भागीरथी तव विमलं तोयम् | गङ्गागीतम् | गङ्गास्तुति | आचार्य सूरज कृष्ण शास्त्री

Sooraj Krishna Shastri
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|| गङ्गागीतम् ||

(राग - दरबारी)

भूमिका

प्रस्तुत गङ्गागीतम् शास्त्रीय संगीत के 'राग दरबारी' पर आधारित है। इस मधुर गीत में माँ भागीरथी के उस पावन जल (विमल तोय) की महिमा गाई गई है जो कमल की सुगंध से सुवासित है। यह गीत मन की चंचलता को शांत कर भक्ति भाव जगाने वाला है।

~ ॐ ~

भागीरथि ! तव विमलं तोयम् ।।
पङ्कजवाससुवासित तोयम् ।।
भागीरथि ! तव विमलं तोयम् ।।१।।

🌊

कलयति नादं भञ्जति तापम् ।
तरलतरङ्गैः धुन्वति पापम् ।।
चपलविलासैः स्फुरति मनोऽयम् ।
भागीरथि ! तव विमलं तोयम् ।।२।।

🌊

जय भागीरथि ! स्वर्गप्रदायिनि !
विबुधजनानां मोक्षप्रदायिनि ।।
कथं विस्मरति तव दासोऽहम् ।
भागीरथि ! तव विमलं तोयम् ।।३।।

रचनाकार: आ. सूरज कृष्ण शास्त्री

।। हर हर गंगे ।।

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