Class 8 Sanskrit Deepakam Chapter 6 – डिजिभारतम् (Digital Bharat) युगपरिवर्तनम् | Question Answers, Summary & Solutions

Sooraj Krishna Shastri
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१. पाठ-परिचयः (सङ्ग्रहालय-दर्शनम्)

(नवदेहलीस्थः प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालयः। अत्र विविधाः डिजिटल-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति। सर्वे उत्कण्ठया सङ्ग्रहालये प्रदर्शितानि वस्तूनि पश्यन्ति।)

हिन्दी अर्थ: (नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय। यहाँ विभिन्न प्रकार की डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ प्रदर्शित की गई हैं। सभी लोग उत्सुकतापूर्वक संग्रहालय में प्रदर्शित वस्तुओं को देख रहे हैं।)

अस्माकं देशः भारतं न केवलं सांस्कृतिकक्षेत्रे समृद्धम्, अपि तु नित्यम् आविष्कारैः कीर्तिं लभते। अद्य सम्पूर्णविश्वे ‘डिजिटल-भारतम्’ इत्यस्य चर्चा श्रूयते। एकस्यैव पिञ्जस्य नोदनेन सर्वं नागरिक-सौविध्यं लभ्यते। अनेन भारतीयानां जीवनम् अधिकं सरलं जायमानम् अस्ति। डिजिटल-पटले सम्पूर्णा वसुधा कुटुम्बवत् अस्ति। अधुना वयं भारतस्य डिजिटल-प्रगतेः विषये पठामः।

हिन्दी अर्थ: हमारा देश भारत न केवल सांस्कृतिक क्षेत्र में समृद्ध है, अपितु नित नए आविष्कारों से भी ख्याति प्राप्त कर रहा है। आज पूरे विश्व में 'डिजिटल इंडिया' की चर्चा सुनाई देती है। केवल एक बटन दबाने से सभी नागरिक सुविधाएँ प्राप्त हो जाती हैं। इससे भारतीयों का जीवन और अधिक सरल हो रहा है। डिजिटल मंच पर सम्पूर्ण पृथ्वी परिवार के समान हो गई है। अब हम भारत की डिजिटल प्रगति के विषय में पढ़ते हैं।

अध्यापकः – बालाः! प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये युष्माकं सर्वेषां स्वागतम्। अत्र विविधाः डिजिटल-प्रौद्योगिक्यः प्रयुक्ताः सन्ति। सानन्दं सावधानं च पश्यन्तु। अनन्तरम् एतस्योपरि चर्चां करिष्यामः।

हिन्दी अर्थ: शिक्षक – बच्चो! प्रधानमंत्री संग्रहालय में आप सभी का स्वागत है। यहाँ विभिन्न प्रकार की डिजिटल प्रौद्योगिकियों का प्रयोग किया गया है। आनंदपूर्वक और ध्यान से देखिए। इसके बाद हम इस पर चर्चा करेंगे।

(सर्वे बालाः प्रदर्शितानि विविधानि वस्तूनि उत्साहेन पश्यन्ति, अनुभवन्ति, परस्परं चर्चाम् अपि कुर्वन्ति।)

हिन्दी अर्थ: (सभी बच्चे प्रदर्शित विभिन्न वस्तुओं को उत्साह से देखते हैं, अनुभव करते हैं और आपस में बातचीत भी करते हैं।)

सर्वे छात्राः – अद्भुतं महोदय! अत्र हॉलोग्राम-द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं श्रूयते दृश्यते च। प्रत्यक्षमेव प्रधानमन्त्री अत्र उपविष्टः इति भासते।

हिन्दी अर्थ: सभी छात्र – अद्भुत महोदय! यहाँ होलोग्राम के माध्यम से प्रधानमंत्री जी का भाषण सुना और देखा जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है मानो साक्षात् प्रधानमंत्री जी ही यहाँ बैठे हों।

यशिका – सत्यम्, अहम् अपि हॉलोग्रामं दृष्टवती। अनेन दिवङ्गताः नेतारः अपि जीविताः इव दृश्यन्ते।

हिन्दी अर्थ: यशिका – सच है, मैंने भी होलोग्राम देखा। इससे दिवंगत नेता भी जीवित जैसे दिखाई देते हैं।

