महत्त्वपूर्ण सर्वनाम: तद्, एतद्, यद् एवं किम्
संस्कृत अनुवाद के मूलाधार: चारों प्रमुख सर्वनामों के तीनों लिंगों (पुँल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग) में सम्पूर्ण और अविभाजित रूप।
१. 'तद्' (वह / That) शब्दरूप
(क) तद् - पुँल्लिंग (Masculine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सः | तौ | ते |
| द्वितीया | तम् | तौ | तान् |
| तृतीया | तेन | ताभ्याम् | तैः |
| चतुर्थी | तस्मै | ताभ्याम् | तेभ्यः |
| पञ्चमी | तस्मात् | ताभ्याम् | तेभ्यः |
| षष्ठी | तस्य | तयोः | तेषाम् |
| सप्तमी | तस्मिन् | तयोः | तेषु |
(ख) तद् - स्त्रीलिंग (Feminine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | सा | ते | ताः |
| द्वितीया | ताम् | ते | ताः |
| तृतीया | तया | ताभ्याम् | ताभिः |
| चतुर्थी | तस्यै | ताभ्याम् | ताभ्यः |
| पञ्चमी | तस्याः | ताभ्याम् | ताभ्यः |
| षष्ठी | तस्याः | तयोः | तासाम् |
| सप्तमी | तस्याम् | तयोः | तासु |
(ग) तद् - नपुंसकलिंग (Neuter)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | तत् (तद्) | ते | तानि |
| द्वितीया | तत् (तद्) | ते | तानि |
| तृतीया | तेन | ताभ्याम् | तैः |
| चतुर्थी | तस्मै | ताभ्याम् | तेभ्यः |
| पञ्चमी | तस्मात् | ताभ्याम् | तेभ्यः |
| षष्ठी | तस्य | तयोः | तेषाम् |
| सप्तमी | तस्मिन् | तयोः | तेषु |
२. 'एतद्' (यह / This) शब्दरूप
(क) एतद् - पुँल्लिंग (Masculine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | एषः | एतौ | एते |
| द्वितीया | एतम् | एतौ | एतान् |
| तृतीया | एतेन | एताभ्याम् | एतैः |
| चतुर्थी | एतस्मै | एताभ्याम् | एतेभ्यः |
| पञ्चमी | एतस्मात् | एताभ्याम् | एतेभ्यः |
| षष्ठी | एतस्य | एतयोः | एतेषाम् |
| सप्तमी | एतस्मिन् | एतयोः | एतेषु |
(ख) एतद् - स्त्रीलिंग (Feminine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | एषा | एते | एताः |
| द्वितीया | एताम् | एते | एताः |
| तृतीया | एतया | एताभ्याम् | एताभिः |
| चतुर्थी | एतस्यै | एताभ्याम् | एताभ्यः |
| पञ्चमी | एतस्याः | एताभ्याम् | एताभ्यः |
| षष्ठी | एतस्याः | एतयोः | एतासाम् |
| सप्तमी | एतस्याम् | एतयोः | एतासु |
(ग) एतद् - नपुंसकलिंग (Neuter)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | एतत् (एतद्) | एते | एतानि |
| द्वितीया | एतत् (एतद्) | एते | एतानि |
| तृतीया | एतेन | एताभ्याम् | एतैः |
| चतुर्थी | एतस्मै | एताभ्याम् | एतेभ्यः |
| पञ्चमी | एतस्मात् | एताभ्याम् | एतेभ्यः |
| षष्ठी | एतस्य | एतयोः | एतेषाम् |
| सप्तमी | एतस्मिन् | एतयोः | एतेषु |
३. 'यद्' (जो / Who/Which) शब्दरूप
(क) यद् - पुँल्लिंग (Masculine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | यः | यौ | ये |
| द्वितीया | यम् | यौ | यान् |
| तृतीया | येन | याभ्याम् | यैः |
| चतुर्थी | यस्मै | याभ्याम् | येभ्यः |
| पञ्चमी | यस्मात् | याभ्याम् | येभ्यः |
| षष्ठी | यस्य | ययोः | येषाम् |
| सप्तमी | यस्मिन् | ययोः | येषु |
(ख) यद् - स्त्रीलिंग (Feminine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | या | ये | याः |
| द्वितीया | याम् | ये | याः |
| तृतीया | यया | याभ्याम् | याभिः |
| चतुर्थी | यस्यै | याभ्याम् | याभ्यः |
| पञ्चमी | यस्याः | याभ्याम् | याभ्यः |
| षष्ठी | यस्याः | ययोः | यासाम् |
| सप्तमी | यस्याम् | ययोः | यासु |
(ग) यद् - नपुंसकलिंग (Neuter)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | यत् (यद्) | ये | यानि |
| द्वितीया | यत् (यद्) | ये | यानि |
| तृतीया | येन | याभ्याम् | यैः |
| चतुर्थी | यस्मै | याभ्याम् | येभ्यः |
| पञ्चमी | यस्मात् | याभ्याम् | येभ्यः |
| षष्ठी | यस्य | ययोः | येषाम् |
| सप्तमी | यस्मिन् | ययोः | येषु |
४. 'किम्' (क्या/कौन / What/Who) शब्दरूप
(क) किम् - पुँल्लिंग (Masculine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | कः | कौ | के |
| द्वितीया | कम् | कौ | कान् |
| तृतीया | केन | काभ्याम् | कैः |
| चतुर्थी | कस्मै | काभ्याम् | केभ्यः |
| पञ्चमी | कस्मात् | काभ्याम् | केभ्यः |
| षष्ठी | कस्य | कयोः | केषाम् |
| सप्तमी | कस्मिन् | कयोः | केषु |
(ख) किम् - स्त्रीलिंग (Feminine)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | का | के | काः |
| द्वितीया | काम् | के | काः |
| तृतीया | कया | काभ्याम् | काभिः |
| चतुर्थी | कस्यै | काभ्याम् | काभ्यः |
| पञ्चमी | कस्याः | काभ्याम् | काभ्यः |
| षष्ठी | कस्याः | कयोः | कासाम् |
| सप्तमी | कस्याम् | कयोः | कासु |
(ग) किम् - नपुंसकलिंग (Neuter)
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | किम् | के | कानि |
| द्वितीया | किम् | के | कानि |
| तृतीया | केन | काभ्याम् | कैः |
| चतुर्थी | कस्मै | काभ्याम् | केभ्यः |
| पञ्चमी | कस्मात् | काभ्याम् | केभ्यः |
| षष्ठी | कस्य | कयोः | केषाम् |
| सप्तमी | कस्मिन् | कयोः | केषु |
💡 विशेष नियम (Golden Rule of Pronouns):
आपने ध्यान दिया होगा कि सर्वनाम शब्दों में नपुंसकलिंग को याद करना सबसे आसान है। नपुंसकलिंग की केवल प्रथमा और द्वितीया विभक्ति याद करनी होती है (जैसे- तत् ते तानि / एतत् एते एतानि)। इसके बाद तृतीया से लेकर सप्तमी तक के सभी रूप बिल्कुल पुँल्लिंग के समान ही चलते हैं!