जगत् शब्द रूप तकारान्त नपुंसकलिग

Sooraj Krishna Shastri
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जगत् शब्द रूप

तकारान्त नपुंसकलिग संज्ञा (अर्थ - संसार)
विभक्ति एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमाजगत्जगतीजगन्ति
द्वितीयाजगत्जगतीजगन्ति
तृतीयाजगताजगद्भ्याम्जगद्भिः
चतुर्थीजगतेजगद्भ्याम्जगद्भ्यः
पञ्चमीजगतःजगद्भ्याम्जगद्भ्यः
षष्ठीजगतःजगतोःजगताम्
सप्तमीजगतिजगतोःजगत्सु
सम्बोधनहे जगत्हे जगतीहे जगन्ति

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