अथर्वः – अत्र ‘वर्धिता-वास्तविकता’ (AR) ‘आभासीया-वास्तविकता’ (VR) च इत्याभ्यां सम्बद्धानि उपकरणानि अपि सन्ति, अनेन ऐतिहासिकवृत्तानि प्रत्यक्षम् इव अनुभूयन्ते। ‘भारतीय-स्वतन्त्रता-सङ्ग्रामं’ दृष्ट्वा अस्माकं पूर्वजानां सङ्घर्षः कियान् विशालः आसीत् इति ज्ञायते।

हिन्दी अर्थ: अथर्व – यहाँ 'संवर्धित वास्तविकता' (AR) और 'आभासी वास्तविकता' (VR) से संबंधित उपकरण भी हैं, जिससे ऐतिहासिक घटनाएँ प्रत्यक्ष रूप से अनुभव होती हैं। 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' को देखकर पता चलता है कि हमारे पूर्वजों का संघर्ष कितना महान था।

भास्करः – अहम् अत्र कृत्रिमबुद्धि-आधारितं संवादयन्त्रं दृष्टवान्। एतत् यन्त्रम् अस्माकं सर्वविधप्रश्नानाम् उत्तराणि ददाति।

हिन्दी अर्थ: भास्कर – मैंने यहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) पर आधारित चैटबॉट (संवाद-यंत्र) देखा। यह यंत्र हमारे सभी प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देता है।

वेदिका – अहो! ‘डिजिटल-प्रक्षेपण-चलच्चित्रं’ दृष्ट्वा अहं विस्मिता अभवम्। अत्र सम्पूर्णस्य भारतस्य विकास-यात्रा प्रदर्शिता अस्ति।

हिन्दी अर्थ: वेदिका – अरे वाह! 'डिजिटल प्रोजेक्शन मूवी' देखकर मैं आश्चर्यचकित हो गई। यहाँ पूरे भारत की विकास यात्रा प्रदर्शित की गई है।

श्रेया – एषः कश्चन अपूर्वः अनुभवः अस्ति। यश्च चिरकालपर्यन्तं स्मरणीयः भविष्यति।
सर्वे छात्राः – मान्यवर! वयं सर्वे एतस्मिन् सन्दर्भे चर्चां कर्तुम् इच्छामः। किं कक्षां प्रति चलामः?
अध्यापकः – उत्तमः विचारः। चलामः तावत्। (सर्वे मिलित्वा गच्छन्ति।)

हिन्दी अर्थ: श्रेया – यह एक अनोखा अनुभव है, जो लंबे समय तक याद रहेगा। सभी छात्र – मान्यवर! हम सब इस विषय में चर्चा करना चाहते हैं। क्या कक्षा की ओर चलें? शिक्षक – उत्तम विचार है। चलिए फिर। (सभी मिलकर जाते हैं।)

२. डिजिटल-क्रान्ति-संवादः (कक्षा-चर्चा)

कक्षायाम् उपविष्टाः (दैनिकजीवने प्रभावः)

सर्वे छात्राः – अहो! सङ्ग्रहालयस्य अद्भुततमः अनुभवः प्राप्तः।
अध्यापकः – बालाः! अस्मिन् सङ्ग्रहालये उपस्थापितं ज्ञानम् अद्भुतम् एव। ‘डिजिटल’ योजनायाः प्रभावः दैनन्दिने जीवनेऽपि दृश्यते।
सर्वे छात्राः – आम्, मान्यवर! वयम् इमं प्रभावं ज्ञातुम् इच्छामः।

हिन्दी अर्थ: सभी छात्र – अहा! संग्रहालय का बहुत ही अद्भुत अनुभव प्राप्त हुआ। शिक्षक – बच्चो! इस संग्रहालय में प्रस्तुत ज्ञान वास्तव में अद्भुत है। 'डिजिटल' योजना का प्रभाव दैनिक जीवन में भी दिखाई देता है। सभी छात्र – हाँ महोदय! हम इस प्रभाव को जानना चाहते हैं।

अध्यापकः – उत्तमम्। अस्माकं दैनिकं जीवनं ‘डिजिटल’ इत्यनेन परिवर्तितं प्रभावितं च भवति। अस्य क्षेत्रं व्यापकम् अस्ति। यथा – ‘डिजिटल-शासनं, स्वास्थ्यसेवा, शिक्षणं, वित्तीयं समावेशनम्’ इत्यादीनि क्षेत्राणि।

