Influence of Heredity and Environment (अनुवांशिकता और पर्यावरण का प्रभाव) - Complete CDP Notes + 20 MCQs

Sooraj Krishna Shastri
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अनुवांशिकता और पर्यावरण का प्रभाव: एक विस्तृत विवेचना
(The Influence of Heredity and Environment: A Detailed Analysis)

मानव विकास एक जटिल प्रक्रिया है जो किसी एक कारक पर निर्भर नहीं है। यह दो शक्तिशाली शक्तियों—अनुवांशिकता (Heredity/Nature) और पर्यावरण (Environment/Nurture)—के निरंतर और गतिशील अंतःक्रिया का परिणाम है। सदियों से, दार्शनिकों और मनोवैज्ञानिकों ने इस "प्रकृति बनाम पोषण" (Nature vs. Nurture) बहस पर तर्क-वितर्क किया है कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व, बुद्धि और व्यवहार को निर्धारित करने में कौन अधिक महत्वपूर्ण है। आधुनिक मनोविज्ञान इस बहस से आगे बढ़कर अब इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि ये दोनों कारक *कैसे* परस्पर क्रिया करते हैं।

भाग 1: अनुवांशिकता (Heredity - The Nature)

अनुवांशिकता उन जन्मजात विशेषताओं, प्रवृत्तियों और क्षमताओं को संदर्भित करती है जो एक व्यक्ति को गर्भाधान के समय अपने माता-पिता से विरासत में मिलती हैं। यह वह जैविक खाका (Biological Blueprint) है जो हमारे विकास की नींव और सीमाओं को निर्धारित करता है।

1.1 अनुवांशिकता की क्रियाविधि (Mechanism of Heredity)

जीवन का आरंभ एक एकल कोशिका, युग्मनज (Zygote) से होता है, जो माता के अंडाणु और पिता के शुक्राणु के मिलने से बनता है। इस युग्मनज में 46 गुणसूत्र (Chromosomes) होते हैं (23 माता से और 23 पिता से)। इन गुणसूत्रों में हजारों जीन (Genes) होते हैं, जो DNA के बने होते हैं। जीन ही अनुवांशिकता की मूल इकाइयाँ हैं, जो विशिष्ट लक्षणों (जैसे आँखों का रंग, रक्त समूह) के लिए निर्देश ले जाती हैं।

  • सर फ्रांसिस गाल्टन (Sir Francis Galton): इन्हें 'प्रजनन विज्ञान' (Eugenics) का जनक माना जाता है। उन्होंने अपनी पुस्तक "Hereditary Genius" (1869) में तर्क दिया कि प्रतिभा और बुद्धिमत्ता मुख्य रूप से अनुवांशिक होती है और यह परिवारों में चलती है।
  • ग्रेगर मेंडल (Gregor Mendel): अनुवांशिकी के जनक, जिन्होंने मटर के पौधों पर अपने प्रयोगों के माध्यम से वंशानुक्रम के मूलभूत नियमों (प्रभाविता का नियम, पृथक्करण का नियम) की खोज की।

1.2 क्या विरासत में मिलता है? (What is Inherited?)

अनुवांशिकता मुख्य रूप से हमारे भौतिक और कुछ हद तक मानसिक और स्वभावगत आधार को निर्धारित करती है:

  • शारीरिक लक्षण: ऊंचाई, वजन, आँखों और बालों का रंग, त्वचा का रंग, रक्त समूह, और शरीर की संरचना।
  • शारीरिक कार्यप्रणाली: चयापचय दर (Metabolic rate), बीमारियों के प्रति संवेदनशीलता, और परिपक्वता की जैविक समय-सारिणी (जैसे दांत निकलना, यौवन)।
  • मानसिक क्षमताएं: बुद्धिमत्ता (Intelligence) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अनुवांशिक माना जाता है। जुड़वां अध्ययन (Twin Studies) दिखाते हैं कि अलग-अलग पाले गए एकसमान जुड़वा बच्चों (Identical Twins) का IQ सहसंबंध (Correlation) एक साथ पाले गए भ्रातृ जुड़वा बच्चों (Fraternal Twins) से अधिक होता है।
  • स्वभाव (Temperament): जन्मजात व्यवहारिक शैली, जैसे कि बच्चा कितना सक्रिय, चिड़चिड़ा या शांत है, इसका एक मजबूत जैविक आधार होता है।
"अनुवांशिकता हमें क्षमताएं प्रदान करती है, और पर्यावरण इन क्षमताओं को विकसित होने के अवसर प्रदान करता है।"

