी सकता है और नहीं भी।
उदाहरण:
राम नश्वर है, श्याम नश्वर है, मोहन नश्वर है। (विशिष्ट उदाहरण)
निष्कर्ष: संभवतः सभी मनुष्य नश्वर हैं। (सामान्य निष्कर्ष)

तुलना: निगमनात्मक बनाम आगमनात्मक

आधार निगमनात्मक (Deductive) आगमनात्मक (Inductive)
दृष्टिकोण सामान्य से विशिष्ट (General to Specific) विशिष्ट से सामान्य (Specific to General)
निष्कर्ष निश्चित/अनिवार्य (Certain) संभावित (Probable)
उपयोग गणित, तर्कशास्त्र वैज्ञानिक अनुसंधान, सांख्यिकी

तर्क के अन्य महत्वपूर्ण प्रकार

3. अनुप्रयोगात्मक तर्क (Abductive Reasoning)

यह उपलब्ध जानकारी के आधार पर सबसे संभावित समाधान खोजने की प्रक्रिया है।

उदाहरण: डॉक्टर लक्षणों को देखकर सबसे संभावित बीमारी का अनुमान लगाता है।

4. तुलनात्मक तर्क (Analogical Reasoning)

दो वस्तुओं के बीच समानता के आधार पर किसी तीसरी समानता का अनुमान लगाना।

उदाहरण: "जिस तरह मछली के लिए पानी जरूरी है, वैसे ही मनुष्य के लिए हवा।"

5. संभावना तर्क (Probabilistic Reasoning)

यह सांख्यिकी और किसी घटना के घटने की संभावना पर आधारित होता है।


गणितीय तर्क (Mathematical Logic)

गणितीय तर्क में हम नियमों और प्रमेयों का उपयोग करते हैं:

  • प्रतिज्ञात्मक तर्क (Propositional Logic): कथनों (p, q) का विश्लेषण।
  • पूर्ववर्ती और पश्चवर्ती तर्क: तथ्यों से निष्कर्ष (Forward) और निष्कर्ष से कारण (Backward) की खोज।

निष्कर्ष

तर्क के ये विभिन्न प्रकार हमें समस्याओं को तार्किक रूप से समझने और प्रभावी निर्णय लेने में सहायता करते हैं। UGC NET Paper 1 की तैयारी के लिए Inductive और Deductive के बीच का अंतर याद रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

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