Srimad bhagwat Mahapuran sampoorna: श्रीमद् भागवत महापुराण सम्पूर्ण 18 स्कन्ध और 335 अध्याय

Sooraj Krishna Shastri
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जय श्री कृष्ण,

श्रीमद्भागवत महापुराण साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का वाग्मय (शब्द) स्वरूप है। यह वेदों रूपी कल्पवृक्ष का पका हुआ फल है— 'निगमकल्पतरोर्गलितं फलम्'। कलयुग में भगवत प्राप्ति, चित्त की शुद्धि और मन की शांति के लिए भागवत जी के पठन और श्रवण से बढ़कर कोई दूसरा सुगम साधन नहीं है।

🦚 विशेष: यहाँ हमने पाठकों की सुविधा के लिए श्रीमद्भागवत के सम्पूर्ण 12 स्कन्धों को एक ही स्थान पर संकलित किया है। नीचे दिए गए बॉक्स में आप संस्कृत मूल पाठ अथवा सरल हिंदी अनुवाद का चयन कर सकते हैं।

🕉️ श्रीमद्भागवत महापुराण 🕉️

(सम्पूर्ण द्वादश स्कन्ध संग्रह)

📖 हिंदी अनुवाद सहित

🙏 कृपया श्रद्धापूर्वक पठन करें 🙏

निष्कर्ष (Conclusion)

हम आशा करते हैं कि Bhagwat Darshan का यह प्रयास आपके आध्यात्मिक जीवन में सहायक सिद्ध होगा। भागवत धर्म का आश्रय लेने वाला व्यक्ति कभी भी मोह-माया के बंधन में नहीं फंसता।

प्रभु श्री हरि की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। यदि आपको यह संग्रह उपयोगी लगा हो, तो इसे अन्य जिज्ञासु भक्तों के साथ साझा (Share) अवश्य करें।

🙏 आग्रह: इस पवित्र ग्रंथ के लिंक को अपने मित्रों और परिजनों के साथ WhatsApp और Facebook पर Share अवश्य करें ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें।

॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥

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