भाग 2: पर्यावरण (Environment - The Nurture)

पर्यावरण उन सभी बाहरी शक्तियों, प्रभावों और स्थितियों को संदर्भित करता है जो गर्भाधान के क्षण से लेकर मृत्यु तक किसी व्यक्ति के जीवन और विकास को प्रभावित करती हैं। यह वह "मिट्टी और पानी" है जो अनुवांशिक "बीज" को पनपने में मदद करता है या बाधा डालता है।

2.1 पर्यावरण के प्रकार (Types of Environment)

पर्यावरण को व्यापक रूप से दो चरणों में विभाजित किया जा सकता है:

  • प्रसवपूर्व पर्यावरण (Prenatal Environment): माँ के गर्भ के अंदर का वातावरण। माँ का स्वास्थ्य, पोषण, तनाव का स्तर, दवाओं का सेवन, और बीमारियाँ (जैसे रूबेला) भ्रूण के विकास पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं।
  • प्रसवोत्तर पर्यावरण (Postnatal Environment): जन्म के बाद का बाहरी संसार।
    • भौतिक पर्यावरण: जलवायु, आवास की स्थिति, प्रदूषण, और पोषण की उपलब्धता।
    • सामाजिक और सांस्कृतिक पर्यावरण: परिवार (पालन-पोषण शैली), स्कूल, सहकर्मी समूह (Peer group), मीडिया, समाज के मूल्य, रीति-रिवाज और आर्थिक स्थिति।

2.2 प्रमुख मनोवैज्ञानिकों के विचार

  • जे.बी. वॉटसन (J.B. Watson): व्यवहारवाद के जनक, जो पर्यावरण के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने प्रसिद्ध रूप से दावा किया था: "मुझे एक दर्जन स्वस्थ शिशु दो... मैं उन्हें किसी भी प्रकार का विशेषज्ञ बनाने की गारंटी देता हूँ - डॉक्टर, वकील, कलाकार... चाहे उनकी प्रतिभा या पूर्वज कुछ भी हों।"
  • लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky): इन्होंने संज्ञानात्मक विकास में सामाजिक-सांस्कृतिक पर्यावरण की भूमिका पर जोर दिया। उनके अनुसार, उच्च मानसिक कार्य सामाजिक अंतःक्रियाओं से उत्पन्न होते हैं।
  • यूरी ब्रोंफेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner): उनके 'पारिस्थितिक तंत्र सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अनुसार, व्यक्ति विकास को प्रभावित करने वाले पर्यावरणीय प्रणालियों (सूक्ष्म, मध्य, बाह्य, और वृहत तंत्र) के एक जटिल सेट के केंद्र में होता है।

भाग 3: अनुवांशिकता और पर्यावरण की अंतःक्रिया (The Interaction)

आधुनिक विकासात्मक मनोविज्ञान इस बात पर जोर देता है कि विकास केवल 'प्रकृति' या 'पोषण' का परिणाम नहीं है, बल्कि इन दोनों का एक जटिल और गतिशील गुणनफल है।

3.1 गुणनफल का सिद्धांत (Multiplicative View)

मनोवैज्ञानिक आर.एस. वुडवर्थ (R.S. Woodworth) ने तर्क दिया कि विकास अनुवांशिकता और पर्यावरण का योग नहीं (H + E), बल्कि गुणनफल (H × E) है।

विकास = अनुवांशिकता × पर्यावरण
(Development = Heredity × Environment)

इसका अर्थ है कि यदि दोनों में से कोई भी कारक शून्य है, तो विकास संभव नहीं है। बिना अनुवांशिक क्षमता के सर्वोत्तम पर्यावरण बेकार है, और बिना सहायक पर्यावरण के सर्वोत्तम जीन भी पूरी तरह विकसित नहीं हो सकते।

3.2 अंतःक्रिया की प्रमुख अवधारणाएं (Key Concepts of Interaction)

क) प्रतिक्रिया की सीमा (Reaction Range)

यह अवधारणा (Gottesman द्वारा प्रस्तावित) बताती है कि हमारी अनुवांशिकता एक 'रेंज' या सीमा निर्धारित करती है जिसके भीतर हमारा विकास हो सकता है, और पर्यावरण यह निर्धारित करता है कि हम उस सीमा के भीतर कहाँ तक पहुँचेंगे।