हिन्दी अर्थ: शिक्षक – बहुत अच्छा। हमारा दैनिक जीवन 'डिजिटल' माध्यम से बदल गया है और प्रभावित हुआ है। इसका क्षेत्र बहुत व्यापक है। जैसे – ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, वित्तीय समावेशन आदि क्षेत्र।

यशिका – अहं स्वयं ‘डिजि-लॉकर’ इत्यस्य उपयोगं करोमि। मम आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च तत्र सुरक्षितम् अस्ति।
अथर्वः – मम पितरौ ‘फ़ास्टॅग्’ इत्यस्य उपयोगं कुरुतः। अनेन राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य सङ्ग्रहणं शीघ्रं भवति।
भास्करः – अहम् ‘एकीकृत-धनदेयप्रत्यर्पण-अन्तरफलकस्य’ (यूपीआई) उपयोगं करोमि। अनेन मम पितरौ अपि त्वरया मह्यं धनं प्रेषयितुं शक्नुतः।

हिन्दी अर्थ: यशिका – मैं स्वयं 'डिजिलॉकर' का उपयोग करती हूँ। मेरा आधार-कार्ड और विद्यालय का प्रमाण-पत्र वहाँ सुरक्षित है। अथर्व – मेरे माता-पिता 'फास्टैग' का उपयोग करते हैं। इससे राजमार्गों पर स्वचालित तरीके से टोल टैक्स का भुगतान शीघ्र हो जाता है। भास्कर – मैं यूपीआई (Unified Payments Interface) का उपयोग करता हूँ। इससे मेरे माता-पिता भी मुझे शीघ्र धन भेज सकते हैं।

अध्यापकः – उत्तमम्! वित्तीयसमावेशनस्य क्षेत्रे ‘यूपीआई, रूपे-कार्ड्, जनधनयोजना’ इत्यादीनि बहूनि साधनानि सन्ति। अधुना आपणेषु वस्तुक्रयणार्थं साक्षात् मुद्रायाः आवश्यकता नास्ति। मुद्रारहित-विनिमयसन्दर्भे विश्वे भारतस्य अग्रगण्यं स्थानम् अस्ति।
राघवः – डिजिटल-योजना भारतस्य काचित् महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना अस्ति।
अध्यापकः – आम् राघव! एषा भारतसर्वकारस्य विशिष्टा महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना अस्ति। राष्ट्रं डिजिटल-रूपेण सुशक्तं भवेत् इत्येव अस्याः योजनायाः लक्ष्यम्। डिजिटल-शक्तिः सर्वजनान् सुशक्तान कुर्यात् इति अस्माकं ध्येयम्।

हिन्दी अर्थ: शिक्षक – उत्तम! वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में यूपीआई, रुपे-कार्ड, जनधन योजना आदि अनेक साधन हैं। अब दुकानों में वस्तुएं खरीदने के लिए प्रत्यक्ष नकद रुपयों की आवश्यकता नहीं है। कैशलेस लेनदेन के मामले में दुनिया में भारत का स्थान सबसे आगे है। राघव – डिजिटल योजना भारत की एक बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। शिक्षक – हाँ राघव! यह भारत सरकार की एक विशिष्ट और महत्वाकांक्षी योजना है। राष्ट्र डिजिटल रूप से सशक्त बने, यही इस योजना का लक्ष्य है।

श्रेया – महोदय! अस्य स्वरूपं किञ्चित् स्पष्टीकरोतु।
अध्यापकः – अवश्यम्! पश्य, डिजिटल-शासन-सेवायाः अन्तर्गतं ‘डिजी-लॉकर’ (आधार-पैन-कार्ड् इत्यादीनां डिजिटल-सङ्ग्रहणम्), ‘ई-शासन-पटलम्’ यथा – ‘उमङ्ग्’ (UMANG), ‘माय्-गव्’ (MyGov), ‘जेम्’ (GeM) इत्यादयः। ऑन-लाइन-टीकाकरण-पञ्जीकरणार्थं ‘कोविन-पटलम्’ (COWIN) अस्ति।

