उच्चैः अव्यय (Ucchaih)
सूत्र: "स्वरादिनिपातमव्ययम्" (1.1.37)
व्याख्या: पाणिनीय व्याकरण में शब्दों का एक समूह है जिसे 'स्वरादि-गण' कहते हैं।
इस सूची में 'उच्चैः' दूसरे स्थान पर आता है (स्वर्, उच्चैः, नीचैः...)।
अतः सूत्र के अनुसार इसकी 'अव्यय संज्ञा' होती है।
इस सूची में 'उच्चैः' दूसरे स्थान पर आता है (स्वर्, उच्चैः, नीचैः...)।
अतः सूत्र के अनुसार इसकी 'अव्यय संज्ञा' होती है।
हिन्दी अर्थ:
- 🔊 जोर से (Loudly) - ध्वनि के सन्दर्भ में।
- 🏔️ ऊँचा (High/Above) - स्थान या पद के सन्दर्भ में।
विलोम शब्द (Comparison)
⬆️ उच्चैः
(ऊँचा / जोर से)
(ऊँचा / जोर से)
⬇️ नीचैः
(नीचा / धीरे)
(नीचा / धीरे)
उदाहरण: "चक्रवत् परिवर्तन्ते दुःखानि च सुखानि च।"
विस्तृत उदाहरण (20+ Examples)
यहाँ विभिन्न सन्दर्भों में 'उच्चैः' के 20 से अधिक वाक्य प्रयोग दिए गए हैं:
🔊 A. ध्वनि के अर्थ में (Loudly)
| संस्कृत वाक्य | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| 1सिंहः वने उच्चैः गर्जति। | शेर वन में जोर से गरजता है। |
| 2भो बालक! उच्चैः मा वद। | हे बालक! जोर से मत बोलो। |
| 3मेघाः आकाशे उच्चैः गर्जन्ति। | बादल आकाश में जोर से गरजते हैं। |
| 4सः उच्चैः हसति। | वह जोर से हँसता है। |
| 5शिक्षकः छात्रम् उच्चैः आह्वयति। | शिक्षक छात्र को जोर से बुलाते हैं। |
| 6श्वानाः (कुक्कुराः) उच्चैः बुक्कन्ति। | कुत्ते जोर से भौंक रहे हैं। |
| 7गायकः गीतम् उच्चैः गायति। | गायक गीत जोर से (ऊँचे स्वर में) गाता है। |
| 8शिशुः बुभुक्षया उच्चैः रोदिति। | बच्चा भूख से जोर से रोता है। |
| 9त्वम् इमं पाठम् उच्चैः पठ। | तुम इस पाठ को जोर से पढ़ो। |
| 10मन्दिरे घण्टाः उच्चैः नदन्ति। | मंदिर में घंटियाँ जोर से बजती हैं। |
🏔️ B. ऊँचाई व पद के अर्थ में (High/Noble)
| संस्कृत वाक्य | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| 11सः उच्चैः कुले जातः अस्ति। | वह ऊँचे (महान) कुल में जन्मा है। |
| 12पर्वतस्य शिखरम् उच्चैः अस्ति। | पर्वत का शिखर बहुत ऊँचा है। |
| 13तस्य भवने ध्वजः उच्चैः उड्डयते। | उसके भवन पर झंडा ऊँचा फहरा रहा है। |
| 14वृक्षः उच्चैः वर्तते। | वृक्ष ऊँचा है। |
| 15विद्वान सर्वत्र उच्चैः पूज्यते। | विद्वान सब जगह ऊँचे (सम्मान) से पूजे जाते हैं। |
| 16मम विचारः उच्चैः स्यात्। | मेरे विचार ऊँचे होने चाहिए। |
📜 C. साहित्यिक व अन्य प्रयोग
| संस्कृत वाक्य | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| 17इन्द्रस्य अश्वः उच्चैःश्रवाः अस्ति। | इन्द्र का घोड़ा उच्चैःश्रवा (जिसके कान ऊँचे हैं/जो ऊँचा सुनता है) है। |
| 18सूर्यः गगने उच्चैः तपति। | सूर्य आकाश में प्रखरता से (तेज) चमकता है। |
| 19नगरस्य प्राचीरम् उच्चैः निर्मितम्। | नगर की दीवार ऊँची बनाई गई है। |
| 20सभायां सः उच्चैः घोषणां चकार। | सभा में उसने जोर से घोषणा की। |
⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी:
'उच्चैः' के अंत में विसर्ग (ः) लगा है, इसे देखकर इसे रामः (प्रथमा विभक्ति) या हरिः जैसा न समझें।
यह विसर्ग स्थायी है और कभी हटता नहीं है (अव्यय होने के कारण)।
'उच्चैः' के अंत में विसर्ग (ः) लगा है, इसे देखकर इसे रामः (प्रथमा विभक्ति) या हरिः जैसा न समझें।
यह विसर्ग स्थायी है और कभी हटता नहीं है (अव्यय होने के कारण)।
