Piaget, Kohlberg & Vygotsky Theories (सिद्धांत): Cognitive, Moral & Social Development - Notes + 20 MCQs

Sooraj Krishna Shastri
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पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की: निर्माण और आलोचनात्मक दृष्टिकोण
(Constructs and Critical Perspectives: Piaget, Kohlberg & Vygotsky)

आधुनिक शिक्षा मनोविज्ञान तीन स्तंभों पर टिका है: जीन पियाजे (संज्ञानात्मक विकास), लेव वायगोत्स्की (सामाजिक-सांस्कृतिक विकास), और लॉरेंस कोहलबर्ग (नैतिक विकास)। इन तीनों सिद्धांतकारों ने "बच्चा कोरी स्लेट (Tabula Rasa) है" की पुरानी अवधारणा को खारिज किया और यह स्थापित किया कि बच्चे सक्रिय रूप से अपने ज्ञान और नैतिकता का निर्माण करते हैं। इस लेख में हम उनके सिद्धांतों की गहराई, तुलना और आलोचनात्मक विश्लेषण करेंगे।

1. जीन पियाजे: संज्ञानात्मक रचनावाद (Cognitive Constructivism)

स्विट्जरलैंड के मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे को 'विकासात्मक मनोविज्ञान का पिता' कहा जाता है। उन्होंने 'आनुवंशिक ज्ञानमीमांसा' (Genetic Epistemology) का प्रतिपादन किया, जिसका अर्थ है कि ज्ञान का विकास कैसे होता है। पियाजे का मानना था कि बच्चे "नन्हें वैज्ञानिक" होते हैं जो दुनिया के बारे में अपनी समझ खुद बनाते हैं।

1.1 मुख्य अवधारणाएं (Key Constructs)

स्कीमा (Schema): ज्ञान के पैकेट

स्कीमा मानसिक संरचनाएं या 'ज्ञान की ईंटें' हैं। जैसे एक बच्चे के दिमाग में 'कुत्ते' का स्कीमा है (चार पैर + पूंछ)। जब वह नई जानकारी प्राप्त करता है, तो वह इसी स्कीमा का उपयोग करता है।

अनुकूलन (Adaptation) की प्रक्रिया
  • आत्मसात्करण (Assimilation): नई जानकारी को पुराने स्कीमा में फिट करना। (उदाहरण: बिल्ली को देखकर उसे भी 'कुत्ता' कहना क्योंकि उसके भी चार पैर हैं)।
  • समायोजन (Accommodation): नई जानकारी के अनुसार पुराने स्कीमा को बदलना या नया स्कीमा बनाना। (उदाहरण: यह समझना कि बिल्ली अलग है क्योंकि वह 'म्याऊँ' करती है, इसलिए कुत्ते का स्कीमा बदला और बिल्ली का नया स्कीमा बनाया)।
  • साम्यीकरण (Equilibration): वह प्रक्रिया जो आत्मसात्करण और समायोजन के बीच संतुलन बनाती है। यह संज्ञानात्मक विकास का मुख्य चालक है।

1.2 संज्ञानात्मक विकास की 4 अवस्थाएं (Stages of Cognitive Development)