हिन्दी अर्थ: श्रेया – महोदय! इसके स्वरूप को थोड़ा स्पष्ट कीजिए। शिक्षक – अवश्य! देखो, डिजिटल शासन सेवा के अंतर्गत डिजिलॉकर (दस्तावेजों का डिजिटल संग्रह), ई-शासन पोर्टल जैसे 'उमंग', 'माई गॉव', 'जेम' आदि हैं। ऑनलाइन टीकाकरण पंजीकरण के लिए 'कोविन पोर्टल' है।

यशिका – किन्तु यदि ग्राम्य-क्षेत्रे अन्तर्जालस्य समस्या अस्ति तर्हि तत्र कथम् एतासां सेवानाम् उपयोगः भविष्यति?
श्रेया – मान्यवर! मया श्रुतं यत् सर्वकारः अन्तर्जालस्य उत्तरोत्तरं विस्ताराय कार्यं करोति। अनेन ग्राम्य-क्षेत्रे अपि उच्चगतेः जालस्य उपलब्धिः भविष्यति।
भास्करः – बहु समीचीनम्। एतासां सेवानाम् उपयोगः शिक्षायाः माध्यमेन अधिकाधिकं प्रचारणीयः।
अध्यापकः – सत्यम्! शिक्षायाः क्षेत्रे ‘दीक्षा’ (DIKSHA), ‘स्वयम्’ (SWAYAM), ‘स्वयं-प्रभा’ (SWAYAM PRABHA), ‘ई-पाठशाला’ (ePathshala), ‘भारतीय-राष्ट्रिय-डिजिटल-पुस्तकालयः’, ‘निष्ठा’ (NISHTHA), ‘पीएम-ई-विद्या’ (PM e-VIDYA), निःशुल्क-डिजिटल-शैक्षिकमञ्चः इत्यादीनाम् उपयोगः करणीयः।

हिन्दी अर्थ: यशिका – लेकिन यदि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या हो तो वहाँ इन सेवाओं का उपयोग कैसे होगा? श्रेया – महोदय! मैंने सुना है कि सरकार इंटरनेट के लगातार विस्तार के लिए कार्य कर रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा। भास्कर – बहुत उचित है। इन सेवाओं का उपयोग शिक्षा के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचारित किया जाना चाहिए। शिक्षक – सत्य है! शिक्षा के क्षेत्र में दीक्षा, स्वयं, स्वयं-प्रभा, ई-पाठशाला आदि मंचों का उपयोग करना चाहिए।

अथर्वः – आचार्य! किं कृषिक्षेत्रे अपि डिजिटल-भारतस्य योगदानम् अस्ति?
अध्यापकः – आम्! ‘ई-नाम’ (e-NAM), ‘पीएम-किसान-अनुप्रयोगः’ (PM KISAN), ड्रोन-प्रौद्योगिकी इत्यादीनि पटलानि सन्ति।
यशिका – बहु सम्यक्। किन्तु ‘डिजिटल’ इत्यस्य वाणिज्ये कीदृशः प्रभावः अस्ति?
अध्यापकः – आभासीय-पटलम् अनुप्रयोगः च इत्येतयोः माध्यमेन आभासीयं (ऑन-लाइन) विक्रयणं भवति। ‘आशु-प्रतिक्रिया-कूटः’ (QR Code) इत्याधारितः विनिमयश्च भवति।
सर्वे – वयं धन्याः मान्यवर! अस्मिन् सन्दर्भे वयं भवद्भिः पाठिताः। वयम् अपि भारतं डिजिटल-भारतं कर्तुं प्रयत्नं करिष्यामः।

हिन्दी अर्थ: अथर्व – आचार्य! क्या कृषि क्षेत्र में भी डिजिटल इंडिया का योगदान है? शिक्षक – हाँ! 'ई-नाम', 'पीएम-किसान ऐप', ड्रोन तकनीक आदि पोर्टल हैं। यशिका – बहुत अच्छा, लेकिन व्यापार में इसका क्या प्रभाव है? शिक्षक – ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स के माध्यम से ई-कॉमर्स बिक्री और क्यूआर कोड आधारित भुगतान होता है। सभी – हम धन्य हुए महोदय! हम भी भारत को डिजिटल भारत बनाने का प्रयास करेंगे।