  • उदाहरण: एक व्यक्ति को अनुवांशिक रूप से 100 से 120 के IQ की क्षमता विरासत में मिल सकती है। एक समृद्ध, उत्तेजक वातावरण में, वह 120 तक पहुँच सकता है, जबकि एक वंचित वातावरण में, वह केवल 100 तक ही पहुँच सकता है। वह अपनी जैविक सीमा (120) से आगे नहीं बढ़ सकता, चाहे पर्यावरण कितना भी अच्छा क्यों न हो।

ख) नहरकरण (Canalization)

कुछ विशेषताएँ अनुवांशिक रूप से इतनी मजबूती से निर्धारित होती हैं कि वे पर्यावरण के प्रति कम संवेदनशील होती हैं। इसे 'नहरकरण' कहते हैं। उदाहरण के लिए, चलना सीखना या भाषा बोलना एक अत्यधिक 'नहरित' (canalized) व्यवहार है, जो अत्यधिक प्रतिकूल परिस्थितियों को छोड़कर लगभग सभी बच्चों में विकसित होता है। इसके विपरीत, बुद्धिमत्ता या व्यक्तित्व कम नहरित होते हैं और पर्यावरण से अधिक प्रभावित होते हैं।

ग) एपिजेनेटिक्स (Epigenetics)

यह जीव विज्ञान का एक नया और रोमांचक क्षेत्र है जो अध्ययन करता है कि पर्यावरण जीन को कैसे 'चालू' या 'बंद' कर सकता है। तनाव, पोषण और अन्य पर्यावरणीय कारक DNA अनुक्रम को बदले बिना जीन की अभिव्यक्ति (Gene Expression) को बदल सकते हैं। इसका मतलब है कि आपके अनुभव आपके जीन के काम करने के तरीके को भौतिक रूप से बदल सकते हैं, और यह बदलाव कभी-कभी अगली पीढ़ी तक भी जा सकता है।

घ) जीन-पर्यावरण सहसंबंध (Gene-Environment Correlation)

हमारे जीन उस प्रकार के वातावरण को भी प्रभावित करते हैं जिसे हम अनुभव करते हैं।

  • निष्क्रिय (Passive): माता-पिता बच्चे को जीन और पर्यावरण दोनों प्रदान करते हैं (जैसे, बुद्धिमान माता-पिता जीन भी देते हैं और घर में किताबें भी रखते हैं)।
  • उत्तेजक (Evocative): बच्चे की अनुवांशिक प्रवृत्तियां दूसरों से प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करती हैं (जैसे, एक खुशमिजाज बच्चा सकारात्मक सामाजिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त करता है)।
  • सक्रिय (Active/Niche-picking): व्यक्ति अपनी अनुवांशिक रुचियों के अनुकूल वातावरण की तलाश करते हैं (जैसे, एक कलात्मक बच्चा कला की कक्षाओं में शामिल होना चुनता है)।

भाग 4: शैक्षिक निहितार्थ (Educational Implications)

एक शिक्षक के रूप में, अनुवांशिकता और पर्यावरण के परस्पर प्रभाव को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है:

  • व्यक्तिगत अंतर का सम्मान: यह समझना कि प्रत्येक बच्चा एक अद्वितीय अनुवांशिक खाका लेकर आता है। सभी से समान प्रदर्शन की अपेक्षा करना अवास्तविक है।
  • पर्यावरण की शक्ति को पहचानना: शिक्षक जीन को नहीं बदल सकता, लेकिन वह कक्षा के वातावरण को नियंत्रित कर सकता है। एक समृद्ध, सहायक और उत्तेजक वातावरण प्रदान करके, शिक्षक छात्रों को उनकी अनुवांशिक क्षमता के उच्चतम स्तर तक पहुँचने में मदद कर सकता है।
  • संतुलित दृष्टिकोण: न तो पूरी तरह से नियतिवादी (सब कुछ जीन तय करते हैं) होना चाहिए और न ही पूरी तरह से पर्यावरणवादी (सब कुछ सिखाया जा सकता है)। बच्चे की जन्मजात क्षमताओं को पहचानें और उन्हें पोषित करने के लिए सही अवसर प्रदान करें।
  • प्रारंभिक हस्तक्षेप का महत्व: जीवन के शुरुआती वर्षों में मस्तिष्क सबसे अधिक लचीला (Plastic) होता है। वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए प्रारंभिक बचपन की शिक्षा और पोषण संबंधी हस्तक्षेप उनके विकास के प्रक्षेपवक्र (Trajectory) को बदल सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