  • संवेदी-गामक अवस्था (Sensorimotor, 0-2 वर्ष):
    • ज्ञान इंद्रियों (आंख, कान, स्पर्श) और गत्यात्मक क्रियाओं से आता है।
    • महत्वपूर्ण उपलब्धि: वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) - यह समझना कि वस्तुएं तब भी मौजूद हैं जब वे दिखाई नहीं देतीं।
  • पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational, 2-7 वर्ष):
    • जीववाद (Animism): निर्जीव वस्तुओं में जीवन देखना (जैसे- "गुड़िया को चोट लग गई")।
    • अहंकेंद्रवाद (Egocentrism): बच्चा दूसरों का नजरिया नहीं समझ पाता। उसे लगता है "जो मुझे दिखता है, वही सबको दिखता है।"
    • केंद्रीकरण (Centration): किसी वस्तु के केवल एक पहलू पर ध्यान देना (जैसे- गिलास की लंबाई देखना, चौड़ाई नहीं)।
  • मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational, 7-11 वर्ष):
    • तर्क की शुरुआत, लेकिन केवल मूर्त (ठोस) वस्तुओं के लिए।
    • संरक्षण (Conservation): यह समझना कि रूप बदलने पर भी मात्रा वही रहती है।
    • विपर्ययता (Reversibility): यह समझना कि 2+3=5 है तो 5-3=2 होगा।
  • अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational, 11+ वर्ष):
    • अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक तर्क (Hypothetical deductive reasoning)।
आलोचनात्मक दृष्टिकोण (Critical Perspective on Piaget):
  • संस्कृति की उपेक्षा: पियाजे ने यह मान लिया कि विकास सार्वभौमिक है, उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ (जैसे वायगोत्स्की ने किया) को नजरअंदाज किया।
  • क्षमताओं का कम आकलन: आधुनिक शोध बताते हैं कि बच्चे पियाजे द्वारा बताई गई उम्र से पहले ही 'वस्तु स्थायित्व' और 'तर्क' विकसित कर लेते हैं।
  • चरणों की कठोरता: विकास हमेशा सीढ़ीदार (Step-like) नहीं होता; यह सतत भी हो सकता है।

2. लेव वायगोत्स्की: सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Sociocultural Theory)

रूस के मनोवैज्ञानिक लेव वायगोत्स्की को 'सामाजिक रचनावाद' (Social Constructivism) का जनक माना जाता है। उन्होंने पियाजे के ठीक विपरीत तर्क दिया। पियाजे ने कहा "विकास से सीखना होता है", जबकि वायगोत्स्की ने कहा "सीखना विकास की ओर ले जाता है" (Learning leads development)।

2.1 मुख्य अवधारणाएं (Key Constructs)

ZPD (समीपस्थ विकास का क्षेत्र)

यह बच्चे के विकास के दो स्तरों के बीच का अंतर है:

  1. वास्तविक विकास स्तर: जो बच्चा खुद कर सकता है।
  2. संभावित विकास स्तर: जो बच्चा किसी की मदद से कर सकता है।

ZPD वह 'जादुई क्षेत्र' है जहाँ सीखना सबसे अच्छा होता है।

पाड़/ढांचा (Scaffolding)

यह वह अस्थायी सहायता है जो एक वयस्क या अधिक जानकार साथी (MKO - More Knowledgeable Other) बच्चे को देता है। जैसे साइकिल सिखाते समय पीछे से पकड़ना और धीरे-धीरे छोड़ना।

भाषा और विचार (Language and Thought)

पियाजे ने बच्चे की खुद से बात करने को 'अहंकेंद्रित वाक' (Egocentric Speech) कहकर बेकार माना। वायगोत्स्की ने इसे 'निज वाक' (Private Speech) कहा और इसे महत्वपूर्ण माना। उनके अनुसार, "बच्चे खुद से बात करके अपने व्यवहार और सोच को निर्देशित करते हैं।"

2.2 पियाजे बनाम वायगोत्स्की: महा-तुलना (The Grand Comparison)

आधार जीन पियाजे (Cognitive) लेव वायगोत्स्की (Sociocultural)
सीखने का आधार खोज (Discovery) और व्यक्तिगत प्रयास। "अकेला वैज्ञानिक"। सामाजिक अंतःक्रिया (Interaction) और सहयोग। "सामाजिक प्राणी"।
विकास की दिशा विकास पहले होता है, सीखना बाद में। (Development → Learning) सीखना पहले होता है, जो विकास को खींचता है। (Learning → Development)
भाषा विचार पहले आते हैं, भाषा बाद में। भाषा मात्र विचारों की अभिव्यक्ति है। भाषा और विचार शुरू में अलग होते हैं, फिर मिल जाते हैं। भाषा चिंतन का निर्माण करती है।
शिक्षण विधि सहयोगात्मक नहीं, बल्कि अन्वेषण आधारित। पारस्परिक शिक्षण (Reciprocal Teaching) और सहयोगात्मक अधिगम।
आलोचनात्मक दृष्टिकोण (Critical Perspective on Vygotsky):
  • जैविक पक्ष की उपेक्षा: वायगोत्स्की ने संस्कृति पर इतना जोर दिया कि उन्होंने जैविक और अनुवांशिक कारकों को कम करके आंका।
  • अस्पष्टता: ZPD की चौड़ाई को मापना कठिन है। यह नहीं पता चलता कि किस बच्चे का ZPD कितना बड़ा है।

