उत्तम एवं मध्यम पुरुष: अस्मद् एवं युष्मद्
तीनों लिंगों में समान रहने वाले संस्कृत के सबसे विशिष्ट सर्वनाम। लाल रंग में अंकित वैकल्पिक रूपों (Enclitics) को विशेष ध्यान से पढ़ें।
१. 'अस्मद्' (मैं / I, We) - उत्तम पुरुष
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | अहम् | आवाम् | वयम् |
| द्वितीया | माम् (मा) | आवाम् (नौ) | अस्मान् (नः) |
| तृतीया | मया | आवाभ्याम् | अस्माभिः |
| चतुर्थी | मह्यम् (मे) | आवाभ्याम् (नौ) | अस्मभ्यम् (नः) |
| पञ्चमी | मत् | आवाभ्याम् | अस्मत् |
| षष्ठी | मम (मे) | आवयोः (नौ) | अस्माकम् (नः) |
| सप्तमी | मयि | आवयोः | अस्मासु |
२. 'युष्मद्' (तुम / You) - मध्यम पुरुष
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | त्वम् | युवाम् | यूयम् |
| द्वितीया | त्वाम् (त्वा) | युवाम् (वाम्) | युष्मान् (वः) |
| तृतीया | त्वया | युवाभ्याम् | युष्माभिः |
| चतुर्थी | तुभ्यम् (ते) | युवाभ्याम् (वाम्) | युष्मभ्यम् (वः) |
| पञ्चमी | त्वत् | युवाभ्याम् | युष्मत् |
| षष्ठी | तव (ते) | युवयोः (वाम्) | युष्माकम् (वः) |
| सप्तमी | त्वयि | युवयोः | युष्मासु |
अति महत्त्वपूर्ण परीक्षा-नियम (V.V.Imp Rules)
💡 १. तीनों लिंगों में समान: अस्मद् (मैं) और युष्मद् (तुम) ऐसे सर्वनाम हैं जिनके रूप पुँल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग — तीनों में बिल्कुल एक समान रहते हैं। अर्थात् एक लड़का भी "अहम्" (मैं) कहेगा और एक लड़की भी "अहम्" ही कहेगी। इनमें सम्बोधन नहीं होता।
💡 २. वैकल्पिक रूपों का प्रयोग (कहाँ करें, कहाँ नहीं?)
अस्मद् और युष्मद् में द्वितीया, चतुर्थी और षष्ठी विभक्तियों में जो वैकल्पिक रूप (जैसे- मे, ते, नौ, वाम्, नः, वः) बनते हैं, वे अनुदात्त होते हैं। इनके लिए पाणिनीय व्याकरण का सबसे कड़ा नियम यह है:
- ये वैकल्पिक रूप वाक्य के आरंभ में कभी प्रयोग नहीं होते (वाक्यादौ न)।
- ये च, वा, ह, अह, एव आदि अव्ययों के ठीक बाद भी नहीं आ सकते।
अशुद्धि-शोधन उदाहरण (TGT/PGT):
❌ मे पुस्तकम् अस्ति। (अशुद्ध - क्योंकि 'मे' वाक्य के शुरू में आ गया)।
✅ मम पुस्तकम् अस्ति। (शुद्ध)।
✅ इदं मे पुस्तकम् अस्ति। (शुद्ध - क्योंकि 'मे' अब बीच में है)।
❌ मे पुस्तकम् अस्ति। (अशुद्ध - क्योंकि 'मे' वाक्य के शुरू में आ गया)।
✅ मम पुस्तकम् अस्ति। (शुद्ध)।
✅ इदं मे पुस्तकम् अस्ति। (शुद्ध - क्योंकि 'मे' अब बीच में है)।