अनुवांशिकता और पर्यावरण विकास के सिक्के के दो पहलू हैं। 'कौन अधिक महत्वपूर्ण है?' यह पूछना वैसा ही है जैसे पूछना कि 'आयत का क्षेत्रफल निर्धारित करने में लंबाई अधिक महत्वपूर्ण है या चौड़ाई?' दोनों अनिवार्य हैं। अनुवांशिकता 'संभावनाओं का क्षेत्र' निर्धारित करती है, और पर्यावरण 'वास्तविकता' को आकार देता है। विकास इन दोनों के बीच एक निरंतर संवाद है।

अनुवांशिकता और पर्यावरण
(20 Challenging MCQs)

नोट: ये प्रश्न आपकी अवधारणात्मक गहराई और अनुप्रयोग क्षमता का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

1. "प्रतिक्रिया की सीमा" (Reaction Range) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे सटीक है?
  • A. पर्यावरण यह निर्धारित करता है कि किसी व्यक्ति की 'सीमा' कितनी विस्तृत होगी।
  • B. अनुवांशिकता एक निश्चित बिंदु निर्धारित करती है जहाँ तक विकास पहुँच सकता है, न कि कोई सीमा।
  • C. अनुवांशिकता विकास की ऊपरी और निचली सीमाएं निर्धारित करती है, जबकि पर्यावरण यह तय करता है कि व्यक्ति उस सीमा के भीतर कहाँ स्थित होगा।
  • D. समृद्ध वातावरण में, कोई भी व्यक्ति अपनी अनुवांशिक सीमा से आगे निकल सकता है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: 'प्रतिक्रिया की सीमा' का अर्थ है कि जीन एक संभावित रेंज (रेंज ऑफ पोटेंशियल) तय करते हैं। पर्यावरण यह निर्धारित करता है कि व्यक्ति उस रेंज के भीतर अपनी क्षमता का कितना उपयोग कर पाएगा। हम अपनी जैविक ऊपरी सीमा को पार नहीं कर सकते।
2. एपिजेनेटिक्स (Epigenetics) के क्षेत्र में शोध क्या सुझाव देता है?
  • A. पर्यावरणीय कारक DNA अनुक्रम (sequence) को स्थायी रूप से बदल सकते हैं।
  • B. अनुभव जीन की अभिव्यक्ति (Gene Expression) को बदल सकते हैं, बिना DNA कोड को बदले, और ये परिवर्तन कभी-कभी विरासत में मिल सकते हैं।
  • C. अनुवांशिकता का प्रभाव पर्यावरण के प्रभाव से हमेशा अधिक मजबूत होता है।
  • D. केवल प्रसवपूर्व पर्यावरण ही जीन की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: एपिजेनेटिक्स यह अध्ययन करता है कि वातावरण जीन को कैसे 'चालू' या 'बंद' करता है (जीन अभिव्यक्ति), न कि DNA संरचना में बदलाव। तनाव या पोषण जैसे कारक इन "स्विच" को प्रभावित कर सकते हैं।
3. एक सक्रिय (Active) या 'नीच-पिकिंग' (Niche-picking) जीन-पर्यावरण सहसंबंध का सबसे अच्छा उदाहरण क्या है?
  • A. बुद्धिमान माता-पिता अपने बच्चे को किताबें प्रदान करते हैं क्योंकि वे स्वयं पढ़ना पसंद करते हैं।
  • B. एक रोता हुआ, चिड़चिड़ा बच्चा अपने माता-पिता से नकारात्मक प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न करता है।
  • C. एक संगीत में रुचि रखने वाला किशोर स्वयं स्कूल बैंड में शामिल होने का निर्णय लेता है और संगीत के दोस्तों की तलाश करता है।
  • D. एक बच्चे की ऊंचाई उसके माता-पिता की ऊंचाई के औसत पर निर्भर करती है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: सक्रिय सहसंबंध तब होता है जब व्यक्ति अपनी अनुवांशिक प्रवृत्तियों के अनुकूल वातावरण को सक्रिय रूप से खोजता है या चुनता है।
4. "विकास = अनुवांशिकता × पर्यावरण" का वुडवर्थ का सूत्र क्या दर्शाता है?
  • A. विकास में अनुवांशिकता और पर्यावरण का योगदान 50-50 प्रतिशत है।
  • B. विकास इन दोनों कारकों के योग का परिणाम है।
  • C. इन कारकों के बीच की अंतःक्रिया योगात्मक के बजाय गुणात्मक है; एक की अनुपस्थिति का अर्थ है कोई विकास नहीं।