अध्यापकः – उत्तमम्। किन्तु अस्माभिः ‘साङ्गणिक-सुरक्षा’-विषये अपि चिन्तनीयम्। अनेकविधाः साङ्गणिक-अपराधाः भवन्ति। जनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति।
भास्करः – एतस्मिन् विषये जनाः जागृताः भवेयुः तदर्थम् अपि उपायाः चिन्तनीयाः।
अध्यापकः – सत्यं कथितम्! अनेन प्रकारेण डिजिटल-क्रान्तौ भारतम् अग्रगण्यं राष्ट्रं भविष्यति।
सर्वे – कृतज्ञाः वयं गुरुवर! वयं डिजिटल-भारतं समृद्धं कर्तुं योगदानं करिष्यामः।

हिन्दी अर्थ: शिक्षक – उत्तम, लेकिन हमें 'साइबर सुरक्षा' के विषय में भी सोचना होगा। कई तरह के साइबर अपराध होते हैं। लोग प्रायः लालच या डर से साइबर अपराध के शिकार होते हैं। भास्कर – इस विषय में लोग जागरूक हों, इसके लिए भी उपाय सोचे जाने चाहिए। शिक्षक – सत्य कहा! इस प्रकार डिजिटल क्रांति में भारत अग्रणी राष्ट्र बनेगा।

(सर्वे मिलित्वा गायन्ति)

सर्वं विकसितं भाति डिजिटल-भारतेऽधुना ।
जीवनस्य च सौकर्यं सहसा लभते जनः ॥

हिन्दी भावार्थ: आज के डिजिटल भारत में सब कुछ विकसित और सुशोभित दिखाई दे रहा है, और प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में सरलता एवं सुगमता सहज ही प्राप्त हो रही है।

३. शब्दार्थ-सारणी (Word Meanings)

संस्कृत शब्दः हिन्दी अर्थः English Meaning
सङ्ग्रहालयःवस्तुसंग्रहालयMuseum
हॉलोग्राम्त्रिविम प्रतिमूर्ति (होलोग्राम)Hologram
वर्धिता वास्तविकतासंवर्धित वास्तविकताAugmented Reality (AR)
आभासीया वास्तविकताआभासी वास्तविकताVirtual Reality (VR)
कृत्रिमबुद्धिःकृत्रिम बुद्धिमत्ता (यांत्रिकी बुद्धि)Artificial Intelligence (AI)
डिजिटल-प्रक्षेपणम्डिजिटल प्रोजेक्शनDigital Projection
संवादःवार्तालाप / बातचीतConversation
प्रौद्योगिकीतन्त्रज्ञान / तकनीकTechnology
उत्सुकताजिज्ञासा / जानने की इच्छाCuriosity
भाषणम्प्रवचन / वक्तव्यSpeech
उपकरणानियंत्र / साधनDevices
अन्तर्जालम्इंटरनेट / संचार-जालInternet
योगदानम्सहयोगContribution
आशुप्रतिक्रियाकूटःत्वरित प्रतिक्रिया कोड (QR कोड)Quick Response Code (QR Code)
विस्तृतम्विस्तारपूर्वकDetailed
उपलब्धिःसिद्धि / प्राप्तिAchievement
दैनन्दिनजीवनम्दैनिक जीवन / रोज़मर्रा का जीवनDaily Life
शासनम्प्रशासन / गवर्नेंसGovernance
शिक्षणम्विद्या प्रदान करना / पठन-पाठनTeaching / Education
वित्तीयसमावेशनम्धनविषयक समावेशFinancial Inclusion
आधारपत्रम्पहचान-पत्र (आधार कार्ड)Identity Document
प्रमाणपत्रम्साक्ष्य-पत्र / सर्टिफिकेटCertificate
शुल्कम्टैक्स / फीसFee / Tax
त्वरयाशीघ्र / जल्दी सेQuickly
जनधनयोजनाएक वित्तीय समावेशन योजनाJan Dhan Financial Scheme
अनुदानम्सहायता राशि / दानGrant / Subsidy
शिक्षायाः माध्यमेनशिक्षण के उपाय सेThrough Education
प्रचारणीयःप्रचार करने योग्यWorth propagating
कृषिःखेती का कार्यAgriculture
वाणिज्यम्व्यापारTrade / Commerce
आजीविकाव्यवसाय / रोजगारEmployment / Occupation
साङ्गणिक-सुरक्षासाइबर सुरक्षा (इंटरनेट सुरक्षा)Cyber Security
डिजिटल-बन्धनम्डिजिटल अरेस्टDigital Arrest
डिजिटल-साक्षरताडिजिटल शिक्षा / ज्ञानDigital Literacy

