यण् सन्धि (Yaṇ Sandhi)

Sooraj Krishna Shastri
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यण् सन्धि (Yaṇ Sandhi)

1. पाणिनीय सूत्र (Sutra)

सूत्र: इको यणचि (६.१.७७) अर्थ: यदि 'इक' प्रत्याहार (इ, उ, ऋ, लृ) के बाद कोई असमान स्वर (Ach) आए, तो 'इक' के स्थान पर 'यण्' (य्, व्, र्, ल्) आदेश हो जाता है।

2. परिभाषा (Definition)

जब इ/ई, उ/ऊ, ऋ, लृ के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो:
• इ/ई बदल जाता है 'य्' में,
• उ/ऊ बदल जाता है 'व्' में,
• ऋ बदल जाता है 'र्' में,
• लृ बदल जाता है 'ल्' में।
(बाद वाला स्वर मात्रा बनकर जुड़ जाता है)।
इ/ई + भिन्न स्वर = य् (y)
उ/ऊ + भिन्न स्वर = व् (v)
ऋ/ॠ + भिन्न स्वर = र् (r)
लृ + भिन्न स्वर = ल् (l)

3. यण् सन्धि के 20 उदाहरण (20 Examples)

क्र. सन्धि विच्छेद (Split) सन्धि पद (Join) नियम (Rule)
1इति + आदिइत्यादिइ → य्
2यदि + अपियद्यपिइ → य्
3प्रति + एकम्प्रत्येकम्इ → य्
4अति + आचारःअत्याचारःइ → य्
5नदी + अत्रनद्यत्रई → य्
6इति + अलम्इत्यलम्इ → य्
7अधि + आयःअध्यायःइ → य्
8सु + आगतम्स्वागतम्उ → व्
9मधु + अरिःमध्वरिःउ → व्
10अनु + अयःअन्वयःउ → व्
11गुरु + आदेशःगुर्वादेशःउ → व्
12वधू + आगमनम्वध्वागमनम्ऊ → व्
13सु + अस्तिस्वस्तिउ → व्
14खलु + एतत्खल्वेतत्उ → व्
15पितृ + आज्ञापित्राज्ञाऋ → र्
16मातृ + उपदेशःमात्रुपदेशःऋ → र्
17पितृ + आदेशःपित्रादेशःऋ → र्
18धातृ + अंशःधात्रंशःऋ → र्
19मातृ + इच्छामात्रेच्छाऋ → र्
20लृ + आकृतिःलाकृतिःलृ → ल्
⚠️ पहचान (Trick): यण् सन्धि वाले शब्दों में अक्सर 'य', 'व', 'र' से पहले आधा अक्षर (Half consonant) दिखाई देता है। (जैसे- इत्यादि, स्वागतम्)।

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