  • D. पर्यावरण अनुवांशिकता की तुलना में विकास को कई गुना अधिक प्रभावित करता है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: यह एक 'गुणात्मक' (Multiplicative) मॉडल है। यदि H=0 या E=0 है, तो परिणाम (विकास) शून्य होगा। यह उनकी अन्योन्याश्रितता पर जोर देता है।
5. यदि एक विशेषता अत्यधिक 'नहरित' (Canalized) है, तो इसका क्या अर्थ है?
  • A. यह विशेषता पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति बहुत संवेदनशील है।
  • B. इसके विकास के लिए विशिष्ट पर्यावरणीय इनपुट की आवश्यकता होती है।
  • C. इसका विकास अनुवांशिक रूप से दृढ़ता से निर्धारित है और इसे पटरी से उतारने के लिए अत्यधिक प्रतिकूल वातावरण की आवश्यकता होती है।
  • D. यह विशेषता केवल वयस्कता में प्रकट होती है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: नहरकरण (Canalization) का अर्थ है कि विकास का मार्ग जीन द्वारा इतनी मजबूती से तय किया गया है कि सामान्य पर्यावरणीय विविधताएं इसे प्रभावित नहीं करती हैं (जैसे शिशु का बड़बड़ाना या चलना सीखना)।
6. जुड़वां अध्ययनों (Twin Studies) में, यदि एक ही वातावरण में पाले गए एकसमान जुड़वा बच्चों (MZ) का सहसंबंध, एक ही वातावरण में पाले गए भ्रातृ जुड़वा बच्चों (DZ) से काफी अधिक है, तो यह किस ओर इशारा करता है?
  • A. उस विशेषता पर पर्यावरण का मजबूत प्रभाव।
  • B. उस विशेषता पर अनुवांशिकता का मजबूत प्रभाव।
  • C. जीन और पर्यावरण के बीच कोई अंतःक्रिया नहीं है।
  • D. माप में त्रुटि है क्योंकि MZ और DZ जुड़वा बच्चों का वातावरण समान नहीं हो सकता।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: चूंकि MZ जुड़वा 100% जीन साझा करते हैं और DZ केवल 50%, और दोनों का वातावरण समान माना जाता है, इसलिए MZ में उच्च समानता का मुख्य कारण उनका अधिक साझा किया गया DNA (अनुवांशिकता) होना चाहिए।
7. निम्नलिखित में से कौन सा कथन जे.बी. वॉटसन के व्यवहारवादी दृष्टिकोण का सबसे अच्छा खंडन (rebuttal) है?
  • A. पर्यावरण व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण है।
  • B. बच्चे कोरी स्लेट (tabula rasa) के रूप में पैदा होते हैं।
  • C. बच्चे जन्मजात स्वभाव (temperament) और जैविक सीमाओं के साथ पैदा होते हैं जो पर्यावरण के प्रभाव को सीमित करते हैं।
  • D. प्रारंभिक शिक्षा का बच्चे के भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: वॉटसन का मानना था कि पर्यावरण ही सब कुछ है और वे किसी भी बच्चे को कुछ भी बना सकते हैं। आधुनिक विज्ञान यह स्वीकार करके इसका खंडन करता है कि बच्चे जन्मजात स्वभाव और जैविक सीमाओं के साथ आते हैं जो उनके सीखने और प्रतिक्रिया करने के तरीके को प्रभावित करते हैं।
8. विकास के संदर्भ में 'प्रकृति' (Nature) शब्द में क्या शामिल नहीं है?
  • A. जैविक परिपक्वता की समय-सारिणी।
  • B. गर्भाधान के समय विरासत में मिली आनुवंशिक सामग्री।
  • C. प्रसवपूर्व पोषण और माँ का स्वास्थ्य।
  • D. जन्मजात स्वभाव (Temperament)।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: प्रसवपूर्व पोषण और माँ का स्वास्थ्य, यद्यपि जन्म से पहले के कारक हैं, तकनीकी रूप से 'पर्यावरण' (प्रसवपूर्व पर्यावरण) का हिस्सा हैं, न कि अनुवांशिकता (प्रकृति) का, जो केवल जीन से संबंधित है।
