वृद्धि सन्धि (Vṛddhi Sandhi)

Sooraj Krishna Shastri
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वृद्धि सन्धि (Vṛddhi Sandhi)

1. पाणिनीय सूत्र (Sutra)

सूत्र: वृद्धिरेचि (६.१.८८) अर्थ: यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'ए', 'ऐ', 'ओ' या 'औ' (एच् प्रत्याहार) आए, तो दोनों के स्थान पर 'वृद्धि' (बड़ा स्वर) आदेश हो जाता है।

2. परिभाषा (Definition)

जब अ/आ के बाद ए/ऐ आए तो दोनों मिलकर 'ऐ' (ai) हो जाते हैं।
जब अ/आ के बाद ओ/औ आए तो दोनों मिलकर 'औ' (au) हो जाते हैं।
इसे ही वृद्धि सन्धि कहते हैं (वृद्धि का अर्थ है - बढ़ जाना)।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ (ai)
अ/आ + ओ/औ = औ (au)

3. वृद्धि सन्धि के 20 उदाहरण (20 Examples)

क्र. सन्धि विच्छेद (Split) सन्धि पद (Join) नियम (Rule)
1एक + एकम्एकैकम्अ + ए = ऐ
2सदा + एवसदैवआ + ए = ऐ
3मम + एवममैवअ + ए = ऐ
4तथा + एवतथैवआ + ए = ऐ
5अद्य + एवअद्यैवअ + ए = ऐ
6अत्र + एवअत्रैवअ + ए = ऐ
7मत + ऐक्यम्मतैक्यम्अ + ऐ = ऐ
8देव + ऐश्वर्यम्देवैश्वर्यम्अ + ऐ = ऐ
9महा + ऐश्वर्यम्महैश्वर्यम्आ + ऐ = ऐ
10लोक + एषणालोकैषणाअ + ए = ऐ
11वन + ओषधिःवनौषधिःअ + ओ = औ
12जल + ओघःजलौघःअ + ओ = औ
13महा + ओषधिःमहौषधिःआ + ओ = औ
14गङ्गा + ओघःगङ्गौघःआ + ओ = औ
15परम + औषधम्परमौषधम्अ + औ = औ
16महा + औषधम्महौषधम्आ + औ = औ
17कृष्ण + औत्सुक्यम्कृष्णौत्सुक्यम्अ + औ = औ
18विद्या + औचित्यम्विद्यौचित्यम्आ + औ = औ
19तव + औदार्यम्तवौदार्यम्अ + औ = औ
20चित्त + औदार्यम्चित्तौदार्यम्अ + औ = औ
⚠️ पहचान (Trick): वृद्धि सन्धि वाले शब्दों के ऊपर प्रायः दो मात्राएँ ( ै या ौ ) दिखाई देती हैं (जैसे- सदै, वनौ)।

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