तल् प्रत्यय (Tal Pratyaya)

Sooraj Krishna Shastri
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तल् प्रत्यय (Tal Pratyaya)

परिचय: यह भी 'त्व' की तरह एक 'तद्धित प्रत्यय' है।
अर्थ: यह शब्दों में जुड़कर 'भाववाचक संज्ञा' (Abstract Noun) बनाता है।
हिन्दी पहचान: शब्द के अंत में 'ता' (जैसे- सुन्दरता, मानवता) सुनाई देता है।
💡 स्मार्ट टिप (लिंग नियम):
'तल्' प्रत्यय से बने शब्द हमेशा स्त्रीलिंग (Feminine) होते हैं।
ये शब्द 'रमा' या 'लता' की तरह चलते हैं।
(तल् का 'ता' बन जाता है → सुन्दर + तल् = सुन्दरता)

1. सूत्र और नियम (Grammar Rules)

  • सूत्र: "तस्य भावस्त्वतलौ" (5.1.119) - भाव बताने के लिए 'त्व' और 'तल्' लगते हैं।
  • शेष: 'तल्' के 'ल्' का लोप हो जाता है और 'त' बचता है। स्त्रीलिंग बनाने के लिए 'टाप्' (आ) जुड़कर अंत में 'ता' हो जाता है।
  • अनोखा तथ्य: 'देवता' (God) शब्द संस्कृत व्याकरण में स्त्रीलिंग है क्योंकि यह 'देव + तल्' से बना है।

2. उदाहरण तालिका (Examples)

मूल शब्द प्रत्यय निर्मित शब्द (स्त्री.) हिन्दी अर्थ
मनुष्य तल् मनुष्यता इंसानियत
सज्जन तल् सज्जनता सज्जन होने का भाव
शत्रु (दुश्मन) तल् शत्रुता दुश्मनी
देव तल् देवता देवत्व / देवता
महत् (महान) तल् महत्ता महानता (Greatness)
सुन्दर तल् सुन्दरता खूबसूरती
दीन (गरीब) तल् दीनता गरीबी

3. वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)

1. अस्माकं भारतदेशे अनेकतायां एकता अस्ति।
(हमारे भारत देश में अनेकता में एकता है।)
(एक + तल् = एकता)

2. तस्य व्यवहारे सज्जनता दृश्यते।
(उसके व्यवहार में सज्जनता दिखाई देती है।)

3. कुन्ती इन्द्रम् आह्वयत्, देवता च आगता।
(कुंती ने इन्द्र को बुलाया और देवता आ गयी/गये।)
('देवता' शब्द स्त्रीलिंग है, इसलिए क्रिया 'आगता' प्रयुक्त हुई है, न कि 'आगतः')

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