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UGC NET (Hindi Paper) - प्रश्न 51 से 150 तक विस्तृत हल
प्रश्न 51
अमीर खुसरो के संबंध में कौन-से कथन असत्य है?
A. खुसरो की मसनवी 'मसनवी दर तारीफ देहली' में दिल्ली नगर और उसके निवासियों की प्रशंसा की गई है。
B. खुसरो ने अपनी प्रसिद्ध मसनवी 'नूह-सिप्हर' (नौ आकाश) के एक अध्याय में भारतीय भाषाओं का सर्वेक्षण प्रस्तुत किया है。
C. खुसरो ने अपना दूसरा दीवान 'वस्तुल हयात' बंगाल में रहकर तैयार किया。
D. खुसरो ने अपने भाषा सर्वेक्षण में दिल्ली की समीपवर्ती जिस भाषा का नामोल्लेख किया है, उसे वह ब्रजभाषा कहता है。
E. खुसरो ने अपने ग्रंथ 'नूह-सिप्हर' में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा बनवाई गई इमारतों के बारे में लिखा है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. खुसरो की मसनवी 'मसनवी दर तारीफ देहली' में दिल्ली नगर और उसके निवासियों की प्रशंसा की गई है。
B. खुसरो ने अपनी प्रसिद्ध मसनवी 'नूह-सिप्हर' (नौ आकाश) के एक अध्याय में भारतीय भाषाओं का सर्वेक्षण प्रस्तुत किया है。
C. खुसरो ने अपना दूसरा दीवान 'वस्तुल हयात' बंगाल में रहकर तैयार किया。
D. खुसरो ने अपने भाषा सर्वेक्षण में दिल्ली की समीपवर्ती जिस भाषा का नामोल्लेख किया है, उसे वह ब्रजभाषा कहता है。
E. खुसरो ने अपने ग्रंथ 'नूह-सिप्हर' में अलाउद्दीन खिलजी द्वारा बनवाई गई इमारतों के बारे में लिखा है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
अमीर खुसरो ने भाषा सर्वेक्षण में दिल्ली के आसपास की भाषा को 'हिन्दवी' कहा है (ब्रजभाषा नहीं)। 'नूह-सिप्हर' में कुतुबुद्दीन मुबारकशाह खिलजी का वर्णन है, न कि अलाउद्दीन खिलजी का। अतः D, C और E/B कथन असत्य की श्रेणी में आते हैं। (आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर निकटतम सटीक विकल्प)।
प्रश्न 52
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें:
| सूची-I (कविता का शीर्षक) | सूची-II (काव्य-पंक्ति) |
|---|---|
| A. अकाल दर्शन | I. 'वह तीसरा आदमी कौन है? मेरे देश की संसद मौन है।' |
| B. मोचीराम | II. 'मुझे अपनी कविताओं के लिए दूसरे प्रजातंत्र की तलाश है।' |
| C. रोटी और संसद | III. 'वे इस कदर पस्त हैं कि तटस्थ हैं।' |
| D. नक्सलबाड़ी | IV. 'कोई जंगल है जो आदमी पर पेड़ से वार करता है।' |
💡 हल (Solution):
धूमिल की कविताओं की पंक्तियाँ: 'अकाल दर्शन' - वे इस कदर पस्त हैं... (A-III)। 'मोचीराम' - कोई जंगल है... (B-IV)। 'रोटी और संसद' - वह तीसरा आदमी कौन है... (C-I)। 'नक्सलबाड़ी' - मुझे अपनी कविताओं के लिए... (D-II)।
प्रश्न 53
"श्याम वर्ण, बकरे जैसी दाढ़ी, क्षीणकाय, केवल दो आँखें कैसी तीक्ष्ण हैं, कैसी तीक्ष्ण है नाक, लेकिन चेहरे पर तेज तो जरा भी नहीं है। अत्यन्त गद्यमय वेश......." इन पंक्तियों के लेखक हैं?
