न्यायप्रिय राजा
एक दिन महाराजा रणजीत सिंह भ्रमण पर थे। सड़क के किनारे कुछ बच्चे एक बेरी के वृक्ष को पत्थर मारकर बेर गिरा रहे थे। एक ब…
एक दिन महाराजा रणजीत सिंह भ्रमण पर थे। सड़क के किनारे कुछ बच्चे एक बेरी के वृक्ष को पत्थर मारकर बेर गिरा रहे थे। एक ब…
एक छोटे से कस्बे में शंभू शिल्पकार रहता था। वह पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर तोड़कर लाता और उसे आकार देकर मूर्तियां बनात…
"पापा के पास कोई और शर्ट पैंट नहीं है क्या ? जब से देख रहा हूं यही तीन चार जोड़ी कपड़े लटकाए रहते हैं ।" कोचिं…
उनमें न राग (आसक्ति) है, न लोभ, न मान है, न मद। उनको संपत्ति सुख और विपत्ति (दुःख) समान है। इसी से मुनि लोग योग (साधन…
आचार्य सूरज कृष्ण शास्त्री काम से थका हुआ घर जाने के लिए निकला। अशांत और विचलित मन लिए सब्जी मंडी पहुँचा कुछ सब्जिय…
कथा व उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की एक गुमनाम कालजयी कहानी जिहाद जिसका नाम भी बहुत कम लोगों ने सुना होगा, आखिर इस…
प्राचीनकाल में मिथिला में सीरध्वज जनक नाम से प्रसिद्ध धर्मात्मा राजा राज्य करते थे । एक बार राजा जनक यज्ञ के लिए पृथ्…
एक बार देवराज इन्द्र ने देव-शिल्पी विश्वकर्माजी को आदेश दिया कि एक ऐसे भवन का निर्माण करो जिसमें कोई दोष न रहे तथा जो…
हमारे सनातन धर्म में गायत्री मंत्र का बड़ा ही महत्व है विभिन्न देवताओं के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के गायत्री मंत्रों क…
लक्ष्मी यस्य परिग्रहः कमलभूः सूनुर्गरुत्मान् रथः पौत्रश्चन्द्रविभूषणः सुरगुरुः शेषश्च शय्यासनः । ब्रह्माण्डं वरमन्दिर…
अरण्य विलाप, आचार्य सूरज कृष्ण शास्त्री गधों में होड़ है इस बात की ,कोई बताए तो , कि उनके बीच सबसे जोर से अब रेंकता है …
आचार्य सूरज कृष्ण शास्त्री दोस्तों, किसी भी घर की सुख, शान्ति और समृद्धि के लिए नए अथवा पुराने घर में प्रवेश करने से …
मोहम्मद शमी, भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के हीरो मोहम्मद शमी पर उनकी बीवी ने पाकिस्तानी नागरिक से पैसे लेने…
नरक चतुर्दशी पर्व नरक चतुर्दशी क्यों मनाते हैं ? नरक चतुर्दशी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को कहा जाता है…
Maharshi Panini अनुबन्ध इत् संज्ञक अक्षरों को अनुबन्ध कहा जाता है। इन इत् संज्ञकों का यद्यपि लोप हो जाता है परन्तु…
Ramayan विभीषणजी रावण को पाप के रास्ते पर आगे बढने से रोकने के लिए समझाते हैं कि काम, क्रोध, अहंकार, लोभ आदि नरक के …
guru & shishya एक बार एक गुरूजी अपने शिष्यों को भक्ति का उपदेश देते हुए समझा रहे थे कि बेटा पक्के साधक बनो, कच्चे…
krishna sudama जैसे ही द्वारकाधीश ने दूसरी मुट्ठी चावल उठा कर फाँक लगानी चाही, रुक्मिणी ने जल्दी से उनका हाथ पकड़ कर …