॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥
श्रीमद्भागवत महापुराण: भगवान श्रीकृष्ण की गोकुल, ब्रज और वृन्दावन लीला
दशम स्कंध (पूर्वार्ध) पर आधारित विस्तृत कथा अनुक्रमणिका
- पृथ्वी की पुकार, कंस का अत्याचार और भगवान का अवतार
- श्रीकृष्ण जन्म, वसुदेव द्वारा गोकुल प्रस्थान और योगमाया
- नन्द भवन में आनंद: नन्द महोत्सव (बधाई) का दिव्य दर्शन
- पूतना वध, शकटासुर भंजन और तृणावर्त (बवंडर) का अंत
- गर्ग मुनि द्वारा नामकरण और घुटनों के बल चलने की लीला
- गोकुल में श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला का अद्भुत दर्शन
दशम स्कंध (पूर्वार्ध)
- माटी भक्षण और माता यशोदा को मुख में ब्रह्मांड दर्शन
- दामोदर लीला: ऊखल-बंधन और यमलार्जुन (नलकूबर-मणिग्रीव) उद्धार
- गोकुल का त्याग, वृन्दावन प्रवेश और वत्सासुर-बकासुर वध
- अघासुर वध (अजगर लीला) और वन-विहार का आनंद
- ब्रह्मा-विमोहन लीला: ब्रह्मा जी का मोह और भगवान की माया
दशम स्कंध (पूर्वार्ध)
- तालवन प्रवेश, धेनुकासुर वध और प्रलम्बासुर का अंत
- कालिया दमन: कालिया नाग के फन पर नटवर का नृत्य
- दावानल पान (जंगल की आग पीना) और वर्षा-शरद ऋतु वर्णन
- वेणुगीत: भगवान की वंशी-ध्वनि और गोपियों की भाव-समाधि
- इन्द्र पूजा का विरोध और श्री गोवर्धन धारण लीला
- इन्द्र का गर्व-भंग, कामधेनु द्वारा अभिषेक और वरुण-लोक दर्शन
दशम स्कंध (पूर्वार्ध)
- चीर हरण लीला: कात्यायनी व्रत का फल और गोपियों पर कृपा
- यज्ञपत्नियों (ब्राह्मण पत्नियों) पर कृपा और उनका उद्धार
- महारास का आरम्भ, भगवान का अन्तर्धान और गोपियों की व्याकुलता
- गोपीगीत: विरह में गोपियों का करुण क्रंदन और अत्यंत भावपूर्ण स्तुति
- श्रीकृष्ण का पुनः प्राकट्य, महारास की पूर्णता और युगलगीत
- विद्याधर का उद्धार और शंखचूड़ (यक्ष) का वध
दशम स्कंध (पूर्वार्ध)
- अरिष्टासुर (बैल), केशी (अश्व) और व्योमासुर का वध
- अक्रूर जी का ब्रज आगमन और मथुरा प्रस्थान (गोपियों का महा-विरह)
- मथुरा प्रवेश: धोबी का वध, सुदामा माली और कुब्जा का उद्धार
- कंस वध, उग्रसेन का राज्याभिषेक और सांदीपनि आश्रम में विद्या-ग्रहण
- उद्धव जी का ब्रज आगमन, नन्द-यशोदा को सांत्वना और 'भ्रमरगीत'
दशम स्कंध (पूर्वार्ध)

