Basant Panchami 2026: Best Saraswati Vandana Lyrics in Hindi (वीणापुस्तकधारिणि माते)

Sooraj Krishna Shastri
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बसंत पंचमी और सरस्वती वंदना

|| ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ||

बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और ज्ञान के मिलन का उत्सव है। पीले वस्त्र, पीली सरसों और माँ शारदा की आराधना इस दिन को दिव्य बनाती है। इसी पावन अवसर पर प्रस्तुत है डॉ. निशा कान्त द्विवेदी जी द्वारा रचित, हृदय को स्पर्श करने वाली विशेष सरस्वती वंदना

माँ वीणापाणि की वंदना

वीणापुस्तकधारिणि माते !
विद्वत्कण्ठविहारिणि माते !
सदासकलजगबुद्धिप्रदायिनि !
तव चरणौ प्रणमामः माते !

सरसवतीसुरसिद्धिप्रदायिनि !
सुरसरितास्रोतस्विनि माते !
जडचेतनसुखमूलासि त्वं
तव चरणौ प्रणमामः माते !

श्वेतासनसंस्थिता सदा त्वं
श्वेतांबरधारिणि खलु माते !
लोके नितनवज्ञानप्रदायिनि !
तव चरणौ प्रणमामः माते !

संगीतकलासाहित्यस्वरूपा
सर्वज्ञानप्रकाशिनि माते !
बुद्धिविकासिनि जगत्प्रकाशिनि !
तव चरणौ प्रणमामः माते !

रचयिता: डॉ. निशा कान्त द्विवेदी

इस बसंत पंचमी, माँ सरस्वती आपके जीवन को ज्ञान और विवेक से आलोकित करें।
शुभ बसंत पंचमी!

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