3. लॉरेंस कोहलबर्ग: नैतिक विकास का सिद्धांत (Moral Development)

कोहलबर्ग ने पियाजे के काम को आगे बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को नैतिक दुविधाएं (Moral Dilemmas) दीं—जिनमें सबसे प्रसिद्ध 'हेंज की दुविधा' (Heinz Dilemma) है (क्या हेंज को अपनी मरती पत्नी को बचाने के लिए दवा चोरी करनी चाहिए?)। उन्होंने बच्चों के *उत्तर* पर नहीं, बल्कि उनके *तर्क* (Reasoning) पर ध्यान दिया।

3.1 नैतिक विकास के 3 स्तर और 6 चरण

स्तर 1: पूर्व-परंपरागत (Pre-conventional) - 4 से 10 वर्ष

नैतिकता बाहरी नियंत्रण में होती है।

  • चरण 1: दंड एवं आज्ञापालन (Punishment & Obedience): "चोरी करना गलत है क्योंकि पुलिस पकड़ लेगी।" (डर मुख्य कारक है)।
  • चरण 2: व्यक्तिगत विनिमय (Individual Exchange): "टिट फॉर टैट"। "अगर मैं चोरी करूँ, तो मुझे क्या मिलेगा?" (स्वार्थ मुख्य कारक है)।

स्तर 2: परंपरागत (Conventional) - 10 से 13 वर्ष

नैतिकता सामाजिक नियमों और दूसरों को खुश करने पर आधारित होती है।

  • चरण 3: अच्छा लड़का/अच्छी लड़की (Good Boy/Girl): "चोरी करना गलत है क्योंकि लोग मुझे चोर कहेंगे।" (स्वीकृति मुख्य कारक है)।
  • चरण 4: कानून और व्यवस्था (Law & Order): "चोरी गलत है क्योंकि यह कानून के खिलाफ है और अगर सब चोरी करेंगे तो समाज टूट जाएगा।" (नियम सर्वोपरि हैं)।

स्तर 3: उत्तर-परंपरागत (Post-conventional) - 13+ वर्ष

नैतिकता आंतरिक सिद्धांतों पर आधारित होती है, भले ही वे कानून के खिलाफ हों।

  • चरण 5: सामाजिक अनुबंध (Social Contract): "कानून लोगों की भलाई के लिए हैं। अगर कानून (दवा का दाम) किसी की जान ले रहा है, तो कानून को तोड़ा जा सकता है या बदला जा सकता है।"
  • चरण 6: सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles): मानवाधिकार, न्याय और जीवन का मूल्य कानून से ऊपर है। (गांधी, मंडेला स्तर)।
आलोचनात्मक दृष्टिकोण: कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan's Critique)

कोहलबर्ग की सबसे बड़ी आलोचना उनकी शिष्या कैरोल गिलिगन ने की।

  • लैंगिक पूर्वाग्रह (Gender Bias): गिलिगन ने कहा कि कोहलबर्ग का सिद्धांत पुरुषों के 'न्याय' (Justice) के दृष्टिकोण पर आधारित है। महिलाएं अक्सर 'देखभाल' (Care) और रिश्तों के आधार पर निर्णय लेती हैं, जिसे कोहलबर्ग ने कमतर आंका (चरण 3)।
  • संस्कृति पूर्वाग्रह: यह सिद्धांत पश्चिमी (Western) समाजों के लिए अधिक उपयुक्त है, जहां व्यक्तिवाद है। पूर्वी समाजों में सामूहिकता अधिक होती है।

मास्टर क्विज़: 20 महत्वपूर्ण प्रश्न (Master Quiz)
(Important Questions on Piaget, Vygotsky & Kohlberg)

