100 Major Indian Philosophy Scholars:भारतीय दर्शनशास्त्र के 100 प्रमुख विद्वान

Sooraj Krishna Shastri
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भारतीय दर्शनशास्त्र के 100 प्रमुख विद्वान: सूत्रकाल से आधुनिक चिंतन तक

'दृश्यते अनेन इति दर्शनम्'—जिसके द्वारा सत्य का साक्षात्कार किया जाए, वह दर्शन है। भारतीय दर्शन (Indian Philosophy) विश्व की सबसे समृद्ध और तार्किक विचार परंपरा है। इसे मुख्य रूप से आस्तिक (न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, मीमांसा, वेदांत) और नास्तिक (चार्वाक, जैन, बौद्ध) धाराओं में विभाजित किया गया है।

प्रस्तुत शोधपरक सूची में हमने **100 ऐसे मनीषियों** को कालक्रम के अनुसार संकलित किया है, जिन्होंने सूत्र रचना, भाष्य लेखन, तार्किक खंडन-मंडन और आधुनिक व्याख्याओं के माध्यम से भारतीय ज्ञान मीमांसा (Epistemology) और तत्वमीमांसा (Metaphysics) को शिखर पर पहुँचाया। यह सूची ऋषियों के **'आत्म-साक्षात्कार'** से लेकर नव्य-न्याय के **'बौद्धिक विलास'** तक की यात्रा है।

