स्-ष्-श् आदेश (S-Ṣ-Ś Rules)
संस्कृत में विसर्ग (ः) या 'स्' का परिवर्तन उसके आगे आने वाले अक्षर के उच्चारण स्थान (Pronunciation Place) के आधार पर होता है।
1. मुख्य नियम (Golden Rule)
सूत्र: विसर्जनीयस्य सः / स्तोः श्चुना श्चुः / ष्टुना ष्टुः
सिद्धांत:
- तालव्य (Palatal) के साथ ➡ श् (Talavya Sha)
- मूर्धन्य (Retroflex) के साथ ➡ ष् (Murdhanya Sha)
- दन्त्य (Dental) के साथ ➡ स् (Dantya Sa)
(च / छ / श) के साथ ➡ श् (Ś)
(ट / ठ / ष) के साथ ➡ ष् (Ṣ)
(त / थ / स) के साथ ➡ स् (S)
(ट / ठ / ष) के साथ ➡ ष् (Ṣ)
(त / थ / स) के साथ ➡ स् (S)
2. विस्तृत उदाहरण (20 Examples)
| क्र. | सन्धि विच्छेद (Split) | सन्धि पद (Join) | कारण (Reason) |
|---|---|---|---|
| (क) 'श्' आदेश (तालव्य योग) | |||
| 1 | रामः + च | रामश्च | 'च' तालव्य है ➡ श् |
| 2 | कः + चित् | कश्चित् | 'च' तालव्य है ➡ श् |
| 3 | निः + छलः | निश्छलः | 'छ' तालव्य है ➡ श् |
| 4 | हरिः + शेते | हरिश्शेते | 'श' तालव्य है ➡ श् |
| 5 | मनः + चक्षुः | मनश्चक्षुः | 'च' तालव्य है ➡ श् |
| 6 | पूर्णः + चन्द्रः | पूर्णश्चन्द्रः | 'च' तालव्य है ➡ श् |
| (ख) 'ष्' आदेश (मूर्धन्य योग) | |||
| 7 | धनुः + टङ्कारः | धनुष्टङ्कारः | 'ट' मूर्धन्य है ➡ ष् |
| 8 | रामः + टीकते | रामष्टीकते | 'ट' मूर्धन्य है ➡ ष् |
| 9 | निः + ठुरः | निष्ठुरः | 'ठ' मूर्धन्य है ➡ ष् |
| 10 | चतुः + टीका | चतुष्टीका | 'ट' मूर्धन्य है ➡ ष् |
| 11 | बालः + षष्ठः | बालष्षष्ठः | 'ष' मूर्धन्य है ➡ ष् |
| (ग) 'स्' आदेश (दन्त्य योग) | |||
| 12 | नमः + ते | नमस्ते | 'त' दन्त्य है ➡ स् |
| 13 | इतः + ततः | इतस्ततः | 'त' दन्त्य है ➡ स् |
| 14 | मनः + तापः | मनस्तापः | 'त' दन्त्य है ➡ स् |
| 15 | दुः + साहसम् | दुस्साहसम् | 'स' दन्त्य है ➡ स् |
| 16 | निः + सन्देहः | निस्सन्देहः | 'स' दन्त्य है ➡ स् |
| (घ) विशेष: षत्व विधान (शब्द के भीतर) | |||
| नियम: यदि 'अ/आ' को छोड़कर कोई स्वर हो, तो 'स्' का 'ष्' हो जाता है। | |||
| 17 | अभि + सेकः | अभिषेकः | (इ के कारण स् → ष्) |
| 18 | नि + सिद्धः | निषिद्धः | (इ के कारण स् → ष्) |
| 19 | सु + सुप्तः | सुषुप्तः | (उ के कारण स् → ष्) |
| 20 | राम + सु / रामे + सु | रामेषु | (ए के कारण स् → ष्) |
⚠️ स्मरण सूत्र:
च-छ-श = श् (तालु)
ट-ठ-ष = ष् (मूर्धा)
त-थ-स = स् (दाँत)
च-छ-श = श् (तालु)
ट-ठ-ष = ष् (मूर्धा)
त-थ-स = स् (दाँत)
