उभयपदी 'ज्ञा' धातु (जानना / To Know)
क्र्यादि गण (9वें गण) की अत्यंत महत्त्वपूर्ण धातु। यह उभयपदी है, अतः इसके रूप परस्मैपदी (जानाति) और आत्मनेपदी (जानीते) दोनों में चलते हैं। इसमें 'ज्ञा' को 'जा' आदेश होने का विशिष्ट नियम लागू होता है।
💡 'ज्ञा' से 'जाना' बनने का रहस्य (V.V.Imp)
• क्र्यादि गण की धातु होने के कारण यहाँ 'श्ना' (ना) विकरण लगता है। पाणिनीय सूत्र 'ज्ञाजनोर्जा' के अनुसार 'ज्ञा' को 'जा' आदेश हो जाता है। अतः लट् आदि 4 सार्वधातुक लकारों में रूप 'जानाति' (जा + ना + ति) या 'जानीते' बनते हैं।
• लृट् (भविष्यत्) और लुङ् आदि 6 आर्धधातुक लकारों में मूल धातु 'ज्ञा' वापस आ जाती है। अतः भविष्यत् में 'जानास्यति' नहीं, बल्कि शुद्ध रूप 'ज्ञास्यति / ज्ञास्यते' (वह जानेगा) बनता है।
१. लट् लकार (वर्तमान काल / Present Tense)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जानाति | जानीतः | जानन्ति |
| मध्यम पुरुष | जानासि | जानीथः | जानीथ |
| उत्तम पुरुष | जानामि | जानीवः | जानीमः |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जानीते | जानाते | जानते |
| मध्यम पुरुष | जानीषे | जानाथे | जानीध्वे |
| उत्तम पुरुष | जाने | जानीवहे | जानीमहे |
💡 ध्यान दें: एकवचन में 'जाना' (जैसे- जानाति) और द्विवचन/बहुवचन में प्रायः 'जानी/जान्' (जानीतः, जानन्ति) हो जाता है।
२. लृट् लकार (सामान्य भविष्यत् / Future Tense)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | ज्ञास्यति | ज्ञास्यतः | ज्ञास्यन्ति |
| मध्यम पुरुष | ज्ञास्यसि | ज्ञास्यथः | ज्ञास्यथ |
| उत्तम पुरुष | ज्ञास्यामि | ज्ञास्यावः | ज्ञास्यामः |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | ज्ञास्यते | ज्ञास्येते | ज्ञास्यन्ते |
| मध्यम पुरुष | ज्ञास्यसे | ज्ञास्येथे | ज्ञास्यध्वे |
| उत्तम पुरुष | ज्ञास्ये | ज्ञास्यावहे | ज्ञास्यामहे |
३. लोट् लकार (आज्ञा या प्रार्थना / Imperative Mood)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जानातु / जानीतात् | जानीताम् | जानन्तु |
| मध्यम पुरुष | जानीहि / जानीतात् | जानीतम् | जानीत |
| उत्तम पुरुष | जानानि | जानाव | जानाम |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जानीताम् | जानाताम् | जानताम् |
| मध्यम पुरुष | जानीष्व | जानाथाम् | जानीध्वम् |
| उत्तम पुरुष | जानै | जानावहै | जानामहै |
४. लङ् लकार (अनद्यतन भूतकाल / Past Tense)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अजानात् | अजानीताम् | अजानन् |
| मध्यम पुरुष | अजानाः | अजानीतम् | अजानीत |
| उत्तम पुरुष | अजानाम् | अजानीव | अजानीम |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अजानीत | अजानाताम् | अजानत |
| मध्यम पुरुष | अजानीथाः | अजानाथाम् | अजानीध्वम् |
| उत्तम पुरुष | अजानि | अजानीवहि | अजानीमहि |
५. विधिलिङ् लकार (चाहिए अर्थ में / Potential Mood)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जानीयात् | जानीयाताम् | जानीयुः |
| मध्यम पुरुष | जानीयाः | जानीयातम् | जानीयात |
| उत्तम पुरुष | जानीयाम् | जानीयाव | जानीयाम |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जानीत | जानीयाताम् | जानीरन् |
| मध्यम पुरुष | जानीथाः | जानीयाथाम् | जानीध्वम् |
| उत्तम पुरुष | जानीय | जानीवहि | जानीमहि |
