शोध प्रबन्ध एवं आलेख लेखन फार्मेट और संदर्भ की शैली

Sooraj Krishna Shastri
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शोध प्रबन्ध एवं आलेख लेखन फार्मेट और संदर्भ की शैली

शोध प्रबंध (Thesis) और आलेख (Article) लेखन अकादमिक जगत का एक अनिवार्य हिस्सा है। सही प्रारूप (Format) और संदर्भ शैली (Referencing Style) के बिना कोई भी शोध कार्य पूर्ण नहीं माना जाता।

भाग 1: शोध प्रबंध (Thesis/Dissertation) का प्रारूप

शोध प्रबंध एक विस्तृत दस्तावेज़ है जो एम.ए., एम.फिल. या पीएच.डी. के लिए तैयार किया जाता है। इसके मुख्य भाग निम्नलिखित हैं:

(क) प्रारंभिक पृष्ठ (Preliminary Pages)

  1. शीर्षक पृष्ठ (Title Page): शोध का शीर्षक, शोधकर्ता का नाम, विभाग, विश्वविद्यालय और वर्ष।
  2. स्वीकृति पृष्ठ (Approval Page): गाइड और विभागाध्यक्ष के हस्ताक्षर।
  3. घोषणा पत्र (Declaration): मौलिकता की शपथ (Anti-plagiarism statement)।
  4. आभार व्यक्तव्य (Acknowledgment): सहयोगियों को धन्यवाद।
  5. सारांश (Abstract): शोध का निचोड़ (250-300 शब्द)।
  6. सामग्री सूची (Table of Contents): अध्यायों का विवरण।

(ख) मुख्य भाग (Main Body)

  1. भूमिका (Introduction): समस्या का परिचय, उद्देश्य और शोध प्रश्न।
  2. साहित्य समीक्षा (Literature Review): पूर्व कार्यों का विश्लेषण और 'Research Gap' खोजना।
  3. शोध पद्धति (Research Methodology): डेटा संग्रह और विश्लेषण की विधि।
  4. परिणाम एवं विश्लेषण (Results & Analysis): डेटा की व्याख्या और सांख्यिकीय परीक्षण।
  5. निष्कर्ष और सुझाव (Conclusion): अंतिम परिणाम और भविष्य के लिए सुझाव।
  6. संदर्भ सूची (Bibliography): उपयोग किए गए स्रोतों की सूची।
  7. परिशिष्ट (Appendices): प्रश्नावली, अतिरिक्त डेटा आदि।

भाग 2: शोध आलेख (Research Paper) का प्रारूप

शोध आलेख संक्षिप्त होता है और इसे जनरल्स (Journals) या सम्मेलनों के लिए लिखा जाता है। इसका मानक प्रारूप इस प्रकार है:

  1. शीर्षक (Title): संक्षिप्त और आकर्षक।
  2. लेखक विवरण (Affiliation): नाम और संस्थान।
  3. सारांश (Abstract): 150-250 शब्दों में पूरा सार।
  4. प्रमुख शब्द (Keywords): 3 से 7 शब्द (SEO और सर्च के लिए)।
  5. परिचय (Introduction): उद्देश्य और पृष्ठभूमि।
  6. शोध पद्धति (Methodology): कैसे किया गया?
  7. परिणाम और चर्चा (Results & Discussion): क्या मिला और उसका क्या अर्थ है?
  8. निष्कर्ष (Conclusion): अंतिम विचार।
  9. संदर्भ (References): स्रोत सूची।

भाग 3: संदर्भ शैली (Referencing Styles)

शोध में स्रोतों को उद्धृत (Cite) करने के अलग-अलग नियम होते हैं। प्रमुख शैलियाँ नीचे दी गई हैं:

1. एपीए शैली (APA Style - American Psychological Association) सामाजिक विज्ञान (Social Sciences) में सर्वाधिक प्रचलित।

पुस्तक:
Sharma, R. (2020). Sanskrit Sahitya ka Itihas. New Delhi: Motilal Banarsidass.

जर्नल:
Verma, S. (2018). The Concept of Rasa. Indian Journal of Philosophy, 45(2), 34-50.
2. एमएलए शैली (MLA Style - Modern Language Association) साहित्य और मानविकी (Humanities) में उपयोगी।

पुस्तक:
Sharma, Ramesh. Sanskrit Vyakaran Ka Swaroop. New Delhi: Sahitya Bhawan, 2020.

जर्नल:
Verma, Sumit. "The Concept of Acting." Bharatiya Natya Adhyayan, vol. 45, no. 2, 2018, pp. 34-50.
3. शिकागो शैली (Chicago Style) इतिहास और कला में प्रयोग होती है।

पुस्तक:
Sharma, Ramesh. Sanskrit Vyakaran Ka Swaroop. New Delhi: Sahitya Bhawan, 2020.
4. हार्वर्ड शैली (Harvard Style) यूके और ऑस्ट्रेलिया में अधिक प्रचलित।

पुस्तक:
Sharma, R. (2020) Sanskrit Sahitya ka Itihas. New Delhi: Motilal Banarsidass.

निष्कर्ष

शोध लेखन में प्रारूप का पालन करना अनुशासन का प्रतीक है। सही संदर्भ शैली का उपयोग न केवल साहित्यिक चोरी (Plagiarism) से बचाता है, बल्कि आपके शोध को विश्वसनीयता (Credibility) भी प्रदान करता है।

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