४. अत्र इदम् अवधेयम् (व्याकरणम्)

१. क्त-प्रत्ययः (भूतकालिक कर्मवाच्य/भाववाच्य)

‘क्त’-प्रत्ययस्य प्रयोगः भूतकालार्थे कर्मवाच्ये भाववाच्ये च भवति। यदा ‘क्त’ प्रत्ययस्य प्रयोगः क्रियते तदा कर्तरि तृतीया कर्मणि च प्रथमा भवति। ('क्त' प्रत्यय का प्रयोग भूतकाल के अर्थ में कर्मवाच्य और भाववाच्य में होता है। इसमें कर्ता में तृतीया तथा कर्म में प्रथमा विभक्ति होती है।)

यथा – बालकः पाठं पठति (कर्तृवाच्यम्) ➔ बालकेन पाठः पठितः (कर्मवाच्यम्)।

धातु + क्त-प्रत्यय रूप-निर्माणम् (तीनों लिंगों में):

मूलधातुःपुंल्लिङ्गम्स्त्रीलिङ्गम्नपुंसकलिङ्गम्
युज्युक्तःयुक्तायुक्तम्
भूभूतःभूताभूतम्
विश्विष्टःविष्टाविष्टम्
दादत्तःदत्तादत्तम्
रक्ष्रक्षितःरक्षितारक्षितम्

२. शतृ-प्रत्ययः (वर्तमानकालिक कृदन्त)

‘शतृ’-प्रत्ययस्य प्रयोगः वर्तमानकाले कार्यं कुर्वन्तं जनं पदार्थं वा बोधयति। अस्य प्रयोगः केवलं परस्मैपदिभिः धातुभिः सह त्रिषु लिङ्गेषु भवति। ('शतृ' प्रत्यय वर्तमान काल में 'करते हुए' अर्थ को प्रकट करने के लिए परस्मैपद धातुओं के साथ प्रयुक्त होता है।)

रूपनिर्माणम् ➔ धातुः + शतृ = पठ् + शतृ = पठन् (पढ़ता हुआ)

मूलधातुःलट्-लकारःशतृ-प्रत्ययान्तं पदम् (पुं.)हिन्दी अर्थः
दृश्पश्यतिपश्यन्देखता हुआ
कृकरोतिकुर्वन्करता हुआ
ज्ञाजानातिजानन्जानता हुआ
इष्इच्छतिइच्छन्चाहता हुआ
गम्गच्छतिगच्छन्जाता हुआ

५. अभ्यासः (अभ्यासात् जायते सिद्धिः)

१. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत—

(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये कीदृशी प्रौद्योगिकी प्रयुक्ता अस्ति ?
डिजिटल-प्रौद्योगिकी

(ख) हॉलोग्राम-द्वारा कस्य भाषणं दृश्यते ?
प्रधानमन्त्रिणः

(ग) कस्याः प्रभावः दैनन्दिनजीवने दृश्यते ?
डिजिटल-योजनायाः

(घ) भारत-सर्वकारस्य महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना का अस्ति ?
डिजिटल-भारतम्

(ङ) ‘फ़ास्टॅग्’ इत्यस्य उपयोगेन कस्य सङ्ग्रहणं भवति ?
मार्गशुल्कस्य

२. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत—

(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये काः डिजिटल-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति ?
प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम्, वर्धिता-वास्तविकता (AR), आभासीया-वास्तविकता (VR), कृत्रिमबुद्धि-आधारितं संवादयन्त्रं, डिजिटल-प्रक्षेपण-चलच्चित्रम् इत्यादयः प्रदर्शिताः सन्ति।

(ख) जनाः किमर्थं साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति ?
जनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति।

(ग) यशिका ‘डिजि-लॉकर’ इत्यस्य उपयोगं कथं करोति ?
यशिका स्वस्य आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च सुरक्षितं कर्तुं डिजि-लॉकर इत्यस्य उपयोगं करोति।

(घ) डिजिटल-भारतस्य वित्तीयसमावेशने काः योजनाः सन्ति ?
डिजिटल-भारतस्य वित्तीयसमावेशने यूपीआई, रूपे-कार्ड्, जनधनयोजना इत्यादयः साधनानि/योजनाः सन्ति।

