अव्यय: यदि (Yadi)
परिचय: शर्तबोधक (Conditional)
अर्थ: अगर / यदि (If).
जब किसी कार्य का होना दूसरे कार्य पर निर्भर हो, तब इसका प्रयोग होता है।
जब किसी कार्य का होना दूसरे कार्य पर निर्भर हो, तब इसका प्रयोग होता है।
यदि (Condition) ➡ तो ➡ तर्हि (Result)
💡 प्रयोग का नियम (Golden Rule):
'यदि' का प्रयोग हमेशा 'तर्हि' (Tarhi = तो) के साथ जोड़ी में होता है।
सूत्र: यदि .......... तर्हि ..........
(अर्थात्: अगर .......... तो ..........)
'यदि' का प्रयोग हमेशा 'तर्हि' (Tarhi = तो) के साथ जोड़ी में होता है।
सूत्र: यदि .......... तर्हि ..........
(अर्थात्: अगर .......... तो ..........)
विस्तृत उदाहरण (20+ Examples)
'यदि' के प्रयोग के 20 से अधिक उदाहरण (यदि-तर्हि जोड़ी के साथ):
🧠 A. कारण और परिणाम (Logic)
| संस्कृत वाक्य | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| 1यदि वर्षा भविष्यति, तर्हि सस्यं (फसल) वर्धते। | यदि बारिश होगी, तो फसल बढ़ेगी। |
| 2यदि परिश्रमं करिष्यसि, तर्हि सफलो भविष्यसि। | अगर मेहनत करोगे, तो सफल होगे। |
| 3यदि सूर्यः उदेति, तर्हि अन्धकारः नश्यति। | यदि सूर्य उगता है, तो अँधेरा नष्ट होता है। |
| 4यदि धूमः अस्ति, तर्हि वह्निः अपि अस्ति। | यदि धुआँ है, तो आग भी है। |
| 5यदि त्वं सत्यं वदसि, तर्हि भयं नास्ति। | अगर तुम सच बोलते हो, तो डर नहीं है। |
| 6यदि ज्ञानं नास्ति, तर्हि सुखं कुतः? | यदि ज्ञान नहीं है, तो सुख कहाँ? |
| 7यदि धर्मं रक्षसि, तर्हि धर्मः त्वां रक्षति। | यदि तुम धर्म की रक्षा करते हो, तो धर्म तुम्हारी रक्षा करता है। |
🗣️ B. सामान्य बातचीत (Daily Use)
| संस्कृत वाक्य | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| 8यदि त्वं गच्छसि, तर्हि अहम् अपि गच्छामि। | अगर तुम जाते हो, तो मैं भी जाता हूँ। |
| 9यदि बुभुक्षा अस्ति, तर्हि भोजनं कुरु। | यदि भूख है, तो भोजन करो। |
| 10यदि समयः अस्ति, तर्हि आगच्छ। | अगर समय है, तो आओ। |
| 11यदि रोचते, तर्हि स्वीकुरु। | यदि अच्छा लगता है, तो स्वीकार करो। |
| 12यदि शिक्षकः पृच्छति, तर्हि वद। | अगर शिक्षक पूछें, तो बोलो। |
| 13यदि अवकाशः भविष्यति, तर्हि वयं खेलिष्यामः। | यदि छुट्टी होगी, तो हम खेलेंगे। |
| 14यदि धनम् आवश्यकम्, तर्हि परिश्रमं कुरु। | अगर धन चाहिए, तो मेहनत करो। |
📜 C. नीति और सुभाषित
| संस्कृत वाक्य | हिन्दी अनुवाद |
|---|---|
| 15यदि शान्तिम् इच्छसि, तर्हि क्रोधं त्यज। | यदि शान्ति चाहते हो, तो क्रोध छोड़ दो। |
| 16यदि सुखम् इच्छसि, तर्हि विद्यां लभस्व। | अगर सुख चाहते हो, तो विद्या प्राप्त करो। |
| 17यदि मनः शुद्धम्, तर्हि गृहे एव तीर्थम्। | यदि मन चंगा, तो कठौती में गंगा (घर में ही तीर्थ)। |
| 18यदि परोपकारं करोषि, तर्हि पुण्यं लभसे। | यदि परोपकार करते हो, तो पुण्य मिलता है। |
| 19यदि राजा उत्तमः, तर्हि प्रजा सुखी। | यदि राजा उत्तम है, तो प्रजा सुखी है। |
| 20यदि तव समीपे शक्तिः अस्ति, तर्हि दीनान् रक्ष। | यदि तुम्हारे पास शक्ति है, तो गरीबों की रक्षा करो। |
| 21यदि सङ्कटः आयाति, तर्हि मा बिभीहि। | यदि संकट आए, तो डरो मत। |
⚠️ स्मरण रखें:
अक्सर छात्र 'यदि' के बाद 'तो' के लिए संस्कृत शब्द भूल जाते हैं।
याद रखें: तो = तर्हि (Tarhi)।
(कई बार 'चेत्' (Chet) का भी प्रयोग होता है, जैसे: 'पठसि चेत्' = यदि पढ़ते हो।)
अक्सर छात्र 'यदि' के बाद 'तो' के लिए संस्कृत शब्द भूल जाते हैं।
याद रखें: तो = तर्हि (Tarhi)।
(कई बार 'चेत्' (Chet) का भी प्रयोग होता है, जैसे: 'पठसि चेत्' = यदि पढ़ते हो।)
