॥ होलिकोत्सवः ॥
स्नेहस्य रङ्गैः परिषिच्यमानं,
हृत्-पद्म-कोशं विकसन्मुदान्वितम्।
अज्ञान-होलिं प्रविदार्य भस्मसात्,
वसन्तोत्सवो वः शुभदोऽस्तु नित्यम्॥
हिन्दी भावार्थ: स्नेह रूपी रंगों से सिंचित होकर आपका हृदय रूपी कमल आनंद से पूर्णतः प्रस्फुटित हो उठे। अज्ञान और द्वेष रूपी होलिका भस्मीभूत हो जाए, और यह वसन्तोत्सव आपके लिए सर्वदा मंगलकारी सिद्ध हो।
संस्कृत-शुभकामना
नवपल्लवैः विविधवर्णकुसुमैश्च सुशोभितायाः फाल्गुनपौर्णमास्याः अस्मिन् नवोन्मेषकारिणि उल्लासपर्वणि भवद्भ्यः भवत्स्वजनेभ्यश्च होलिकोत्सवस्य हार्द्यः मङ्गलकामनाः।
परमेश्वरं सम्प्रार्थये यत् सप्तरङ्गच्छटामण्डितोऽयं वसन्तोत्सवः भवतां जीवनप्राङ्गणे सुखशान्तिसमृद्धियशसाम् अजस्रधारां प्रवाहयतु। होलिकादहनस्य प्रज्वलितशिखासु सकलवैमनस्य-मानसिकक्लेश-नकारात्मकविकाराः भस्मीभवन्तु, सद्भावसौभ्रात्रयोश्च नूतनवर्णानां भवज्जीवने प्रादुर्भावो जायताम्।
होलिकोत्सवस्य सप्तरञ्जिताः शुभाशयाः!
हिन्दी-शुभकामना
नव-पल्लवों और विविधवर्णी पुष्पों से सुसज्जित फाल्गुन मास की पूर्णिमा के इस नवोन्मेषकारी और उल्लासमय अवसर पर आपको और आपके स्वजनों को होलिकोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि सप्तरंगी छटाओं का यह वसन्तोत्सव आपके जीवन में सुख, शान्ति, समृद्धि, और यश की अविरल धारा प्रवाहित करे। होलिका-दहन की प्रज्वलित ज्वाला में समस्त वैमनस्य, मानसिक क्लेश और नकारात्मकता भस्मीभूत हो जाएँ, तथा सद्भाव और भ्रातृत्व के नवीन रंगों का आपके जीवन में प्रादुर्भाव हो।
होली की सप्तरंगी शुभकामनाएँ!