💡 हल (Solution):
यह रेखाचित्र शैली में लिखा गया वर्णन 'रामवृक्ष बेनीपुरी' जी की रचना 'माटी की मूरतें' या उनके रेखाचित्रों से संबंधित है।
प्रश्न 54
'बद्धाक्षर' (Closed Syllable) कहलाते हैं:
💡 हल (Solution):
भाषाविज्ञान में 'बद्धाक्षर' (Closed Syllable) वे अक्षर होते हैं जिनका अंत किसी व्यंजन (Consonant) से होता है। जबकि जिनका अंत स्वर पर होता है, उन्हें 'मुक्ताक्षर' (Open Syllable) कहते हैं।
प्रश्न 55
निम्नलिखित में कौन-से युग्म सही हैं?
A. पश्चिमी हिंदी - ब्रजभाषा
B. पहाड़ी हिंदी - कन्नौजी
C. पूर्वी हिंदी - अवधी
D. बिहारी हिंदी - मेवाती
E. राजस्थानी हिंदी - बघेली
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
A. पश्चिमी हिंदी - ब्रजभाषा
B. पहाड़ी हिंदी - कन्नौजी
C. पूर्वी हिंदी - अवधी
D. बिहारी हिंदी - मेवाती
E. राजस्थानी हिंदी - बघेली
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
💡 हल (Solution):
ब्रजभाषा 'पश्चिमी हिंदी' के अंतर्गत आती है (A सही है)। अवधी 'पूर्वी हिंदी' (अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी) के अंतर्गत आती है (C सही है)। कन्नौजी पश्चिमी हिंदी की है, मेवाती राजस्थानी की है। अतः केवल A और C सही युग्म हैं।
प्रश्न 56
'एक कहानी यह भी' की लेखिका (मन्नू भंडारी) ने अपने पति के साथ संबंधों को किन रूपों में परिभाषित किया है-
A. शत्रुता
B. मित्रता
C. प्रायः असहमत
D. सदैव कटुता
E. निहायत औपचारिक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. शत्रुता
B. मित्रता
C. प्रायः असहमत
D. सदैव कटुता
E. निहायत औपचारिक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
मन्नू भंडारी ने 'एक कहानी यह भी' में राजेन्द्र यादव के साथ अपने संबंधों को 'मित्रता' (B) और वैचारिक रूप से 'प्रायः असहमत' (C) के रूप में चित्रित किया है। (दिए गए विकल्पों में त्रुटि के कारण निकटतम बोध)।
प्रश्न 57
'आधे अधूरे' के पुरुष चार के अनुसार स्त्री (सावित्री) महेन्द्रनाथ से अलग होने की इच्छा के साथ किन पात्रों के संपर्क में आयी?
A. शिवजीत
B. अशोक
C. जगमोहन
D. नरोत्तम
E. मनोज
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. शिवजीत
B. अशोक
C. जगमोहन
D. नरोत्तम
E. मनोज
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
मोहन राकेश के नाटक 'आधे अधूरे' में सावित्री अपने जीवन में पूर्णता की तलाश में शिवजीत (A), जगमोहन (C) और मनोज (E) जैसे पुरुषों के संपर्क में आती है।
प्रश्न 58
जयशंकर प्रसाद की निम्नलिखित रचनाओं को उनकी प्रकाशन-तिथि के अनुसार व्यवस्थित कीजिए:
A. कामायनी
B. लहर
C. प्रेमपथिक
D. झरना
E. आँसू
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. कामायनी
B. लहर
C. प्रेमपथिक
D. झरना
E. आँसू
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
सही प्रकाशन क्रम: प्रेमपथिक (1914), झरना (1918), आँसू (1925), लहर (1933), और अंत में कामायनी (1935)। सही क्रम C, D, E, B, A है।
प्रश्न 59
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
| सूची-I (कृष्ण भक्त संप्रदाय) | सूची-II (कृष्ण भक्त कवि) |
|---|---|
| A. वल्लभ संप्रदाय | I. छीतस्वामी |
| B. निम्बार्क संप्रदाय | II. गदाधर भट्ट |
| C. सखी संप्रदाय | III. परशुरामदेव |
| D. गौड़ीय संप्रदाय | IV. बिहारिनदास |
💡 हल (Solution):
वल्लभ संप्रदाय - छीतस्वामी (A-I), निम्बार्क संप्रदाय - परशुरामदेव (B-III), सखी संप्रदाय - बिहारिनदास (C-IV), गौड़ीय संप्रदाय - गदाधर भट्ट (D-II)।
प्रश्न 60
"कारन कवन नाथ नहिं आयउ। जानि कुटिल कि मोहि बिसरायउ" 'उत्तर काण्ड' (रामचरितमानस) की इन पंक्तियों में किस पात्र के हृदय के भाव प्रकट हो रहे हैं?
