अनुस्वार सन्धि (Anusvāra Sandhi)
1. पाणिनीय सूत्र (Sutra)
सूत्र: मोऽनुस्वारः (८.३.२३)
अर्थ: यदि किसी पद (शब्द) के अन्त में 'म्' (मकार) हो और उसके बाद कोई हल् (व्यञ्जन/Consonant) आए, तो 'म्' के स्थान पर अनुस्वार ( ं ) हो जाता है।
2. परिभाषा (Definition)
सरल शब्दों में: यदि शब्द के अंत में 'आधा म्' (म्) है और अगले शब्द की शुरुआत किसी व्यंजन से हो रही है, तो 'म्' हटकर पिछले अक्षर के ऊपर बिन्दी (Anusvara) बन जाता है।
म् + व्यञ्जन (Consonant) = ं (Anusvara)
(उदा: हरिम् + वन्दे = हरिं वन्दे)
(उदा: हरिम् + वन्दे = हरिं वन्दे)
3. अनुस्वार सन्धि के 20 उदाहरण (20 Examples)
| क्र. | सन्धि विच्छेद (Split) | सन्धि पद (Join) | नियम (Rule) |
|---|---|---|---|
| 1 | हरिम् + वन्दे | हरिं वन्दे | म् + व = ं |
| 2 | गृहम् + गच्छति | गृहं गच्छति | म् + ग = ं |
| 3 | दुःखम् + प्राप्नोति | दुःखं प्राप्नोति | म् + प = ं |
| 4 | धर्मम् + चर | धर्मं चर | म् + च = ं |
| 5 | सत्यम् + वद | सत्यं वद | म् + व = ं |
| 6 | कार्यम् + कुरु | कार्यं कुरु | म् + क = ं |
| 7 | अहम् + पठामि | अहं पठामि | म् + प = ं |
| 8 | गुरुम् + नमति | गुरुं नमति | म् + न = ं |
| 9 | पुस्तकम् + पठ | पुस्तकं पठ | म् + प = ं |
| 10 | पत्रम् + लिखति | पत्रं लिखति | म् + ल = ं |
| 11 | शत्रुम् + जयति | शत्रुं जयति | म् + ज = ं |
| 12 | मित्रम् + पश्यति | मित्रं पश्यति | म् + प = ं |
| 13 | जलम् + पिबति | जलं पिबति | म् + प = ं |
| 14 | फलम् + खादति | फलं खादति | म् + ख = ं |
| 15 | चित्रम् + पश्य | चित्रं पश्य | म् + प = ं |
| 16 | पाठम् + स्मरति | पाठं स्मरति | म् + स = ं |
| 17 | ग्रामम् + गतः | ग्रामं गतः | म् + ग = ं |
| 18 | बालकम् + पश्यति | बालकं पश्यति | म् + प = ं |
| 19 | रामम् + भजामि | रामं भजामि | म् + भ = ं |
| 20 | वनम् + गच्छति | वनं गच्छति | म् + ग = ं |
⚠️ महत्वपूर्ण अपवाद (Exception):
यदि 'म्' के बाद कोई स्वर (Vowel) आए, तो अनुस्वार नहीं होता, बल्कि 'म्' उस स्वर में मिल जाता है।
उदाहरण: अहम् + अपि = अहमपि (यहाँ बिन्दी नहीं लगेगी)।
यदि 'म्' के बाद कोई स्वर (Vowel) आए, तो अनुस्वार नहीं होता, बल्कि 'म्' उस स्वर में मिल जाता है।
उदाहरण: अहम् + अपि = अहमपि (यहाँ बिन्दी नहीं लगेगी)।