1. एक 5 साल का बच्चा कहता है, "सूरज आज उदास है।" पियाजे के अनुसार, यह किस अवधारणा को दर्शाता है?
  • A. अहंकेंद्रवाद (Egocentrism)
  • B. जीववाद (Animism)
  • C. संरक्षण (Conservation)
  • D. वस्तु स्थायित्व (Object Permanence)
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: निर्जीव वस्तुओं (सूरज) में मानवीय भावनाओं या जीवन का आरोपण करना 'जीववाद' (Animism) है, जो पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है।
2. वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे "निज वाक" (Private Speech) का उपयोग क्यों करते हैं?
  • A. वे अहंकेंद्रित होते हैं।
  • B. वे अपने कार्यों को विनियमित और निर्देशित करने के लिए।
  • C. वे वयस्कों का ध्यान आकर्षित करने के लिए।
  • D. यह संज्ञान में बाधा डालता है।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे खुद से बात करके अपनी सोच को व्यवस्थित करते हैं और कठिन कार्यों के दौरान खुद का मार्गदर्शन करते हैं।
3. कैरोल गिलिगन ने कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना किस आधार पर की?
  • A. उन्होंने संज्ञानात्मक परिपक्वता को नजरअंदाज किया।
  • B. उन्होंने नैतिक तर्क में 'देखभाल के नैतिकता' (Ethics of Care) की उपेक्षा की।
  • C. उन्होंने बच्चों पर प्रयोग नहीं किए।
  • D. उनके चरण स्पष्ट नहीं थे।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: गिलिगन का तर्क था कि कोहलबर्ग ने पुरुषों के 'न्याय' के परिप्रेक्ष्य को प्राथमिकता दी और महिलाओं के 'देखभाल और जिम्मेदारी' के परिप्रेक्ष्य को नजरअंदाज किया।
4. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की प्रक्रिया में 'साम्यीकरण' (Equilibration) क्या करता है?
  • A. पुरानी जानकारी को नई जानकारी से बदलना।
  • B. आत्मसात्करण और समायोजन के बीच संतुलन बनाना।
  • C. स्कीमा को पूरी तरह से हटा देना।
  • D. बच्चों को सामाजिक बनाना।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: जब नई जानकारी पुराने स्कीमा से टकराती है (असंतुलन), तो साम्यीकरण वह तंत्र है जो आत्मसात्करण या समायोजन के माध्यम से पुनः मानसिक संतुलन (Equilibrium) स्थापित करता है।
5. कोहलबर्ग के किस चरण में नैतिकता "कानून और सामाजिक व्यवस्था" को बनाए रखने पर आधारित होती है?
  • A. चरण 2 (व्यक्तिगत विनिमय)
  • B. चरण 3 (अच्छा लड़का/लड़की)
  • C. चरण 4 (सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना)
  • D. चरण 5 (सामाजिक अनुबंध)
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: चरण 4 (परंपरागत स्तर) में व्यक्ति का मानना होता है कि नियम और कानून समाज के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य हैं और इनका पालन हर हाल में होना चाहिए।
6. "सीखना विकास से पहले होता है।" यह कथन किसका है?
  • A. जीन पियाजे
  • B. लेव वायगोत्स्की
  • C. जेरोम ब्रूनर
  • D. बी.एफ. स्किनर
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: वायगोत्स्की का मानना था कि सामाजिक अधिगम (Social Learning) संज्ञानात्मक विकास का नेतृत्व करता है। (Learning pulls development).
7. एक बच्चा दो गिलासों में समान मात्रा में पानी देखता है। जब एक गिलास का पानी लंबे, पतले जार में डाला जाता है, तो बच्चा कहता है कि अब उसमें ज्यादा पानी है। पियाजे के अनुसार, बच्चे में किस क्षमता की कमी है?
  • A. वस्तु स्थायित्व
  • B. संरक्षण (Conservation)
  • C. अनुकरण
