ॐ नमः शिवाय! 🙏
सनातन धर्म में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) को सबसे श्रेष्ठ और प्रभावशाली माना गया है। स्कंद पुराण के अनुसार, जो भी भक्त प्रदोष काल (Pradosh Kaal) में महादेव की आराधना करता है, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
क्या आप भी आने वाले साल 2026 में Pradosh Vrat Dates की सही जानकारी ढूंढ रहे हैं? तो चिंता न करें! Bhagwat Darshan आपके लिए लेकर आया है सम्पूर्ण कैलेंडर।
📅 प्रदोष व्रत कैलेंडर 2026 (तारीख वार)
| माह (Month) | तारीख (Date) | दिन (Day) | प्रदोष का प्रकार |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 01 Jan | गुरुवार | गुरु प्रदोष |
| 16 Jan | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष | |
| 30 Jan | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष | |
| फरवरी | 14 Feb | शनिवार | शनि प्रदोष 🌟 |
| मार्च | 01 Mar | रविवार | रवि प्रदोष |
| 16 Mar | सोमवार | सोम प्रदोष 🌙 | |
| 30 Mar | सोमवार | सोम प्रदोष 🌙 | |
| अप्रैल | 15 Apr | बुधवार | बुध प्रदोष |
| 28 Apr | मंगलवार | भौम प्रदोष 🔥 | |
| मई | 14 May | गुरुवार | गुरु प्रदोष |
| 28 May | गुरुवार | गुरु प्रदोष | |
| जून | 12 June | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष |
| 27 June | शनिवार | शनि प्रदोष 🌟 | |
| जुलाई | 12 July | रविवार | रवि प्रदोष |
| 26 July | रविवार | रवि प्रदोष | |
| अगस्त | 10 Aug | सोमवार | सोम प्रदोष 🌙 |
| 25 Aug | मंगलवार | भौम प्रदोष 🔥 | |
| सितंबर | 08 Sep | मंगलवार | भौम प्रदोष 🔥 |
| 24 Sep | गुरुवार | गुरु प्रदोष | |
| अक्टूबर | 08 Oct | गुरुवार | गुरु प्रदोष |
| 23 Oct | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष | |
| नवंबर | 06 Nov | शुक्रवार | शुक्र प्रदोष |
| 22 Nov | रविवार | रवि प्रदोष | |
| दिसंबर | 06 Dec | रविवार | रवि प्रदोष |
| 21 Dec | सोमवार | सोम प्रदोष 🌙 |
🕉️ प्रदोष व्रत 2026 (हिंदी पंचांग अनुसार)
| तारीख | दिन | हिंदी माह और पक्ष | प्रदोष |
|---|---|---|---|
| 01 जनवरी | गुरुवार | पौष शुक्ल पक्ष | गुरु प्रदोष |
| 16 जनवरी | शुक्रवार | माघ कृष्ण पक्ष | शुक्र प्रदोष |
| 30 जनवरी | शुक्रवार | माघ शुक्ल पक्ष | शुक्र प्रदोष |
| 14 फरवरी | शनिवार | फाल्गुन कृष्ण पक्ष | शनि प्रदोष 🌟 |
| 01 मार्च | रविवार | फाल्गुन शुक्ल पक्ष | रवि प्रदोष |
| 16 मार्च | सोमवार | चैत्र कृष्ण पक्ष | सोम प्रदोष 🌙 |
| 30 मार्च | सोमवार | चैत्र शुक्ल पक्ष | सोम प्रदोष 🌙 |
| 15 अप्रैल | बुधवार | वैशाख कृष्ण पक्ष | बुध प्रदोष |
| 28 अप्रैल | मंगलवार | वैशाख शुक्ल पक्ष | भौम प्रदोष 🔥 |
| 14 मई | गुरुवार | ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष | गुरु प्रदोष |
| 28 मई | गुरुवार | ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष | गुरु प्रदोष |
| 12 जून | शुक्रवार | आषाढ़ कृष्ण पक्ष | शुक्र प्रदोष |
| 27 जून | शनिवार | आषाढ़ शुक्ल पक्ष | शनि प्रदोष 🌟 |