1. सूत्रकाल एवं प्राचीन आचार्य (वैदिक काल से 200 ई. तक)
क्रमआचार्य/दार्शनिकदर्शन/प्रमुख योगदान
1महर्षि कपिल'सांख्य सूत्र' (सृष्टि के आदि विद्वान, सांख्य दर्शन के प्रवर्तक)।
2महर्षि पतंजलि'योगसूत्र' (अष्टांग योग के प्रणेता)।
3महर्षि गौतम (अक्षपाद)'न्यायसूत्र' (तर्कशास्त्र और न्याय दर्शन के जनक)।
4महर्षि कणाद'वैशेषिक सूत्र' (परमाणुवाद के जनक)।
5महर्षि जैमिनी'मीमांसा सूत्र' (कर्मकांड और धर्म की व्याख्या)।
6महर्षि बादरायण (व्यास)'ब्रह्मसूत्र' (वेदांत दर्शन का आधार स्तंभ)।
7बृहस्पति'चार्वाक दर्शन' (लोकायत/भौतिकवाद) के आदि आचार्य।
8आसुरीसांख्य दर्शन के प्राचीन आचार्य (कपिल शिष्य)।
9पंचशिखसांख्य दर्शन के विस्तारक।
10याज्ञवल्क्यवृहदारण्यक उपनिषद के महान दार्शनिक।
11महावीर (वर्धमान)जैन दर्शन (अनेकांतवाद) के 24वें तीर्थंकर।
12गौतम (इन्द्रभूति)जैन गणधर (तर्क और ज्ञान मीमांसा)।
13मंखलि गोसालआजीवक संप्रदाय (नियतिवाद) के प्रवर्तक।
14उपवर्षमीमांसा और वेदांत के प्राचीन वृत्तिकार।
15बौधायनब्रह्मसूत्र के प्राचीन वृत्तिकार।
16नागार्जुन'माध्यमिक कारिका' (बौद्ध शून्यवाद के प्रवर्तक)।
17अश्वघोषबौद्ध दार्शनिक और महाकाव्य रचयिता।
18मैत्रेयनाथबौद्ध विज्ञानवाद के आदि आचार्य।
19उमास्वाति'तत्वार्थसूत्र' (जैन दर्शन का मानक ग्रंथ)।
20लकुलीशपाशुपत शैव दर्शन के प्रवर्तक।
21वासुगुप्त'शिवसूत्र' (कश्मीर शैव दर्शन)।
22असंगयोगाचार (बौद्ध दर्शन) के विस्तारक।
23वसुबंधु'अभिधर्मकोश' (बौद्ध तत्वमीमांसा)।
24कुन्दकुन्द आचार्य'समयसार' (जैन अध्यात्म और समयसार)।
25ईश्वरकृष्ण'सांख्यकारिका' (सांख्य दर्शन का प्रामाणिक ग्रंथ)।
2. भाष्यकाल एवं दार्शनिक खंडन-मंडन (300 ई. - 1000 ई.)
क्रमआचार्यप्रमुख ग्रंथ/संप्रदाय
26वात्स्यायन'न्यायभाष्य' (न्याय सूत्र की प्रथम व्याख्या)।
27प्रशस्तपाद'पदार्थधर्मसंग्रह' (वैशेषिक दर्शन भाष्य)।
28शबर स्वामी'शाबर भाष्य' (मीमांसा दर्शन का आधार)।
29दिङ्नाग'प्रमाणसमुच्चय' (बौद्ध न्याय के जनक)।
30धर्मकीर्ति'न्यायबिन्दु' (भारतीय तर्कशास्त्र के शिखर पुरुष)।
31उद्योतकर'न्यायवार्तिक' (न्याय दर्शन के रक्षक)।
32गौडपाद'माण्डूक्य कारिका' (अजातवाद, आदि शंकराचार्य के गुरु के गुरु)।
33कुमारिल भट्ट'श्लोकवार्तिक' (मीमांसा और वैदिक कर्मकांड के रक्षक)।
34प्रभाकर मिश्रमीमांसा में 'गुरु मत' के प्रवर्तक।
35आदि शंकराचार्य'शारीरक भाष्य' (अद्वैत वेदांत की स्थापना)।
36सुरेश्वराचार्य'नैष्कर्म्यसिद्धि' (शंकराचार्य के शिष्य)।
37पद्मपाद'पंचपादिका' (विवरण संप्रदाय के आदि)।
38मंडन मिश्र'ब्रह्मसिद्धि' (पहले मीमांसक, बाद में अद्वैती)।
39वाचस्पति मिश्र'भामती' (सर्वतंत्रस्वतंत्र, सभी 6 दर्शनों पर टीका)।
40जयंत भट्ट'न्यायमंजरी' (न्याय दर्शन का विश्वकोश)।
41आनंदवर्धनकाव्य दर्शन और ध्वनि सिद्धांत।
42अभिनवगुप्त'तन्त्रालोक' (कश्मीर शैव दर्शन के सर्वोच्च आचार्य)।
43उदयनाचार्य'न्यायकुसुमांजलि' (ईश्वर सिद्धि के तार्किक प्रमाण)।
44भास्कर आचार्य'भेदाभेद' वेदांत मत।
45यामुनाचार्य'सिद्धित्रय' (विशिष्टाद्वैत की पूर्वपीठिका)।
46हरिभद्र सूरि'षड्दर्शनसमुच्चय' (तुलनात्मक दर्शन)।
47अकलंक देवजैन न्याय के महान तार्किक।
48विद्यानन्द'अष्टसहस्री' (जैन दर्शन)।
49शांतक्षित'तत्वसंग्रह' (बौद्ध दर्शन)।
50श्रीधर'न्यायकंदली' (वैशेषिक टीका)।
3. भक्ति वेदांत और नव्य-न्याय (11वीं - 18वीं शताब्दी)
क्रमआचार्यप्रमुख ग्रंथ/दर्शन
51रामानुजाचार्य'श्रीभाष्य' (विशिष्टाद्वैत वेदांत)।
52निम्बार्काचार्य'वेदांत पारिजात सौरभ' (द्वैताद्वैत)।
53मध्वाचार्य'पूर्णप्रज्ञ भाष्य' (द्वैत वेदांत)।
54श्रीहर्ष'खंडनखंडखाद्य' (अद्वैत तर्कशास्त्र)।
55गंगेश उपाध्याय'तत्वचिंतामणि' (नव्य-न्याय के प्रवर्तक)।
