टाप् प्रत्यय (Taap Pratyaya)

Sooraj Krishna Shastri
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टाप् प्रत्यय (Taap Pratyaya)

परिचय: यह एक प्रमुख 'स्त्री प्रत्यय' है।
कार्य: इसका प्रयोग 'अकारांत पुल्लिंग' (Male words ending in 'a') शब्दों को स्त्रीलिंग बनाने के लिए किया जाता है।
सूत्र: "अजाद्यतष्टाप्" (4.1.4)
शेष: 'टाप्' में से 'ट' और 'प्' हट जाते हैं, केवल 'आ' (aa) शेष बचता है।

1. नियम (Rules)

इसके मुख्यतः दो नियम हैं जो आपको याद रखने चाहिए:

  • साधारण नियम:
    शब्द के अंत में सीधे 'आ' की मात्रा जुड़ जाती है।
    (जैसे: अज + टाप् = अजा)
  • ⚠️ विशेष नियम ('क' का नियम):
    यदि शब्द के अंत में 'क' (ka) हो, तो 'क' से पहले वाले अक्षर में 'इ' (i) की मात्रा लग जाती है।
    (जैसे: बालक + टाप् = बालि + का = बालिका)

2. उदाहरण तालिका (Examples)

पुल्लिंग शब्द नियम स्त्रीलिंग रूप अर्थ
अज (बकरा) सीधे 'आ' अजा बकरी
बाल (बच्चा) सीधे 'आ' बाला बच्ची / लड़की
शिष्य सीधे 'आ' शिष्या शिष्या (Student)
प्रथम सीधे 'आ' प्रथमा पहली (First)
बालक 'क' से पहले 'इ' बालिका लड़की
शिक्षक 'क' से पहले 'इ' शिक्षिका अध्यापिका
नायक 'क' से पहले 'इ' नायिका अभिनेत्री (Actress)
मूषक 'क' से पहले 'इ' मूषिका चुहिया

3. वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)

1. बालकः खेलति। → बालिका खेलति।
(लड़का खेलता है → लड़की खेलती है)

2. सः गायकः अस्ति। → सा गायिका अस्ति।
(वह गायक है → वह गायिका है)
(गायक में 'क' है, इसलिए 'इ' लगकर 'गायिका' बना)

3. अत्र एका अजा चरति।
(यहाँ एक बकरी चर रही है।)

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