💡 हल (Solution):
यह पंक्तियाँ भरत जी की हैं। जब श्रीराम के वनवास से लौटने की अवधि समाप्त होने वाली थी और वे नहीं आए, तब भरत जी विलाप करते हुए कहते हैं कि क्या प्रभु ने मुझे कुटिल जानकर भुला दिया है?
प्रश्न 61
'लक्षणा' शब्दशक्ति के संबंध में कौन-से कथन असत्य हैं?
A. लक्षणा शब्दशक्ति द्वारा गृहीत लक्ष्यार्थ कहलाता है。
B. जो शब्द लक्षणा शक्ति द्वारा लक्ष्यार्थ का द्योतन करता है, उसे लक्षक शब्द अथवा लाक्षणिक शब्द कहते हैं。
C. जहाँ मुख्यार्थ रूढ़ि के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ प्रयोजनवती लक्षणा मानी जाती है。
D. जहाँ मुख्यार्थ प्रयोजन के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ रूढ़ा लक्षणा मानी जाती है。
E. मुख्यार्थ की बाधा होने पर रूढ़ि अथवा प्रयोजन के कारण जिस शक्ति के द्वारा मुख्यार्थ से संबद्ध अन्य अर्थ लक्षित हो, उसे लक्षणा शब्दशक्ति कहते हैं。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. लक्षणा शब्दशक्ति द्वारा गृहीत लक्ष्यार्थ कहलाता है。
B. जो शब्द लक्षणा शक्ति द्वारा लक्ष्यार्थ का द्योतन करता है, उसे लक्षक शब्द अथवा लाक्षणिक शब्द कहते हैं。
C. जहाँ मुख्यार्थ रूढ़ि के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ प्रयोजनवती लक्षणा मानी जाती है。
D. जहाँ मुख्यार्थ प्रयोजन के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ रूढ़ा लक्षणा मानी जाती है。
E. मुख्यार्थ की बाधा होने पर रूढ़ि अथवा प्रयोजन के कारण जिस शक्ति के द्वारा मुख्यार्थ से संबद्ध अन्य अर्थ लक्षित हो, उसे लक्षणा शब्दशक्ति कहते हैं。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
कथन C और D एक-दूसरे के विपरीत लिखे गए हैं। जहाँ रूढ़ि के कारण बोध हो वह 'रूढ़ा लक्षणा' होती है, और जहाँ प्रयोजन के कारण बोध हो वह 'प्रयोजनवती लक्षणा' होती है। अतः C और D असत्य हैं।
प्रश्न 62
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें (गोदान उपन्यास):
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें:
| सूची-I (पात्र) | सूची-II (पंक्ति) |
|---|---|
| A. रायसाहब | I. समाज व्यक्ति ही से बनता है। और व्यक्ति को भूलकर हम किसी व्यवस्था पर विचार नहीं कर सकते। |
| B. मिस्टर मेहता | II. आप संन्यासी बन सकते हैं, मैं तो नहीं बन सकता। |
| C. मिस्टर खन्ना | III. राष्ट्र का कल्याण हो, यही मेरी कामना है। |
| D. ओंकारनाथ | IV. मैं इसे स्वीकार करता हूँ कि किसी को भी दूसरों के श्रम पर मोटे होने का अधिकार नहीं है। |
💡 हल (Solution):
रायसाहब: "मैं इसे स्वीकार करता हूँ कि किसी को भी दूसरों के श्रम पर..." (A-IV)। मेहता: "समाज व्यक्ति ही से बनता है" (B-I)। खन्ना: "आप संन्यासी बन सकते हैं..." (C-II)। ओंकारनाथ: "राष्ट्र का कल्याण हो..." (D-III)।
प्रश्न 63
'भई पुछार, लीन्ह बनबासू। बेरिनि सवति दीन्ह चिलबाँसू।।'
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा संपादित 'जायसी ग्रन्थावली' के अनुसार इस पंक्ति में प्रयुक्त 'चिलबाँसु' शब्द का क्या अर्थ है?
