शतृ प्रत्यय (Shatri Pratyaya)

Sooraj Krishna Shastri
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शतृ प्रत्यय (Shatri Pratyaya)

अर्थ: इसका प्रयोग 'हुए' (Continuous Action) अर्थ में होता है।
जैसे: पढ़ता हुआ (Reading), जाता हुआ (Going), हँसता हुआ (Laughing)।
इसे वर्तमानकालिक कृदन्त कहते हैं।
महत्वपूर्ण शर्त: शतृ प्रत्यय केवल परस्मैपद (Parasmaipada) धातुओं में लगता है।
(आत्मनेपद धातुओं, जैसे 'लग्' या 'सेव्' के लिए 'शानच्' प्रत्यय लगता है।)

1. रूप बनाने के नियम (Formation Rules)

  • शेष (Formula): धातु के अंत में 'अत्' (at) शेष बचता है।
  • विशेषण: इससे बने शब्द विशेषण (Adjective) की तरह काम करते हैं, इसलिए इनके रूप तीनों लिंगों में चलते हैं।
    • पुल्लिंग: 'अन्' जुड़ता है (पठन्)
    • स्त्रीलिंग: 'अन्ती' जुड़ता है (पठन्ती)
    • नपुंसकलिग: 'अत्' जुड़ता है (पठत्)

2. उदाहरण तालिका (Examples)

धातु पुल्लिंग (Male) स्त्रीलिंग (Female) नपुंसकलिग अर्थ (Hindi)
पठ् पठन् पठन्ती पठत् पढ़ता हुआ
गम् (गच्छ) गच्छन् गच्छन्ती गच्छत् जाता हुआ
हस् हसन् हसन्ती हसत् हँसता हुआ
दृश् (पश्य) पश्यन् पश्यन्ती पश्यत् देखता हुआ
पा (पिब्) पिबन् पिबन्ती पिबत् पीता हुआ
स्था (तिष्ठ) तिष्ठन् तिष्ठन्ती तिष्ठत् बैठता/रुकता हुआ
लिख् लिखन् लिखन्ती लिखत् लिखता हुआ
भू (भव्) भवन् भवन्ती भवत् होता हुआ

3. वाक्य प्रयोग (Sentence Usage)

1. बालकः पठन् गच्छति।
(बालक पढ़ता हुआ जाता है।) - पुल्लिंग

2. बालिका पठन्ती गच्छति।
(बालिका पढ़ती हुई जाती है।) - स्त्रीलिंग

3. मित्रम् हसत् वदति।
(मित्र हँसता हुआ बोलता है।) - नपुंसकलिग

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