  • D. प्रतीकात्मक विचार
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: संरक्षण (Conservation) वह समझ है कि किसी वस्तु का रूप बदलने से उसकी मात्रा नहीं बदलती। पूर्व-संक्रियात्मक बच्चा 'केंद्रीकरण' (Centration) के कारण यह नहीं समझ पाता।
8. स्केफोल्डिंग (Scaffolding) की सही परिभाषा क्या है?
  • A. बच्चे को समस्या का उत्तर बता देना।
  • B. बच्चे के परिपक्व होने का इंतजार करना।
  • C. सीखने में वयस्कों द्वारा दी जाने वाली अस्थायी सहायता, जो बच्चे की क्षमता बढ़ने पर घटाई जाती है।
  • D. बच्चे को रटने के लिए प्रोत्साहित करना।
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: स्केफोल्डिंग एक ढांचा है। यह सहायता तब दी जाती है जब बच्चा अटकता है और जैसे-जैसे वह सक्षम होता है, सहायता हटा ली जाती है (Fading)।
9. कोहलबर्ग के अनुसार, नैतिक विकास का उच्चतम स्तर (चरण 6) क्या है?
  • A. कानूनों का पालन करना।
  • B. सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)।
  • C. सामाजिक अनुबंध।
  • D. दंड से बचना।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: चरण 6 में व्यक्ति अपनी अंतरात्मा (Conscience) और सार्वभौमिक मानवाधिकारों के आधार पर निर्णय लेता है, भले ही इसके लिए कानून तोड़ना पड़े।
10. पियाजे के 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational) की मुख्य उपलब्धि क्या है?
  • A. अमूर्त चिंतन
  • B. तार्किक चिंतन (मूर्त वस्तुओं पर) और वर्गीकरण
  • C. वस्तु स्थायित्व
  • D. काल्पनिक-निगमनात्मक तर्क
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: 7-11 वर्ष की इस आयु में बच्चा ठोस (Concrete) चीजों के बारे में तर्क करना, वर्गीकरण (Classification) और सीरिएशन (Seriation) सीख जाता है।
11. वायगोत्स्की के सिद्धांत में, MKO का पूर्ण रूप क्या है और इसका क्या महत्व है?
  • A. Most Knowledgeable Other - जो बच्चे से कम जानता है।
  • B. More Knowledgeable Other - कोई भी (व्यस्क या साथी) जो बच्चे से बेहतर कौशल रखता है।
  • C. Modern Knowledge Organization.
  • D. Main Knowledge Origin.
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: MKO वह व्यक्ति है जिसके पास सीखने वाले की तुलना में उस विशिष्ट कार्य के लिए बेहतर समझ या उच्च क्षमता है। यह सहकर्मी भी हो सकता है।
12. कोहलबर्ग के सिद्धांत की एक प्रमुख आलोचना यह है कि:
  • A. यह बच्चों के व्यवहार का सटीक पूर्वानुमान नहीं लगाता (नैतिक तर्क बनाम नैतिक व्यवहार)।
  • B. इसमें बहुत कम चरण हैं।
  • C. यह केवल जानवरों पर लागू होता है।
  • D. यह भाषा विकास पर केंद्रित है।
✅ सही उत्तर: (A) 💡 व्याख्या: कोहलबर्ग ने 'नैतिक तर्क' (हम क्या सोचते हैं) पर ध्यान दिया, न कि 'नैतिक व्यवहार' (हम वास्तव में क्या करते हैं) पर। कई बार लोग सोचते उच्च स्तर का हैं, पर करते निम्न स्तर का काम हैं।
13. एक बच्चा कहता है, "मैंने चॉकलेट चोरी नहीं की क्योंकि मम्मी मुझे डांटेंगी।" यह कोहलबर्ग के किस स्तर को दर्शाता है?
  • A. पूर्व-परंपरागत (Pre-conventional)
  • B. परंपरागत (Conventional)
  • C. उत्तर-परंपरागत (Post-conventional)
  • D. औपचारिक संक्रियात्मक
✅ सही उत्तर: (A) 💡 व्याख्या: यह स्तर 1 का चरण 1 है (दंड और आज्ञापालन)। यहाँ नैतिकता का आधार केवल सजा से बचना है।
14. पियाजे और वायगोत्स्की दोनों इस बात पर सहमत थे कि:
  • A. भाषा विकास के लिए आवश्यक नहीं है।
  • B. बच्चे ज्ञान के सक्रिय निर्माता (Constructivists) हैं।