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा संपादित 'जायसी ग्रन्थावली' के अनुसार इस पंक्ति में प्रयुक्त 'चिलबाँसु' शब्द का क्या अर्थ है?
💡 हल (Solution):
'चिलबाँसु' का अर्थ चिड़िया (विशेषकर तोता या मैना) फँसाने के लिए प्रयुक्त होने वाला बाँस का एक फंदा (Trap) है। नागमती वियोग खंड में इस शब्द का प्रयोग हुआ है।
प्रश्न 64
विभिन्न उपन्यासों के संदर्भ में कौन से पात्र सही हैं?
A. 'देवरानी जेठानी की कहानी' के पात्र हैं- छोटेलाल, सुखदेई, मिसरानी, बाबू बैजनाथ
B. 'मैला आँचल' के पात्र हैं- चेथरू, रामखेलावन, लछमी, डॉ. प्रशांत
C. 'परीक्षा गुरु' के पात्र हैं- रामप्रसाद, बनारसीदास, मुंशी चुन्नीलाल, दौलत राम
D. 'शेखर एक जीवनी' के पात्र हैं- श्याम बिहारी तंखा, शशि, सोभा, शारदा
E. 'गोदान' के पात्र हैं- हीरा, मँगरू, भोला, मि. चन्द्रप्रकाश खन्ना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. 'देवरानी जेठानी की कहानी' के पात्र हैं- छोटेलाल, सुखदेई, मिसरानी, बाबू बैजनाथ
B. 'मैला आँचल' के पात्र हैं- चेथरू, रामखेलावन, लछमी, डॉ. प्रशांत
C. 'परीक्षा गुरु' के पात्र हैं- रामप्रसाद, बनारसीदास, मुंशी चुन्नीलाल, दौलत राम
D. 'शेखर एक जीवनी' के पात्र हैं- श्याम बिहारी तंखा, शशि, सोभा, शारदा
E. 'गोदान' के पात्र हैं- हीरा, मँगरू, भोला, मि. चन्द्रप्रकाश खन्ना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
'देवरानी जेठानी की कहानी' में सर्वसुख लाल, छोटेलाल, सुखदेई आदि हैं (A सही)। 'परीक्षा गुरु' में लाला मदनमोहन, चुन्नीलाल, बैजनाथ आदि हैं (C सही)। श्याम बिहारी तंखा 'गोदान' का पात्र है न कि 'शेखर एक जीवनी' का।
प्रश्न 65
साहित्य के बारे में यह कथन किनका है- "साहित्य में जो शक्ति छिपी रहती है, वह तोप, तलवार और बम्ब के गोलों में भी नहीं पाई जाती।"
💡 हल (Solution):
यह प्रसिद्ध कथन मुंशी प्रेमचंद का है, जो उन्होंने साहित्य के उद्देश्य और उसकी परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा था।
प्रश्न 66
सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए (श्रृंगार रस से संबंधित 'पंक्ति' एवं 'रचनाकार'):
| सूची-I (पंक्ति) | सूची-II (रचनाकार) |
|---|---|
| A. 'येन श्रृंग रीयते (गम्यते) स श्रृंगारः।' | I. आनन्दवर्धन |
| B. 'भूलि कहत नवरस सुकवि, सकल मूल सिंगार।' | II. सोमनाथ |
| C. 'श्रृंगार एव मधुरः परः प्रह्लादनो रसः ।' | III. देव |
| D. 'नवरस को पति सरस अति, रस सिंगार पहिचानि।' | IV. भोजराज |
💡 हल (Solution):
A-IV (भोजराज का कथन), B-III (रीतिकाल के देव का कथन), C-I (ध्वन्यालोक में आनन्दवर्धन का कथन), D-II (सोमनाथ की पंक्ति)।
प्रश्न 67
भाषाविज्ञान के अनुसार मानवेतर भाषाएँ प्रायः किस प्रकार की होती हैं?
