आरति अति पावन पुराण की | भागवत भगवान की आरती

Sooraj Krishna Shastri
By -
0

॥ आरती अतिपावन पुराण की ॥

आरति अतिपावन पुराण की,
धर्म भक्ति विज्ञान खान की ।। टेक ।।

महापुराण भागवत निर्मल,
शुक-मुख-विगलित निगम-कल्प-फल ।
परमानन्द-सुधा रसमय कल,
लीला रति रस रसनिधान की ।।
आरति अतिपावन...

कलिमल मथनि त्रिताप निवारिणि,
जन्म मृत्युमय भव भयहारिणि ।
सेवत सतत सकल सुखकारिणि,
सुमहौषधि हरि चरित गान की ।।
आरति अतिपावन...

विषय विलास विमोह विनाशिनि,
विमल विराग विवेक विनाशिनि ।
भागवत तत्व रहस्य प्रकाशिनि,
परम ज्योति परमात्मा ज्ञान की ।।
आरति अतिपावन...

परमहंस मुनि मन उल्लासिनि,
रसिक हृदय रस रास विलासिनि ।
भुक्ति मुक्ति रति प्रेम सुदासिनि,
कथा अकिञ्चन प्रिय सुजान की ।।
आरति अतिपावन...

❀ ❀ ❀

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!