Importance of Ramcharitmanas in Daily Life: प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना (Hindi Poem)

Sooraj Krishna Shastri
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जीवन का सार: रामचरितमानस

|| सियावर रामचंद्र की जय ||

भूमिका

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब हमारे रिश्ते कमजोर पड़ने लगते हैं और मन अवसादों (Depression) से घिरने लगता है, तब हमें एक ऐसे संबल की आवश्यकता होती है जो हमें सही दिशा दिखा सके। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित 'श्री रामचरितमानस' केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यह हमें भाई का प्रेम, पत्नी का धर्म और पिता का मान रखना सिखाती है। प्रस्तुत कविता इसी भाव को बहुत ही सुंदर ढंग से व्यक्त करती है कि जीवन के हर संकट में हमें रामचरितमानस की शरण में क्यों जाना चाहिए।

प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना

जीवन के अनुबंधों की,
तिलांजलि संबंधों की,
टूटे मन के तारो की,
फिर से नई कड़ी गढ़ना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

बेटी को धर्म सिखाने को,
पत्नी का मर्म निभाने को,
भाई का प्रेम बताने को,
हर चौपाई दोहा सुनना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

लक्ष्मण से सेवा त्याग सीखना,
श्री भरत से राज विराग सीखना,
प्रभु का सबसे अनुराग सीखना,
फिर माता सीता को गुनना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

केवट की भक्ति भरी गगरी,
फल मीठे बेर लिए शबरी,
है धन्य अयोध्या की नगरी,
अवसादों में जब भी घिरना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

न्याय नीति पर राम अड़े,
संग सखा वीर हनुमान खड़े,
पशु-पक्षी तक हैं युद्ध लड़े,
धन्य हुआ उनका तरना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

जो राम नाम रघुराई है,
जीवन की मूल दवाई है,
हर महामंत्र चौपाई है,
सियाराम नाम जपते रहना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

जगती में मूल तत्व क्या है?
राम नाम का महत्व क्या है?
संघर्ष में राम रामत्व क्या है?
संकट में जब तुम फंसना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

~ ❀ ~

हर समाधान मिल जाता है,
कोई प्रश्न ठहर नहीं पाता है,
बस राम ही राम सुहाता है
श्री राम है वाणी का गहना,
प्रिय तुम रामचरितमानस पढ़ना।।

।। जय श्री राम ।।

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