💡 हल (Solution):
मानवेतर (पशु-पक्षियों आदि की) भाषाएँ 'सहजवृत्तिक' (Instinctive) होती हैं। ये जन्मजात प्रवृत्तियों पर आधारित होती हैं, जबकि मानव भाषा अर्जित (Acquired) और विश्लेषणात्मक होती है।
प्रश्न 68
आरंभिक खड़ी बोली हिन्दी गद्य की रचनाओं और उनके स्वरूप के विषय में क्या-क्या सही है?
A. 'चंद छंद बरनन की महिमा' एक जाली ग्रंथ है और डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार इसका आविष्कार पृथ्वीराज रासो को प्रामाणिक सिद्ध करने के लिए किया गया था。
B. 'नासिकेतोपाख्यान' को फोर्ट विलियम कॉलेज के पाठ्यक्रम में उसकी संस्कृतनिष्ठ हिन्दी के कारण रखा गया था。
C. केप्टेन विलियम प्राइस ने फोर्ट विलियम कॉलेज के हिन्दुस्तानी विभाग के अध्यक्ष बनने पर गिलक्राइस्ट की भाषा नीति को बदला था。
D. लल्लूलाल कृत 'सिंहासन बत्तीसी' की भाषा को उसके सम्पादक सैयद अब्दुल्ला फारसी मानते हैं。
E. श्रीरामपुर मिशन से जुड़े केरे की हिन्दी मुख्यतः संस्कृत से बनी थी。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. 'चंद छंद बरनन की महिमा' एक जाली ग्रंथ है और डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार इसका आविष्कार पृथ्वीराज रासो को प्रामाणिक सिद्ध करने के लिए किया गया था。
B. 'नासिकेतोपाख्यान' को फोर्ट विलियम कॉलेज के पाठ्यक्रम में उसकी संस्कृतनिष्ठ हिन्दी के कारण रखा गया था。
C. केप्टेन विलियम प्राइस ने फोर्ट विलियम कॉलेज के हिन्दुस्तानी विभाग के अध्यक्ष बनने पर गिलक्राइस्ट की भाषा नीति को बदला था。
D. लल्लूलाल कृत 'सिंहासन बत्तीसी' की भाषा को उसके सम्पादक सैयद अब्दुल्ला फारसी मानते हैं。
E. श्रीरामपुर मिशन से जुड़े केरे की हिन्दी मुख्यतः संस्कृत से बनी थी。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
आरंभिक गद्य के विकास के संदर्भ में कथन A, B, और C सही माने जाते हैं। 'चंद छंद बरनन की महिमा' की प्रामाणिकता पर प्रश्नचिह्न है।
प्रश्न 69
"सुनियो एक सँदेसी ऊधो तुम गोकुल को जात।" इस पद में कौन सा राग भ्रमरगीत सार अंतर्गत बताया गया है?
💡 हल (Solution):
सूरदास कृत 'भ्रमरगीत सार' (संपादक: रामचन्द्र शुक्ल) के अंतर्गत यह पद 'राग मलार' (मल्हार) में निबद्ध है।
प्रश्न 70
कल्पना और फेंटेसी में तात्विक दृष्टि से एकता दिखाते हुए भी कॉलरिज ने निम्न में से किसे फेंटेसी का कार्य नहीं माना है?
💡 हल (Solution):
कॉलरिज (Coleridge) 'फैंसी' (Fancy/फेंटेसी) को केवल स्मृति की वस्तुओं को जोड़ने का यांत्रिक कार्य मानते हैं, जबकि 'कल्पना' (Imagination) भाव और विचार के बीच सामंजस्य बनाती है और सृजनात्मक होती है।
प्रश्न 71
निम्नलिखित में से अपभ्रंश की विशेषता नहीं है -
💡 हल (Solution):
अपभ्रंश में संस्कृत की तरह तीन वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) के स्थान पर केवल दो वचन (एकवचन और बहुवचन) ही रह गए थे, यह विशेषता है। परसर्गों का प्रयोग अपभ्रंश में होने लगा था। (नोट: प्रश्न के विकल्पों की प्रकृति के अनुसार 'लुप्तविभक्तिक' होना अपभ्रंश की वियोगात्मक प्रकृति को दर्शाता है)।
प्रश्न 72
निम्नलिखित में से कौन-से युग्म सही हैं?
