तुमुन् प्रत्यय (Tumun Pratyaya)
अर्थ: 'तुमुन्' प्रत्यय का प्रयोग 'के लिए' (For the purpose of) के अर्थ में किया जाता है।
उदाहरण: पठितुम् (पढ़ने के लिए), गन्तुम् (जाने के लिए)।
उदाहरण: पठितुम् (पढ़ने के लिए), गन्तुम् (जाने के लिए)।
1. प्रमुख नियम (Main Rules)
- शेष (Formula): धातु में जुड़ते समय 'उ' और 'न्' का लोप हो जाता है। केवल 'तुम्' (tum) शेष बचता है।
- अव्यय पद: तुमुन् लगने के बाद बना शब्द अव्यय होता है (इसके रूप नहीं चलते)।
- चतुर्थी विभक्ति: यह 'सम्प्रदान कारक' (चतुर्थी विभक्ति) के समान अर्थ देता है। (जैसे- 'पठनाय' और 'पठितुम्' का अर्थ लगभग एक है)।
2. उदाहरण तालिका (Examples)
| धातु (Root) | प्रत्यय | निर्मित शब्द | अर्थ (Hindi) |
|---|---|---|---|
| पठ् (पढ़ना) | + तुमुन् | पठितुम् | पढ़ने के लिए |
| गम् (जाना) | + तुमुन् | गन्तुम् | जाने के लिए |
| पा (पीना) | + तुमुन् | पातुम् | पीने के लिए |
| दृश् (देखना) | + तुमुन् | द्रष्टुम् | देखने के लिए (विशेष रूप) |
| कृ (करना) | + तुमुन् | कर्तुम् | करने के लिए |
| हन् (मारना) | + तुमुन् | हन्तुम् | मारने के लिए |
| खाद् (खाना) | + तुमुन् | खादितुम् | खाने के लिए |
| लिख् (लिखना) | + तुमुन् | लेखितुम् | लिखने के लिए |
| दा (देना) | + तुमुन् | दातुम् | देने के लिए |
3. विशेष प्रयोग (Special Usage)
💡 स्मार्ट टिप: जब वाक्य में 'चाहता है' (इच्छति) या 'सकता है' (शक्नोति) क्रिया हो, तो वहाँ 'तुमुन्' का प्रयोग जरूर होता है।
1. सः पठितुम् इच्छति।
(वह पढ़ना चाहता है / पढ़ने के लिए इच्छा करता है।)
2. अहं गन्तुम् शक्नोमि।
(मैं जा सकता हूँ / जाने के लिए समर्थ हूँ।)
3. सा क्रीडितुम् गच्छति।
(वह खेलने के लिए जाती है।)
(वह पढ़ना चाहता है / पढ़ने के लिए इच्छा करता है।)
2. अहं गन्तुम् शक्नोमि।
(मैं जा सकता हूँ / जाने के लिए समर्थ हूँ।)
3. सा क्रीडितुम् गच्छति।
(वह खेलने के लिए जाती है।)