9. एक शिक्षक यह देखता है कि एक छात्र, रोहन, गणित में असाधारण रूप से प्रतिभाशाली है, जबकि उसके माता-पिता को गणित में कोई विशेष रुचि नहीं थी। यह स्थिति किस सिद्धांत की जटिलता को दर्शाती है?
  • A. केवल पर्यावरण ही बुद्धि निर्धारित करता है।
  • B. अनुवांशिकता सीधे माता-पिता से बच्चों में लक्षणों को स्थानांतरित करती है, बिना किसी बदलाव के।
  • C. पॉलीजेनिक वंशानुक्रम (Polygenic inheritance) और अप्रभावी जीन (Recessive genes) के कारण लक्षण पीढ़ियों को छोड़ सकते हैं या नए संयोजनों में प्रकट हो सकते हैं।
  • D. रोहन का मामला साबित करता है कि अनुवांशिकता का कोई महत्व नहीं है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: अधिकांश मानवीय विशेषताएँ (जैसे बुद्धि) पॉलीजेनिक (कई जीनों द्वारा नियंत्रित) होती हैं। यह आवश्यक नहीं है कि प्रतिभाशाली माता-पिता के बच्चे प्रतिभाशाली ही हों, क्योंकि जीन संयोजन जटिल होता है और कुछ लक्षण छिपे (अप्रभावी) रह सकते हैं और बाद की पीढ़ियों में प्रकट हो सकते हैं।
10. यूरी ब्रोंफेनब्रेनर के पारिस्थितिक तंत्र सिद्धांत में, 'मैक्रोसिस्टम' (Macrosystem) का उदाहरण कौन सा है जो बच्चे के विकास को प्रभावित करता है?
  • A. बच्चे का परिवार और स्कूल।
  • B. माता-पिता का कार्यस्थल।
  • C. समाज के सांस्कृतिक मूल्य, कानून और रीति-रिवाज।
  • D. समय के साथ होने वाले ऐतिहासिक परिवर्तन (क्रोनोसिस्टम)।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: मैक्रोसिस्टम सबसे बाहरी स्तर है, जिसमें व्यापक सांस्कृतिक संदर्भ, मूल्य, कानून और रीति-रिवाज शामिल होते हैं जो अन्य सभी प्रणालियों को प्रभावित करते हैं।
11. कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि गरीबी में रहने वाले बच्चों का IQ स्कोर अमीर घरों के बच्चों की तुलना में कम होता है। यह अवलोकन मुख्य रूप से क्या उजागर करता है?
  • A. गरीबों में जन्मजात रूप से कम बुद्धि होती है।
  • B. बुद्धि पूरी तरह से सांस्कृतिक पूर्वाग्रह पर आधारित परीक्षणों का परिणाम है।
  • C. वंचित वातावरण किसी व्यक्ति को उसकी अनुवांशिक क्षमता (Reaction Range) के ऊपरी छोर तक पहुँचने से रोक सकता है।
  • D. IQ स्कोर पर अनुवांशिकता का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: गरीबी अक्सर कुपोषण, तनाव और उत्तेजना की कमी से जुड़ी होती है। यह प्रतिकूल वातावरण बच्चे को उसकी जन्मजात अनुवांशिक क्षमता (प्रतिक्रिया की सीमा) को पूरी तरह से महसूस करने से रोकता है।
12. निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'उत्तेजक (Evocative) जीन-पर्यावरण सहसंबंध' का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
  • A. माता-पिता बच्चे को जीन और पर्यावरण दोनों प्रदान करते हैं।
  • B. बच्चे की अनुवांशिक रूप से प्रभावित विशेषताएँ (जैसे, शारीरिक आकर्षण या स्वभाव) दूसरों के व्यवहार को प्रभावित करती हैं।
  • C. बच्चे सक्रिय रूप से उन वातावरणों की तलाश करते हैं जो उनकी रुचियों के अनुकूल हों।
  • D. पर्यावरण जीन की अभिव्यक्ति को बदल देता है।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: उत्तेजक सहसंबंध तब होता है जब किसी व्यक्ति के अनुवांशिक लक्षण सामाजिक वातावरण से विशिष्ट प्रतिक्रियाएं उत्पन्न (evoke) करते हैं। उदाहरण के लिए, एक खुशमिजाज बच्चे को लोग अधिक सकारात्मक रूप से प्रतिक्रिया देते हैं।
13. यदि हम यह स्वीकार करते हैं कि विकास H × E का परिणाम है, तो एक शिक्षक के रूप में हमारी सबसे प्रभावी भूमिका क्या है?