A. योगवासिष्ठ - रामप्रसाद निरंजनी
B. प्रेमसागर - सदल मिश्र
C. नासिकेतोपाख्यान - इंशाअल्ला खाँ
D. नूतन ब्रह्मचारी - बालकृष्ण भट्ट
E. संयोगिता स्वयंवर - सदासुखलाल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
A. योगवासिष्ठ - रामप्रसाद निरंजनी
B. प्रेमसागर - सदल मिश्र
C. नासिकेतोपाख्यान - इंशाअल्ला खाँ
D. नूतन ब्रह्मचारी - बालकृष्ण भट्ट
E. संयोगिता स्वयंवर - सदासुखलाल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
💡 हल (Solution):
• योगवासिष्ठ (भाषा योगवासिष्ठ) - रामप्रसाद निरंजनी (A सही है)।• नूतन ब्रह्मचारी - बालकृष्ण भट्ट (D सही है)।
• प्रेमसागर - लल्लूलाल की है। नासिकेतोपाख्यान - सदल मिश्र की है। संयोगिता स्वयंवर - श्रीनिवास दास की है। अतः केवल A और D सही हैं।
प्रश्न 73
"बेटा, हाथ साफ रखना, जिसका हाथ साफ है वह कोई बुरा काम नहीं करता है" प्रस्तुत कथन किस उपन्यास का है?
💡 हल (Solution):
यह कथन भीष्म साहनी के प्रसिद्ध उपन्यास 'तमस' का है।
प्रश्न 74
निम्नलिखित में से कौन सा पात्र 'सिन्दूर की होली' नाटक से नहीं है?
💡 हल (Solution):
लक्ष्मीनारायण मिश्र कृत 'सिन्दूर की होली' में मुरारीलाल, माहिरअली और चन्द्रकला प्रमुख पात्र हैं। 'आनन्दा' इस नाटक का पात्र नहीं है।
प्रश्न 75
'अकाल दर्शन' कविता के निम्न कविता-अंशों को कविता में आने ক্যামनुसार पहले से बाद के क्रम में लगाइए:
A. क्रान्ति - यहाँ के असंग लोगों के लिए...
B. उस मुहावरे को समझ गया हूँ...
C. और मैं सोचने लगता हूँ कि इस देश में...
D. वे इस जंगल की सराहना करते हैं...
E. उनका कहना है कि बच्चे...
A. क्रान्ति - यहाँ के असंग लोगों के लिए...
B. उस मुहावरे को समझ गया हूँ...
C. और मैं सोचने लगता हूँ कि इस देश में...
D. वे इस जंगल की सराहना करते हैं...
E. उनका कहना है कि बच्चे...
💡 हल (Solution):
धूमिल की 'अकाल दर्शन' कविता की पंक्तियों का सही क्रम C, A, E, D, B है।
प्रश्न 76
'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी में नहीं है -
💡 हल (Solution):
माधवराव सप्रे की 'एक टोकरी भर मिट्टी' में जमींदार का अहंकार, निष्ठुरता और बाद में उसका हृदय-परिवर्तन दिखाया गया है। इसमें 'अदालती न्याय व्यवस्था पर व्यंग्य' मुख्य विषय-वस्तु नहीं है।
प्रश्न 77
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें:
| सूची-I (रचनाकार) | सूची-II (पंक्ति) |
|---|---|
| A. देवसेन | I. रज लुद्ध असलान बुद्धि बिक्कम बले हारल। |
| B. सरह (सरोजवज्र) | II. जो जिण सासण भाषियउ सो मइ कहियउ सारु। |
| C. हेमचंद्र | III. भल्ला हुआ जु मारिया बहिणि महारा कंतु। |
| D. विद्यापति | IV. पंडिअ सअल सत्त बक्खाणइ। देहहि रुद्ध बसंत न जाणइ।। |
💡 हल (Solution):
देवसेन का श्रावकाचार (A-II), सरहपा की पंक्ति (B-IV), हेमचंद्र का प्राकृत व्याकरण (C-III), और विद्यापति की कीर्तिलता (D-I)।
प्रश्न 78
"द्विवेदी जी का महत्त्व उनके लेखों में नहीं है। उनका महत्त्व विशेषकर इस बात में है कि उन्होंने भाषा को परिमार्जित और सुंदर रूप देने का सफलतापूर्वक उद्योग किया।" महावीरप्रसाद द्विवेदी के बारे में यह कथन किस आलोचक का है?
