ङीप् प्रत्यय (Ngeep Pratyaya)

Sooraj Krishna Shastri
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ङीप् प्रत्यय (Ngeep Pratyaya)

परिचय: यह भी एक महत्वपूर्ण 'स्त्री प्रत्यय' है।
कार्य: पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग बनाने के लिए।
शेष (Result): इसमें 'ङ' और 'प्' हट जाते हैं और केवल 'ई' (बड़ी ई) की मात्रा शेष बचती है।
सूत्र: "ऋन्नेभ्यो ङीप्" (मुख्य सूत्र)।

1. कहाँ लगता है? (Rules)

  • ऋकारान्त शब्द: जिन शब्दों के अंत में 'ऋ' हो (जैसे- दातृ, कर्तृ)। इसमें 'ऋ' का 'र्' बनकर 'ई' जुड़ता है।
  • नकारान्त शब्द: जिन शब्दों के अंत में 'न्' हो (जैसे- दण्डिन्, गुणिन्)।
  • आयु वाचक: युवा अवस्था बताने वाले शब्दों में (जैसे- कुमार, किशोर)।
  • विशेष शब्द: कुछ अकारान्त शब्दों में 'टाप्' न लगकर 'ङीप्' लगता है (जैसे- नद, देव)।

2. उदाहरण तालिका (Examples)

पुल्लिंग शब्द नियम / प्रकार स्त्रीलिंग रूप (ई) अर्थ
दातृ (दाता) अंत में 'ऋ' दात्री देने वाली
कर्तृ (कर्ता) अंत में 'ऋ' कर्त्री करने वाली
नेत्र (नेता) अंत में 'ऋ' नेत्री नेत्री (Leader)
दण्डिन् अंत में 'न्' दण्डिनी दण्ड धारण करने वाली
तपस्विन् अंत में 'न्' तपस्विनी तपस्या करने वाली
कुमार आयु वाचक कुमारी कुंआरी कन्या
किशोर आयु वाचक किशोरी किशोरी
नद विशेष नदी नदी (River)
देव विशेष देवी देवी (Goddess)
गच्छत् (जाता हुआ) शत्र् प्रत्यय + ङीप् गच्छन्ती जाती हुई
💡 ध्यान दें (Note):
'गच्छत्' जैसे शब्दों में (जो 'शत्र्' प्रत्यय से बने हैं), ङीप् लगाते समय बीच में 'न्' का आगम हो जाता है → गच्छत् + ङीप् = गच्छन्ती।

3. वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)

1. सा तपस्विनी वने वसति।
(वह तपस्विनी वन में रहती है।)

2. गंगा पवित्रा नदी अस्ति।
(गंगा पवित्र नदी है।)

3. बालिका विद्यालयं गच्छन्ती अस्ति।
(बालिका विद्यालय जाती हुई है / जा रही है।)

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