| 12 जुलाई | रविवार | श्रावण कृष्ण पक्ष | रवि प्रदोष |
| 26 जुलाई | रविवार | श्रावण शुक्ल पक्ष | रवि प्रदोष |
| 10 अगस्त | सोमवार | भाद्रपद कृष्ण पक्ष | सोम प्रदोष 🌙 |
| 25 अगस्त | मंगलवार | भाद्रपद शुक्ल पक्ष | भौम प्रदोष 🔥 |
| 08 सितंबर | मंगलवार | आश्विन कृष्ण पक्ष | भौम प्रदोष 🔥 |
| 24 सितंबर | गुरुवार | आश्विन शुक्ल पक्ष | गुरु प्रदोष |
| 08 अक्टूबर | गुरुवार | कार्तिक कृष्ण पक्ष | गुरु प्रदोष |
| 23 अक्टूबर | शुक्रवार | कार्तिक शुक्ल पक्ष | शुक्र प्रदोष |
| 06 नवंबर | शुक्रवार | मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष | शुक्र प्रदोष |
| 22 नवंबर | रविवार | मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष | रवि प्रदोष |
| 06 दिसंबर | रविवार | पौष कृष्ण पक्ष | रवि प्रदोष |
| 21 दिसंबर | सोमवार | पौष शुक्ल पक्ष | सोम प्रदोष 🌙 |
🌺 प्रदोष काल का शास्त्रीय महत्व
प्रदोष व्रत में ‘प्रदोष काल’ (सूर्यास्त के समय) की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इस समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं, और भक्तों की मनोकामनाएँ शीघ्र पूर्ण होती हैं।
1️⃣ आवश्यक पूजा सामग्री
🔹 अभिषेक हेतु
- गंगाजल, कच्चा दूध
- दही, घी, शहद
- चीनी (पंचामृत)
🔹 अर्पण हेतु
- बेलपत्र (सर्वाधिक महत्वपूर्ण)
- धतूरा, भांग, मदार पुष्प
- चंदन, अक्षत, जनेऊ
2️⃣ प्रदोष व्रत पूजा विधि (सरल विधि)
- प्रातः काल: सूर्योदय से पूर्व स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। दिन भर "ॐ नमः शिवाय" का मानसिक जाप करें।
- संध्या काल (प्रदोष काल): सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व पुनः स्नान करें।
- अभिषेक: शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करें और चंदन का लेप लगाएं।
- बेलपत्र अर्पण: बेलपत्र की चिकनी सतह पर चंदन लगाकर, डंडी अपनी ओर रखते हुए अर्पित करें।
- आरती: अंत में कपूर और घी के दीपक से शिव जी की आरती करें।
📿 सिद्ध शिव मंत्र (Mantras)
मूल मंत्र
|| ॐ नमः शिवाय ||बेलपत्र अर्पण मंत्र
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्।त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥
क्षमा प्रार्थना
आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥
📌 किस प्रदोष से क्या फल मिलता है?
| प्रदोष का नाम | मनोकामना पूर्ति (Labh) |
|---|---|
| रवि प्रदोष | अच्छी सेहत और लंबी उम्र |
| सोम प्रदोष | मन की शांति और इच्छा पूर्ति |
| भौम प्रदोष | कर्ज मुक्ति (Debt Relief) और रोग नाश |
| बुध प्रदोष | बुद्धि, शिक्षा और संतान उन्नति |
| गुरु प्रदोष | शत्रु नाश और सफलता |
| शुक्र प्रदोष | सुखी दांपत्य जीवन और सौभाग्य |
| शनि प्रदोष | संतान प्राप्ति और नौकरी में तरक्की |
✅ शनि प्रदोष (संतान प्राप्ति): 14 फरवरी, 27 जून
✅ सोम प्रदोष (मन की शांति): 16 मार्च, 30 मार्च, 10 अगस्त, 21 दिसंबर
✅ भौम प्रदोष (कर्ज मुक्ति): 28 अप्रैल, 25 अगस्त, 08 सितंबर
— 'Bhagwat Darshan' की ओर से आपको मंगलमय शुभकामनाएं —