६. लिट् लकार (परोक्ष भूतकाल / Unseen Past)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जज्ञौ | जज्ञतुः | जज्ञुः |
| मध्यम पुरुष | जज्ञिथ / जज्ञाथ | जज्ञथुः | जज्ञ |
| उत्तम पुरुष | जज्ञौ | जज्ञिव | जज्ञिम |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | जज्ञे | जज्ञाते | जज्ञिरे |
| मध्यम पुरुष | जज्ञिषे | जज्ञाथे | जज्ञिध्वे / जज्ञिढ्वे |
| उत्तम पुरुष | जज्ञे | जज्ञिवहे | जज्ञिमहे |
💡 विशेष (लिट्): द्विर्वचन होकर 'ज्ञा' का 'जज्ञ्' बन जाता है। आकारांत धातु होने के कारण प्रथम पुरुष एकवचन में 'औ' होकर 'जज्ञौ' और आत्मनेपदी में 'जज्ञे' रूप निष्पन्न होता है।
७. लुट् लकार (अनद्यतन भविष्यत् / First Future)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | ज्ञाता | ज्ञातारौ | ज्ञातारः |
| मध्यम पुरुष | ज्ञातासि | ज्ञातास्थः | ज्ञातास्थ |
| उत्तम पुरुष | ज्ञातास्मि | ज्ञातास्वः | ज्ञातास्मः |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | ज्ञाता | ज्ञातारौ | ज्ञातारः |
| मध्यम पुरुष | ज्ञातासे | ज्ञातासाथे | ज्ञाताध्वे |
| उत्तम पुरुष | ज्ञाताहे | ज्ञातास्वहे | ज्ञातास्महे |
८. आशीर्लिङ् लकार (आशीर्वाद अर्थ में / Benedictive)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | ज्ञेयात् | ज्ञेयास्ताम् | ज्ञेयासुः |
| मध्यम पुरुष | ज्ञेयाः | ज्ञेयास्तम् | ज्ञेयास्त |
| उत्तम पुरुष | ज्ञेयासम् | ज्ञेयास्व | ज्ञेयास्म |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | ज्ञासीष्ट | ज्ञासीयास्ताम् | ज्ञासीरन् |
| मध्यम पुरुष | ज्ञासीष्ठाः | ज्ञासीयाथाम् | ज्ञासीध्वम् |
| उत्तम पुरुष | ज्ञासीय | ज्ञासीवहि | ज्ञासीमहि |
💡 विशेष (आशीर्लिङ्): सूत्र 'एर्लिङि' से आकारांत धातु के 'आ' को 'ए' हो जाता है, जिससे परस्मैपदी में 'ज्ञेयात्' रूप बनता है। किन्तु आत्मनेपदी में 'सीयुट्' का आगम होकर 'ज्ञासीष्ट' रूप ही रहता है (ज्ञेसीष्ट नहीं)।
९. लुङ् लकार (सामान्य भूतकाल / Aorist Past)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अज्ञासीत् | अज्ञासिष्टाम् | अज्ञासिषुः |
| मध्यम पुरुष | अज्ञासीः | अज्ञासिष्टम् | अज्ञासिष्ट |
| उत्तम पुरुष | अज्ञासिषम् | अज्ञासिष्व | अज्ञासिष्म |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अज्ञास्त | अज्ञासाताम् | अज्ञासत |
| मध्यम पुरुष | अज्ञास्थाः | अज्ञासाथाम् | अज्ञाध्वम् |
| उत्तम पुरुष | अज्ञासि | अज्ञास्वहि | अज्ञास्महि |
💡 विशेष (लुङ्): यह कृ और पच् धातु से भिन्न है। यहाँ परस्मैपदी में सिच् और ईट् का आगम होकर 'अज्ञासीत्' बनता है। वहीं आत्मनेपदी में 'अ + ज्ञा + स् + त' मिलकर 'अज्ञास्त' (उसने जाना) सिद्ध होता है।
१०. लृङ् लकार (हेतुहेतुमद् भाव / Conditional)
➤ परस्मैपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अज्ञास्यत् | अज्ञास्यताम् | अज्ञास्यन् |
| मध्यम पुरुष | अज्ञास्यः | अज्ञास्यतम् | अज्ञास्यत |
| उत्तम पुरुष | अज्ञास्यम् | अज्ञास्याव | अज्ञास्याम |
➤ आत्मनेपदी रूप
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम पुरुष | अज्ञास्यत | अज्ञास्येताम् | अज्ञास्यन्त |
| मध्यम पुरुष | अज्ञास्यथाः | अज्ञास्येथाम् | अज्ञास्यध्वम् |
| उत्तम पुरुष | अज्ञास्ये | अज्ञास्यावहि | अज्ञास्यामहि |
