अव्यय: च (Cha)

Sooraj Krishna Shastri
By -
0

अव्यय: च (Cha)

सूत्र: "चार्थे द्वन्द्वः" (2.2.29) अर्थ: संस्कृत में 'च' एक निपात (अव्यय) है।
इसका प्रयोग 'समुच्चय' (जोड़ने) के लिए किया जाता है।
हिन्दी में इसका अर्थ 'और' (And) या 'भी' होता है।
💡 प्रयोग का विशेष नियम (Golden Rule):
हिन्दी और अंग्रेजी में 'और/And' दो शब्दों के बीच में आता है (राम और श्याम)।
लेकिन संस्कृत में 'च' हमेशा अंतिम शब्द के बाद आता है।
❌ गलत: रामः च लक्ष्मणः
✅ सही: रामः लक्ष्मणः

विस्तृत उदाहरण (20+ Examples)

यहाँ 'च' के 20 से अधिक महत्वपूर्ण प्रयोग दिए गए हैं:
👥 A. दो नामों/संज्ञाओं के साथ
संस्कृत वाक्य हिन्दी अनुवाद
1रामः लक्ष्मणः गच्छतः। राम और लक्ष्मण जाते हैं।
2माता पिता पूजनीयौ। माता और पिता पूजनीय हैं।
3सूर्यः चन्द्रः आकाशे स्तः। सूर्य और चन्द्रमा आकाश में हैं।
4सुखं दुःखं चक्रवत्। सुख और दुःख पहिये के समान हैं।
5वायुः जलं आवश्यकम्। वायु और जल आवश्यक हैं।
6त्वं अहम् पठावः। तुम और मैं पढ़ते हैं।
7गुरुः शिष्यः वदतः। गुरु और शिष्य बोलते हैं।
8सत्यं अहिंसा परमः धर्मः। सत्य और अहिंसा परम धर्म हैं।
🏃 B. दो क्रियाओं/विशेषणों के साथ
संस्कृत वाक्य हिन्दी अनुवाद
9बालकः पठति लिखति बालक पढ़ता है और लिखता है।
10सा हसति वदति वह हँसती है और बोलती है।
11अहं खादामि पिबामि मैं खाता हूँ और पीता हूँ।
12वानराः कूर्दन्ति धावन्ति बंदर कूदते हैं और दौड़ते हैं।
13कृष्णः श्वेतः वर्णः। काला और सफेद रंग।
14शीतं उष्णं ठंडा और गर्म।
📜 C. समूह और साहित्यिक प्रयोग
संस्कृत वाक्य हिन्दी अनुवाद
15पत्रं पुष्पं फलं आनय। पत्ता, फूल और फल लाओ।
16अत्र तत्र पश्य। यहाँ और वहाँ देखो।
17अद्य श्वः अवकाशः अस्ति। आज और कल छुट्टी है।
18त्वमेव माता पिता त्वमेव। तुम ही माता हो और तुम ही पिता हो।
19न मे द्वेष्योऽस्ति न प्रियः न मेरा कोई द्वेषी (दुश्मन) है और न कोई प्रिय।
20यशः विद्या वर्धते। यश और विद्या बढ़ती है।
⚠️ सावधानी:
कभी भी वाक्य की शुरुआत 'च' से न करें।
(जैसे: "च रामः गच्छति" - यह पूर्णतः अशुद्ध है।)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!