  • C. विकास चरणों में होता है।
  • D. वयस्क शिक्षण में बाधा डालते हैं।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: दोनों ही 'रचनावादी' (Constructivists) थे। दोनों का मानना था कि बच्चे निष्क्रिय रूप से ज्ञान प्राप्त नहीं करते, बल्कि सक्रिय रूप से अपनी समझ का निर्माण करते हैं।
15. "पारस्परिक शिक्षण" (Reciprocal Teaching) किस सिद्धांत पर आधारित है?
  • A. पियाजे का संज्ञानात्मक सिद्धांत
  • B. स्किनर का व्यवहारवाद
  • C. वायगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत
  • D. गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: पारस्परिक शिक्षण में शिक्षक और छात्र संवाद करते हैं और बारी-बारी से शिक्षक की भूमिका निभाते हैं। यह वायगोत्स्की के सामाजिक अंतःक्रिया और ZPD पर आधारित है।
16. हेंज की दुविधा (Heinz Dilemma) में, यदि कोई व्यक्ति कहता है, "हेंज को दवा चोरी करनी चाहिए क्योंकि जीवन का मूल्य संपत्ति के अधिकार से अधिक है," तो वह किस चरण में है?
  • A. चरण 3 (अच्छा लड़का/लड़की)
  • B. चरण 4 (कानून व्यवस्था)
  • C. चरण 5 (सामाजिक अनुबंध) या 6 (सार्वभौमिक सिद्धांत)
  • D. चरण 1 (दंड)
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: यह उत्तर-परंपरागत तर्क है। यहाँ व्यक्ति अमूर्त सिद्धांतों (जीवन का मूल्य) को ठोस कानूनों (चोरी न करना) से ऊपर रख रहा है।
17. पियाजे के अनुसार, स्कीमा (Schema) में संशोधन की प्रक्रिया जब वर्तमान स्कीमा काम नहीं करता, क्या कहलाती है?
  • A. आत्मसात्करण (Assimilation)
  • B. समायोजन (Accommodation)
  • C. संगठन (Organization)
  • D. वस्तु स्थायित्व
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: जब पुरानी जानकारी काम नहीं आती और हमें अपनी सोच बदलनी पड़ती है (Change/Modify), तो उसे 'समायोजन' (Accommodation) कहते हैं।
18. वायगोत्स्की के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास का मूल कारण क्या है?
  • A. अनुवांशिकी
  • B. मानसिक स्कीमा का संतुलन
  • C. सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction)
  • D. उद्दीपन-अनुक्रिया संबंध
✅ सही उत्तर: (C) 💡 व्याख्या: वायगोत्स्की के सिद्धांत का केंद्र बिंदु ही यह है कि उच्च मानसिक कार्य सामाजिक अंतःक्रियाओं से उत्पन्न होते हैं।
19. कोहलबर्ग के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का - अच्छी लड़की' अभिविन्यास (Good Boy-Good Girl Orientation) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
  • A. दंड से बचना।
  • B. दूसरों से अनुमोदन/स्वीकृति प्राप्त करना।
  • C. अपने अधिकारों की रक्षा करना।
  • D. सार्वभौमिक न्याय।
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: इस चरण (स्तर 2) में, बच्चे नैतिक कार्य इसलिए करते हैं ताकि दूसरे (माता-पिता, समाज) उन्हें 'अच्छा' कहें और स्वीकार करें।
20. पियाजे की "औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था" (Formal Operational) की विशेषता जो किशोरों को अपने विचारों के बारे में सोचने की अनुमति देती है, उसे क्या कहते हैं?
  • A. संरक्षण
  • B. परा-संज्ञान (Metacognition)
  • C. जीववाद
  • D. केन्द्रीकरण
✅ सही उत्तर: (B) 💡 व्याख्या: यह "सोच के बारे में सोचना" (Thinking about thinking) है। यह अमूर्त चिंतन का एक उच्च रूप है जो किशोरावस्था में विकसित होता है।

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