56चित्सुखाचार्य'चित्सुखी' (प्रत्यक्-तत्व-प्रदीपिका)।
57विद्यारण्य स्वामी'पंचदशी' (अद्वैत वेदांत का मानक प्रकरण ग्रंथ)।
58वेदांत देशिक'शतदूषणी' (विशिष्टाद्वैत के तार्किक रक्षक)।
59जयतीर्थ'न्यायसुधा' (द्वैत वेदांत के टीकाकार)।
60वल्लभाचार्य'अणुभाष्य' (शुद्धाद्वैत / पुष्टि मार्ग)।
61चैतन्य महाप्रभुअचिंत्य भेदाभेद (गौड़ीय वेदांत)।
62रूप गोस्वामीभक्ति रसामृत सिन्धु (भक्ति दर्शन)।
63जीव गोस्वामी'षड्संदर्भ' (गौड़ीय दार्शनिक सिद्धांत)।
64मधुसूदन सरस्वती'अद्वैतसिद्धि' (न्याय और अद्वैत का समन्वय)।
65अप्पय दीक्षित'सिद्धांतलेशसंग्रह' और शैव अद्वैत।
66रघुनाथ शिरोमणि'दीधिति' (नव्य-न्याय के क्रांतिकारी विचारक)।
67जगदीश तर्कालंकार'शब्दशक्तिप्रकाशिका' (नव्य-न्याय)।
68गदाधर भट्टाचार्यनव्य-न्याय के अंतिम महान आचार्य (गादाधरी)।
69अन्नंभट्ट'तर्कसंग्रह' (न्याय-वैशेषिक का प्रवेश द्वार)।
70विश्वनाथ न्यायपंचानन'न्यायसिद्धांतमुक्तावली'।
71सदानंद योगींद्र'वेदांतसार'।
72धर्मराज अध्वरिन्द्र'वेदांतपरिभाषा' (अद्वैत प्रमाण शास्त्र)।
73विज्ञानभिक्षु'सांख्यप्रवचनभाष्य' (सांख्य और वेदांत समन्वय)।
74हेमचंद्र'प्रमाणमीमांसा' (जैन)।
75नीलकंठ चतुर्धरमहाभारत पर अद्वैत परक टीका।
4. आधुनिक युग एवं समकालीन दार्शनिक (19वीं - 21वीं शताब्दी)
क्रमविद्वानप्रमुख योगदान
76राजा राममोहन रायउपनिषदों का आधुनिक अनुवाद और व्याख्या।
77स्वामी दयानंद सरस्वती'सत्यार्थ प्रकाश' (वैदिक दर्शन का तार्किक पक्ष)।
78स्वामी विवेकानंदनव-वेदांत (Practical Vedanta)।
79बाल गंगाधर तिलक'गीता रहस्य' (कर्मयोग दर्शन)।
80महर्षि अरविंद'The Life Divine' (पूर्ण अद्वैत/समग्र योग)।
81के.सी. भट्टाचार्य'Subject as Freedom' (स्वराज का दर्शन)।
82डॉ. एस. राधाकृष्णन'Indian Philosophy' (भारतीय दर्शन का पाश्चात्य जगत में प्रचार)।
83एस.एन. दासगुप्ता'History of Indian Philosophy' (विस्तृत इतिहास)।
84एम. हिरियन्ना'Outlines of Indian Philosophy'।
85टी.आर.वी. मूर्तिशून्यवाद और कांट (Kant) का तुलनात्मक अध्ययन।
86ज्ञानेश्वर (संत)'ज्ञानेश्वरी' (गीता पर भावार्थ दीपिका)।
87फणिभूषण तर्कवागीशन्याय दर्शन का बांग्ला/हिंदी भाष्य।
88लक्ष्मण शास्त्री जोशी'धर्मकोश' और आधुनिक मीमांसा।
89श्रीराम शर्मा आचार्य108 उपनिषदों और दर्शनों का सरल भाष्य।
90बी.के. मतिलालभारतीय तर्कशास्त्र (Logic) का आधुनिक विश्लेषण।
91जे.एन. मोहंतीफेनोमेनोलॉजी और भारतीय दर्शन।
92बद्रीनाथ शुक्लनव्य-न्याय के आधुनिक मूर्धन्य विद्वान।
93गोविंद चंद्र पांडेबौद्ध धर्म और वेदांत का ऐतिहासिक शोध।
94एन.एस. रामानुज ताताचार्यनव्य-न्याय और मीमांसा के समकालीन शिखर पुरुष।
95रेवाप्रसाद द्विवेदीकाव्यालंकार और दर्शन।
96दयानंद भार्गवजैन दर्शन और नैतिकता।
97राममूर्ति शर्माअद्वैत वेदांत शोध।
98शशिप्रभा कुमारवैशेषिक दर्शन पर आधुनिक शोध।
99रामजी सिंहजैन दर्शन और गांधीवाद।
100पेरी सूर्यनारायण शास्त्रीव्याकरण और दर्शन के समन्वयकर्ता।
निष्कर्ष: सत्य की खोज की अनंत यात्रा

भारतीय दर्शन केवल बौद्धिक विलास नहीं, अपितु दुखों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति का साधन है। कपिल के 'दुखत्रय' निवारण से लेकर शंकराचार्य के 'ब्रह्म सत्य' तक, और गंगेश के 'प्रमाण' से लेकर अरविंद के 'अतिमानस' तक—यह 100 विद्वानों की सूची भारत की **प्रज्ञा (Wisdom)** का प्रतीक है।

इन आचार्यों ने सिद्ध किया कि भारत में धर्म और दर्शन (Religion and Philosophy) अलग नहीं हैं। **भगवत दर्शन** का यह प्रयास पाठकों को अपनी दार्शनिक विरासत से जोड़ने का एक विनम्र सेतु है।

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