(ङ) डिजिटल-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे केषां पटलानाम् उपयोगः करणीयः ?
शिक्षायाः क्षेत्रे ‘दीक्षा’, ‘स्वयम्’, ‘स्वयं-प्रभा’, ‘ई-पाठशाला’, ‘निष्ठा’, ‘पीएम-ई-विद्या’ इत्यादीनां पटलानाम् उपयोगः करणीयः।

(च) ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल-सेवानां समस्या कथं निराकर्तुं शक्यते ?
सर्वकारेण उच्चगतेः अन्तर्जालस्य उत्तरोत्तरं विस्तारेण ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल-सेवानां समस्या निराकर्तुं शक्यते।

३. अधः दत्तान् शब्दान् सम्यक् संयोजयत (स्तम्भ-मेलनम्)—

क. हॉलोग्राम् ➔ त्रिविम-प्रतिमूर्तिः / प्रत्यक्षभाषणदृश्यम्

ख. यूपीआई (UPI) ➔ शीघ्रं, सुरक्षितं, सुगमं च डिजिटल-धनदेय-प्रत्यर्पणम्

ग. डिजि-लॉकर् ➔ डिजिटल-प्रमाणपत्रम् (सुरक्षित-प्रलेख-संग्रहः)

घ. फ़ास्टॅग् (FASTag) ➔ राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं सङ्ग्रहणम्

ङ. वीआर (VR) ➔ आभासीया-वास्तविकता

४. मञ्जूषातः शब्दान् चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत—
(मञ्जूषा: यूपीआई, दीक्षा, प्रधानमन्त्रिणः भाषणं, स्वचालितं पारदर्शकं च, जीवन-)

(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम-द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं दृश्यते।

(ख) डिजिटल-भारतस्य आर्थिकसमावेशनं सुगमं कर्तुं यूपीआई प्रणाली अस्ति।

(ग) डिजिटल-शासनं स्वचालितं पारदर्शकं च सेवां प्रददाति।

(घ) डिजिटल-भारतस्य शिक्षाक्षेत्रे दीक्षा नाम डिजिटल-शैक्षिकमञ्चः अस्ति।

(ङ) भारतस्य डिजिटल-परिवर्तनं सर्वाणि जीवन- क्षेत्राणि स्पृशति।

५. पाठे आगतानां पदानाम् आधारेण वर्गचित्र-जाले अन्वेषणम्—

डिजिलॉकर, यूपीआई, प्रौद्योगिकी, स्वयं-प्रभा, कृत्रिमबुद्धिः, फास्टॅग्, दीक्षा, कोविन, ई-नाम, वाणिज्यम्

६. अधोलिखितान् शब्दान् वर्गद्वये विभजत—

(अन्तर्जालम्, शिक्षिका, सङ्गणकः, विद्यालयः, ई-पत्रम्, पाठ्यपुस्तकम्, डिजिटल, लेखनी)

💻 सङ्गणकसम्बद्धाः: अन्तर्जालम्, सङ्गणकः, ई-पत्रम्, डिजिटल।

📚 असङ्गणकसम्बद्धाः: शिक्षिका, विद्यालयः, पाठ्यपुस्तकम्, लेखनी।

७. शुद्धं (✓) अशुद्धं (✗) इति चिह्नीकुरुत—

(क) हॉलोग्राम् कृत्रिमबुद्धेः एकः प्रकारः अस्ति। ➔ ( ✗ )

(ख) वर्धित-वास्तविकतायाः उपयोगिता ऐतिहासिक-घटनानां प्रत्यक्षानुभवाय अस्ति। ➔ ( ✓ )

(ग) डिजिटल-प्रक्षेपण-मानचित्रं भारतस्य विकासयात्रां प्रदर्शयति। ➔ ( ✓ )

(घ) फ़ास्टॅग् इति राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं सङ्ग्रहणं करोति। ➔ ( ✓ )

(ङ) डिजी-लॉकर इत्यस्य माध्यमेन केवलम् आधार-पत्रं सुरक्षितुं शक्यते। ➔ ( ✗ )

(च) भारतस्य डिजिटल-परिवर्तनं केवलं शासने प्रभावं करोति, नागरिकजीवने न। ➔ ( ✗ )

