4. लोट् लकार (आज्ञार्थक)
पहचान: इसका प्रयोग आज्ञा (Order), अनुमति या प्रार्थना (Request) के लिए किया जाता है।
उदाहरण: त्वम् पठ (तुम पढ़ो), सः गच्छतु (वह जाए)।
उदाहरण: त्वम् पठ (तुम पढ़ो), सः गच्छतु (वह जाए)।
⚠ याद रखें: लोट् लकार (परस्मैपद) में कहीं भी विसर्ग (:) नहीं लगता है।
क. परस्मैपद प्रत्यय (सूत्र)
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | तु(पठतु) | ताम्(पठताम्) | अन्तु(पठन्तु) |
| मध्यम | अ / हि(पठ) | तम्(पठतम्) | त(पठत) |
| उत्तम | आनि(पठानि) | आाव(पठाव) | आम(पठाम) |
ख. आत्मनेपद प्रत्यय (सूत्र)
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | ताम्(लभताम्) | इताम्(लभेताम्) | अन्ताम्(लभन्ताम्) |
| मध्यम | स्व(लभस्व) | इथाम्(लभेथाम्) | ध्वम्(लभध्वम्) |
| उत्तम | ऐ(लभै) | आवहै(लभावहै) | आमहै(लभामहै) |
