अयादि सन्धि (Ayādi Sandhi)
1. पाणिनीय सूत्र (Sutra)
सूत्र: एचोऽयवायावः (६.१.७८)
अर्थ: यदि 'एच्' प्रत्याहार (ए, ओ, ऐ, औ) के बाद कोई भी स्वर (Vowel) आए, तो उनके स्थान पर क्रमशः अय्, अव्, आय्, आव् आदेश हो जाता है।
2. परिभाषा (Definition)
जब ए, ओ, ऐ, औ के बाद कोई स्वर आता है, तो:
• ए का → अय् (ay)
• ओ का → अव् (av)
• ऐ का → आय् (āy)
• औ का → आव् (āv)
हो जाता है। इसे अयादि सन्धि कहते हैं।
• ए का → अय् (ay)
• ओ का → अव् (av)
• ऐ का → आय् (āy)
• औ का → आव् (āv)
हो जाता है। इसे अयादि सन्धि कहते हैं।
ए + स्वर = अय् (Ay)
ओ + स्वर = अव् (Av)
ऐ + स्वर = आय् (Āy)
औ + स्वर = आव् (Āv)
ओ + स्वर = अव् (Av)
ऐ + स्वर = आय् (Āy)
औ + स्वर = आव् (Āv)
3. अयादि सन्धि के 20 उदाहरण (20 Examples)
| क्र. | सन्धि विच्छेद (Split) | सन्धि पद (Join) | नियम (Rule) |
|---|---|---|---|
| 1 | ने + अनम् | नयनम् | ए → अय् |
| 2 | शे + अनम् | शयनम् | ए → अय् |
| 3 | चे + अनम् | चयनम् | ए → अय् |
| 4 | हरे + ए | हरये | ए → अय् |
| 5 | मुने + ए | मुनये | ए → अय् |
| 6 | पो + अनः | पवनः | ओ → अव् |
| 7 | भो + अनम् | भवनम् | ओ → अव् |
| 8 | भो + अति | भवति | ओ → अव् |
| 9 | विष्णो + ए | विष्णवे | ओ → अव् |
| 10 | पो + इत्रम् | पवित्रम् | ओ → अव् |
| 11 | नै + अकः | नायकः | ऐ → आय् |
| 12 | गै + अकः | गायकः | ऐ → आय् |
| 13 | गै + अन्ति | गायन्ति | ऐ → आय् |
| 14 | विनै + अकः | विनायकः | ऐ → आय् |
| 15 | विधै + अकः | विधायकः | ऐ → आय् |
| 16 | पौ + अकः | पावकः | औ → आव् |
| 17 | नौ + इकः | नाविकः | औ → आव् |
| 18 | भौ + उकः | भावुकः | औ → आव् |
| 19 | द्वौ + अपि | द्वावपि | औ → आव् |
| 20 | बालौ + अत्र | बालावत्र | औ → आव् |
⚠️ स्मरण रखें: इस सन्धि में संधि होने के बाद शब्द के बीच में प्रायः 'य' या 'व' की ध्वनि स्पष्ट सुनाई देती है (जैसे- नयन, पवन, नायक, पावक)।
