अनीयर प्रत्यय (Anīyar Pratyaya)
अर्थ: इसका प्रयोग 'चाहिए' या 'योग्य' अर्थ में होता है।
जैसे: पठनीयम् (पढ़ना चाहिए / पढ़ने योग्य), दर्शनीयम् (देखने योग्य)।
जैसे: पठनीयम् (पढ़ना चाहिए / पढ़ने योग्य), दर्शनीयम् (देखने योग्य)।
⚠ महत्वपूर्ण नियम (कर्मवाच्य):
'अनीयर' प्रत्यय से बने शब्दों का प्रयोग **कर्मवाच्य (Passive Voice)** में होता है।
इसलिए, कर्ता में **तृतीया विभक्ति** (मया, रामेण) लगती है और क्रिया **कर्म (Object)** के अनुसार बदलती है।
'अनीयर' प्रत्यय से बने शब्दों का प्रयोग **कर्मवाच्य (Passive Voice)** में होता है।
इसलिए, कर्ता में **तृतीया विभक्ति** (मया, रामेण) लगती है और क्रिया **कर्म (Object)** के अनुसार बदलती है।
1. रूप बनाने के नियम (Rules)
- शेष (Formula): धातु के अंत में 'र्' का लोप हो जाता है और 'अनीय' (anīya) शेष बचता है।
- तीनों लिंग: विशेषण होने के कारण इसके रूप तीनों लिंगों में चलते हैं:
- पुल्लिंग: 'अनीयः' (पठनीयः) - रामवत्
- स्त्रीलिंग: 'अनीया' (पठनीया) - लतावत्
- नपुंसकलिग: 'अनीयम्' (पठनीयम्) - फलवत्
2. उदाहरण तालिका (Examples)
| धातु | पुल्लिंग (Male) | स्त्रीलिंग (Female) | नपुंसकलिग | अर्थ (Hindi) |
|---|---|---|---|---|
| पठ् | पठनीयः | पठनीया | पठनीयम् | पढ़ना चाहिए / पढ़ने योग्य |
| गम् | गमनीयः | गमनीया | गमनीयम् | जाना चाहिए |
| दृश् (दर्शन) | दर्शनीयः | दर्शनीया | दर्शनीयम् | देखने योग्य |
| कृ (करण) | करणीयः | करणीया | करणीयम् | करना चाहिए |
| पा (पान) | पानीयः | पानीया | पानीयम् | पीने योग्य |
| लिख् (लेखन) | लेखनीयः | लेखनीया | लेखनीयम् | लिखना चाहिए |
| पू (पावन) | पावनीयः | पावनीया | पावनीयम् | पवित्र करने योग्य |
| श्रु (श्रवण) | श्रवणीयः | श्रवणीया | श्रवनीयम् | सुनने योग्य |
3. वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)
1. मया ग्रन्थः पठनीयः।
(मेरे द्वारा ग्रंथ पढ़ा जाना चाहिए।) - ग्रन्थः (पुल्लिंग) के अनुसार 'पठनीयः' आया।
2. मया गीता पठनीया।
(मेरे द्वारा गीता पढ़ी जानी चाहिए।) - गीता (स्त्रीलिंग) के अनुसार 'पठनीया' आया।
3. मया पुस्तकं पठनीयम्।
(मेरे द्वारा पुस्तक पढ़ी जानी चाहिए।) - पुस्तकं (नपुंसकलिग) के अनुसार 'पठनीयम्' आया।
(मेरे द्वारा ग्रंथ पढ़ा जाना चाहिए।) - ग्रन्थः (पुल्लिंग) के अनुसार 'पठनीयः' आया।
2. मया गीता पठनीया।
(मेरे द्वारा गीता पढ़ी जानी चाहिए।) - गीता (स्त्रीलिंग) के अनुसार 'पठनीया' आया।
3. मया पुस्तकं पठनीयम्।
(मेरे द्वारा पुस्तक पढ़ी जानी चाहिए।) - पुस्तकं (नपुंसकलिग) के अनुसार 'पठनीयम्' आया।