(छ) उमङ्ग्, माय्-गव्, जेम् इत्यादयः ई-शासन-मञ्चाः सन्ति। ➔ ( ✓ )

८. अव्यवस्थितान् वर्णान् व्यवस्थितरूपेण लिखत—

(क) कसङ्गणम् ➔ सङ्गणकम्

(ख) कार्वसरः ➔ सर्वकारः

(ग) लयःविद्या ➔ विद्यालयः

(घ) जिकडिलॉर् ➔ डिजिलॉकर

(ङ) शक्तसमु् ➔ सुशक्तम्

९. अधोलिखितं परिच्छेदं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत—

“अद्यतने विज्ञानयुगे सर्वे मनुष्याः डिजिटल-प्रौद्योगिक्याः प्रयोगं कुर्वन्ति। जनाः अन्तर्जालस्य, सचलदूरवाण्याः, सङ्गणकस्य च साहाय्येन शीघ्रं कार्याणि सम्पादयन्ति। विद्यार्थिनः अपि ई-अधिगम-प्रणालीं स्वीकृत्य ज्ञानं वर्धयन्ति।”

(क) अद्यतनं युगं कीदृशम् अस्ति ?
अद्यतनं युगं विज्ञानयुगम् अस्ति।

(ख) मानवाः केषां साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति ?
मानवाः अन्तर्जालस्य, सचलदूरवाण्याः, सङ्गणकस्य च साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति।

(ग) ई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं के कुर्वन्ति ?
ई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं विद्यार्थिनः कुर्वन्ति।

६. योग्यताविस्तरः / परियोजनाकार्यम्

क्षेत्रानुसारं भारते डिजिटल-प्रगतिः

१. शिक्षाक्षेत्रम्: दीक्षामञ्चः (DIKSHA), ई-पाठशाला (ePathshala), स्वयं (SWAYAM), स्वयं-प्रभा, निष्ठा (NISHTHA), पीएम-ई-विद्या।
२. वित्तं विनिमयः च: यूपीआई (UPI), भीम-एप (BHIM), रूपे-कार्ड् (RuPay), ई-रूपी (e-RUPI), जनधन-आधार-दूरवाणी (JAM Trinity)।
३. आरोग्यम्: आयुष्मान-भारत डिजिटल मिशन (ABDM), कोविन (CoWIN), ई-संजीवनी।
४. शासनम्: डिजि-लॉकर (DigiLocker), माय-गव (MyGov), उमंग (UMANG), ई-डिस्ट्रिक्ट (eDistrict)।
५. कृषिक्षेत्रम्: ई-नाम (eNAM), पीएम-किसान (PM-KISAN), किसान सुविधा।
६. आजीविका-निपुणता: नेशनल करियर सर्विस, स्किल इंडिया डिजिटल (Skill India Digital)।
७. न्यायव्यवस्था: ई-न्यायालयः (eCourts), राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (NJDG)।
८. सुरक्षा च: सीसीटीएनएस (CCTNS - Crime and Criminal Tracking Network & Systems)।
९. कर-प्रणाली: वस्तु एवं सेवा कर पोर्टल (GST Portal), जेम पोर्टल (GeM)।


भारतीय-ज्ञान-परम्परा (प्राचीनं सङ्गणक-मूलम्):

छन्दःशास्त्रम् (पिङ्गलाचार्यः): पिङ्गलाचार्य के छन्दःशास्त्र में द्वि-आधारी अंक प्रणाली (Binary Number System) का निरूपण मिलता है।
आर्यभटीयम् (आर्यभटः): आर्यभट द्वारा प्रतिपादित दशमलव संख्या पद्धति (Decimal System) एवं स्थानीय मान गणना पद्धति (Place-Value Notation) ही आधुनिक कंप्यूटर गणना के मूलाधार हैं।

परियोजनाकार्यम्

१. प्रधानमंत्री संग्रहालय की वेबसाइट (www.pmsangrahalaya.gov.in) पर जाकर वर्चुअल टूर (आभासी भ्रमण) करें तथा भारत के डिजिटल विकास का वर्णन करें।

२. छात्र समूहों में विभक्त होकर डिजिटल भारत की किसी एक प्रमुख योजना पर कक्षा में प्रस्तुति दें।

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