💡 हल (Solution):
यह प्रसिद्ध कथन 'आचार्य रामचंद्र शुक्ल' का है। उन्होंने अपने हिंदी साहित्य के इतिहास में द्विवेदी जी के भाषा-परिमार्जन के कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
प्रश्न 79
अमृतलाल नागर के निम्नलिखित उपन्यासों को, प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए:
A. एकदा नैमिषारण्ये
B. करवट
C. सात घूँघट वाला मुखड़ा
D. पीढ़ियाँ
E. खंजन नयन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. एकदा नैमिषारण्ये
B. करवट
C. सात घूँघट वाला मुखड़ा
D. पीढ़ियाँ
E. खंजन नयन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
प्रकाशन वर्ष: सात घूँघट वाला मुखड़ा (1968), एकदा नैमिषारण्ये (1972), खंजन नयन (1981), करवट (1985), पीढ़ियाँ (1990)। अतः सही क्रम C, A, E, B, D है।
प्रश्न 80
'आधे-अधूरे' नाटक के पात्र (पुरुष चार) के संवाद को पहले से बाद के क्रम के अनुसार व्यवस्थित करें -
A. ज्यादा बात अब नहीं करना चाहता। सिर्फ एक ही बात कहना चाहता हूँ तुमसे。
B. तुम किसी तरह छुटकारा नहीं दे सकतीं उस आदमी को?
C. क्योंकि कोई जानता भी तो नहीं उतना जितना में जानता हूँ。
D. उल्टी बात नहीं है। तुमने जिस तरह बाँध रखा है उसे अपने साथ...
E. हाँ.... पर इस वक्त तुम ठीक मूड में नहीं हो....
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. ज्यादा बात अब नहीं करना चाहता। सिर्फ एक ही बात कहना चाहता हूँ तुमसे。
B. तुम किसी तरह छुटकारा नहीं दे सकतीं उस आदमी को?
C. क्योंकि कोई जानता भी तो नहीं उतना जितना में जानता हूँ。
D. उल्टी बात नहीं है। तुमने जिस तरह बाँध रखा है उसे अपने साथ...
E. हाँ.... पर इस वक्त तुम ठीक मूड में नहीं हो....
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
पुरुष चार (जुनेजा) और सावित्री के बीच संवाद का यह क्रम नाटक के कथानक के विकास को दर्शाता है।
प्रश्न 81
'डॉयोनीसस एंड द सिटी' पुस्तक के रचनाकार कौन हैं?
💡 हल (Solution):
'Dionysus and the City' आधुनिकतावाद पर लिखी गई मोनरो के. स्पीयर्स (Monroe K. Spears) की प्रसिद्ध आलोचनात्मक पुस्तक है।
प्रश्न 82
प्रेमचंद के निम्नलिखित उपन्यासों को उनकी प्रकाशन-तिथि के अनुसार व्यवस्थित कीजिए :
A. गबन
B. प्रेमाश्रम
C. कायाकल्प
D. कर्मभूमि
E. गोदान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. गबन
B. प्रेमाश्रम
C. कायाकल्प
D. कर्मभूमि
E. गोदान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
प्रकाशन क्रम: प्रेमाश्रम (1922), कायाकल्प (1926), गबन (1931), कर्मभूमि (1932), गोदान (1936)। सही अनुक्रम B, C, A, D, E है।
प्रश्न 83
निम्नलिखित में से कौन सी निर्मला जैन की कृतियां हैं?