  • A. छात्रों के जीन को बदलने का प्रयास करना।
  • B. यह मान लेना कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों में अनुवांशिक क्षमता की कमी है।
  • C. इस बात पर ध्यान केंद्रित करना कि 'E' (पर्यावरण) को कैसे समृद्ध किया जाए ताकि 'H' (अनुवांशिकता) की क्षमता अधिकतम हो सके।
  • D. केवल प्रतिभाशाली छात्रों पर ध्यान केंद्रित करना क्योंकि उनके पास बेहतर 'H' है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: शिक्षक 'H' (अनुवांशिकता) को नियंत्रित नहीं कर सकते। उनकी शक्ति 'E' (पर्यावरण - कक्षा, शिक्षण विधियां, प्रोत्साहन) को अनुकूलित करने में निहित है ताकि प्रत्येक बच्चा अपनी क्षमता का सर्वोत्तम उपयोग कर सके।
14. 'प्रकृति बनाम पोषण' की बहस अब पुरानी मानी जाती है क्योंकि:
  • A. वैज्ञानिकों ने सिद्ध कर दिया है कि पोषण अधिक महत्वपूर्ण है।
  • B. यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों कारक जन्म से ही अविभाज्य रूप से परस्पर क्रिया करते हैं।
  • C. अब हम जीन को संशोधित कर सकते हैं, इसलिए प्रकृति अप्रासंगिक है।
  • D. मनोविज्ञान ने जीव विज्ञान पर ध्यान देना बंद कर दिया है।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: समकालीन दृष्टिकोण "बनाम" (vs.) को खारिज करता है और "अंतःक्रिया" (interaction) पर जोर देता है। हम यह नहीं बता सकते कि किसी व्यवहार का कितना प्रतिशत जीन से है और कितना पर्यावरण से, क्योंकि वे एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
15. जन्म के समय अलग हुए एकसमान जुड़वा बच्चों (Identical Twins reared apart) का अध्ययन शोधकर्ताओं के लिए इतना मूल्यवान क्यों है?
  • A. क्योंकि उनका पर्यावरण समान है, लेकिन जीन अलग हैं।
  • B. क्योंकि उनके जीन समान हैं, लेकिन पर्यावरण अलग हैं।
  • C. क्योंकि वे साबित करते हैं कि पर्यावरण का कोई प्रभाव नहीं है।
  • D. क्योंकि वे दुर्लभ हैं और उनका अध्ययन करना आसान है।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: यह एक आदर्श प्राकृतिक प्रयोग है। चूंकि उनके जीन 100% समान हैं, इसलिए उनके बीच जो भी अंतर पाया जाता है, वह मुख्य रूप से उनके अलग-अलग वातावरण के कारण होना चाहिए। यह पर्यावरण के प्रभाव को अलग करने में मदद करता है।
16. निम्नलिखित में से कौन सा मानव विकास में 'परिपक्वता' (Maturation) का सही उदाहरण है, जो मुख्य रूप से अनुवांशिकता द्वारा निर्देशित है?
  • A. साइकिल चलाना सीखना।
  • B. एक नई भाषा का व्याकरण सीखना।
  • C. एक निश्चित क्रम में रेंगना, खड़ा होना और चलना।
  • D. पियानो बजाना सीखना।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: परिपक्वता जैविक विकास की एक पूर्व-निर्धारित समय-सारिणी का खुलासा है (जैसे मोटर विकास का क्रम)। अन्य विकल्प (साइकिल चलाना, भाषा, पियानो) सीखने और अभ्यास (पर्यावरण) पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं।
17. एक बच्चे का स्वभाव (Temperament) मुख्य रूप से अनुवांशिक माना जाता है। यदि एक शर्मीले स्वभाव का बच्चा एक ऐसे परिवार में पलता है जो सामाजिक मेलजोल को बहुत महत्व देता है और उसे लगातार प्रोत्साहित करता है, तो संभावित परिणाम क्या होगा?
  • A. बच्चा पूरी तरह से बहिर्मुखी (extrovert) बन जाएगा और उसका शर्मीलापन गायब हो जाएगा।
  • B. बच्चे का मूल स्वभाव नहीं बदलेगा, और वह और अधिक अंतर्मुखी हो जाएगा।
