शानच् प्रत्यय (Shānach Pratyaya)
अर्थ: इसका प्रयोग भी 'हुए' (Continuous Action) अर्थ में होता है।
जैसे: सेवा करता हुआ (Serving), कांपता हुआ (Trembling)।
यह विशेषण (Adjective) की तरह कार्य करता है।
जैसे: सेवा करता हुआ (Serving), कांपता हुआ (Trembling)।
यह विशेषण (Adjective) की तरह कार्य करता है।
⚖️ शतृ और शानच् में मुख्य अंतर:
1. शतृ: केवल परस्मैपद धातुओं के लिए (जैसे- पठ्, गम्, लिख्)।
2. शानच्: केवल आत्मनेपद धातुओं के लिए (जैसे- सेव्, लभ्, वृत्)।
1. शतृ: केवल परस्मैपद धातुओं के लिए (जैसे- पठ्, गम्, लिख्)।
2. शानच्: केवल आत्मनेपद धातुओं के लिए (जैसे- सेव्, लभ्, वृत्)।
1. रूप बनाने के नियम (Rules)
- शेष (Formula): धातु के अंत में 'मान' (māna) जुड़ता है। (कुछ विशेष परिस्थितियों में 'आन' भी जुड़ता है)।
- तीनों लिंग: विशेषण होने के कारण इसके रूप तीनों लिंगों में चलते हैं:
- पुल्लिंग: 'मानः' (जैसे- रामः) - सेवमानः
- स्त्रीलिंग: 'माना' (जैसे- लता) - सेवमाना
- नपुंसकलिग: 'मानम्' (जैसे- फलम्) - सेवमानम्
2. उदाहरण तालिका (Examples)
| धातु | पुल्लिंग (Male) | स्त्रीलिंग (Female) | नपुंसकलिग | अर्थ (Hindi) |
|---|---|---|---|---|
| सेव् (सेवा) | सेवमानः | सेवमाना | सेवमानम् | सेवा करता हुआ |
| लभ् (पाना) | लभमानः | लभमाना | लभमानम् | पाता हुआ |
| वृत् (होना) | वर्तमानः | वर्तमाना | वर्तमानम् | होता हुआ (मौजूद) |
| कम्प (कांपना) | कम्पमानः | कम्पमाना | कम्पमानम् | कांपता हुआ |
| सह् (सहना) | सहमानः | सहमाना | सहमानम् | सहता हुआ |
| युध् (लड़ना) | युध्यमानः | युध्यमाना | युध्यमानम् | लड़ता हुआ |
| याच् (मांगना) | याचमानः | याचमाना | याचमानम् | मांगता हुआ |
3. वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)
1. सेवमानः शिष्यः विद्यां लभते।
(सेवा करता हुआ शिष्य विद्या पाता है।)
2. सा कम्पमाना अस्ति।
(वह [स्त्री] कांपती हुई है / कांप रही है।)
3. युध्यमानः सैनिकः वीरः अस्ति।
(युद्ध करता हुआ सैनिक वीर है।)
(सेवा करता हुआ शिष्य विद्या पाता है।)
2. सा कम्पमाना अस्ति।
(वह [स्त्री] कांपती हुई है / कांप रही है।)
3. युध्यमानः सैनिकः वीरः अस्ति।
(युद्ध करता हुआ सैनिक वीर है।)