  • C. बच्चा सामाजिक कौशल सीख सकता है और कम चिंतित हो सकता है, लेकिन उसका मूल स्वभाव संभवतः अंतर्मुखी ही रहेगा।
  • D. पर्यावरण का स्वभाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: यह अनुवांशिकता और पर्यावरण की अंतःक्रिया का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पर्यावरण मूल जैविक स्वभाव को पूरी तरह से नहीं बदल सकता है, लेकिन यह उसके प्रकट होने के तरीके को संशोधित कर सकता है। बच्चा अनुकूलन करना सीख जाएगा, लेकिन उसकी मूल प्रवृत्ति बनी रहेगी।
18. 'प्रजनन विज्ञान' (Eugenics) के जनक सर फ्रांसिस गाल्टन का मुख्य तर्क क्या था, जिसे आज नैतिक रूप से समस्याग्रस्त माना जाता है?
  • A. कि पर्यावरण बुद्धिमत्ता का एकमात्र निर्धारक है।
  • B. कि मानवीय क्षमता में सुधार के लिए चयनात्मक प्रजनन (selective breeding) का उपयोग किया जाना चाहिए क्योंकि लक्षण वंशानुगत होते हैं।
  • C. कि शिक्षा सभी सामाजिक बुराइयों का समाधान है।
  • D. कि सभी मनुष्य जन्म के समय समान होते हैं।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: गाल्टन का मानना था कि प्रतिभा और बुद्धिमत्ता वंशानुगत हैं। उन्होंने तर्क दिया कि समाज को 'वांछनीय' लक्षणों वाले लोगों को प्रजनन के लिए प्रोत्साहित करके और 'अवांछनीय' लक्षणों वाले लोगों को हतोत्साहित करके मानव जाति में सुधार करना चाहिए। यह विचार बाद में भेदभावपूर्ण नीतियों का आधार बना।
19. गोटसमैन (Gottesman) के अनुसार, निम्नलिखित में से किस विशेषता के लिए 'प्रतिक्रिया की सीमा' (Reaction Range) सबसे संकीर्ण (narrowest) होने की संभावना है?
  • A. बुद्धिमत्ता (Intelligence)।
  • B. व्यक्तित्व (Personality)।
  • C. शारीरिक ऊंचाई (Physical Height)।
  • D. रक्त समूह (Blood Group)।
✅ सही उत्तर: (D) 💡 व्याख्या: रक्त समूह पूरी तरह से अनुवांशिकता द्वारा निर्धारित होता है और पर्यावरण (जैसे आहार या व्यायाम) का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए, इसकी प्रतिक्रिया की सीमा लगभग शून्य या सबसे संकीर्ण है। ऊंचाई और बुद्धि पर्यावरण से काफी प्रभावित होते हैं, और व्यक्तित्व तो और भी अधिक।
20. एक समावेशी कक्षा (inclusive classroom) में, अनुवांशिकता और पर्यावरण की अंतःक्रिया के सिद्धांत को लागू करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
  • A. सभी छात्रों के लिए एक ही मानकीकृत पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति का उपयोग करना।
  • B. यह स्वीकार करना कि सीखने की अक्षमताएं केवल जैविक हैं और उन्हें बदला नहीं जा सकता।
  • C. विविध शिक्षण रणनीतियों (differentiated instruction) का उपयोग करना जो विभिन्न प्रकार की जन्मजात क्षमताओं और पृष्ठभूमि के छात्रों को समर्थन प्रदान करें।
  • D. केवल उन छात्रों पर ध्यान केंद्रित करना जो पर्यावरण से वंचित हैं, और प्रतिभाशाली छात्रों की उपेक्षा करना।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: समावेशी शिक्षा का सार यह पहचानना है कि छात्रों में विविध अनुवांशिक क्षमताएं और पर्यावरणीय पृष्ठभूमि होती हैं। विभेदित निर्देश (Differentiated instruction) उस सहायक 'पर्यावरण' को बनाने का तरीका है जो प्रत्येक छात्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करता है और उनकी क्षमता को अधिकतम करता है।

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