A. रस सिद्धान्त और सौन्दर्यशास्त्र
B. आधुनिक साहित्य : मूल्य और मूल्यांकन
C. आधुनिक कविता यात्रा
D. आधुनिक हिन्दी काव्य : रूप और संरचना
E. हिन्दी आलोचना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
A. रस सिद्धान्त और सौन्दर्यशास्त्र
B. आधुनिक साहित्य : मूल्य और मूल्यांकन
C. आधुनिक कविता यात्रा
D. आधुनिक हिन्दी काव्य : रूप और संरचना
E. हिन्दी आलोचना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
💡 हल (Solution):
निर्मला जैन हिंदी की प्रसिद्ध आलोचक हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में 'रस सिद्धान्त और सौन्दर्यशास्त्र', 'आधुनिक साहित्य : मूल्य और मूल्यांकन' और 'आधुनिक कविता यात्रा' शामिल हैं।
प्रश्न 84
आलोचक वीर भारत तलवार की पुस्तकें हैं :
A. किसान, राष्ट्रीय आंदोलन और प्रेमचंद
B. हिन्दी नवजागरण और संस्कृति
C. रस्साकशी
D. प्रेमचंद और उनका युग
E. सामना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
A. किसान, राष्ट्रीय आंदोलन और प्रेमचंद
B. हिन्दी नवजागरण और संस्कृति
C. रस्साकशी
D. प्रेमचंद और उनका युग
E. सामना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
💡 हल (Solution):
वीर भारत तलवार की प्रसिद्ध आलोचनात्मक पुस्तकों में 'किसान, राष्ट्रीय आंदोलन और प्रेमचंद' तथा 'रस्साकशी' शामिल हैं। 'प्रेमचंद और उनका युग' रामविलास शर्मा की रचना है।
प्रश्न 85
"तनिक सा चीखी ती बिटिया रानी। का पढ़े-लिखे मनई यह खाय के जियत हैं", 'स्मृति की रेखाएँ' कृति में यह पंक्ति महादेवी वर्मा से किस पात्र ने कही ?
💡 हल (Solution):
यह संवाद महादेवी वर्मा के रेखाचित्र की एक भोली-भाली ग्रामीण पात्र (बूढ़ी मौसी/भक्तिन जैसे पात्र) द्वारा उनके कम खाने की आदत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है।
प्रश्न 86
'रामचरित मानस' के उत्तरकांड के अनुसार निम्नांकित में से कौन सा कथन श्री राम का नहीं है?
💡 हल (Solution):
रामचरितमानस के उत्तरकांड में 'बड़े भाग मानुष तन पावा' श्रीराम का ही उपदेश (काकभुशुण्डि/प्रजा को) है, परंतु विकल्प 2 की पंक्ति शिव जी या अन्य प्रसंग में आती है (आधिकारिक उत्तर 2 है)।
प्रश्न 87
डॉ. राममनोहर लोहिया से संबंधित निम्नलिखित तथ्यों को पहले से बाद के क्रमानुसार व्यवस्थित करें -
A. डॉ. लोहिया काँग्रेस सोशलिस्ट नामक साप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बने。
B. डॉ. लोहिया का प्रतिनिधि के रूप में काँग्रेस अधिवेशन में सम्मिलित होना。
C. डॉ. लोहिया ने भूमिगत रहते हुए विद्रोहियों की प्रेरणा के लिए कई बुलेटिनें और छोटी-छोटी पुस्तकें लिखीं...
D. डॉ. लोहिया ने कलकत्ता में विद्यार्थियों को साइमन कमीशन के बहिष्कार के लिए तैयार किया...
E. डॉ. लोहिया अपने गोवा-वासी मित्र जूलियो मनेजिस के निमंत्रण पर गोवा पहुँचे。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. डॉ. लोहिया काँग्रेस सोशलिस्ट नामक साप्ताहिक मुखपत्र के सम्पादक बने。
B. डॉ. लोहिया का प्रतिनिधि के रूप में काँग्रेस अधिवेशन में सम्मिलित होना。
C. डॉ. लोहिया ने भूमिगत रहते हुए विद्रोहियों की प्रेरणा के लिए कई बुलेटिनें और छोटी-छोटी पुस्तकें लिखीं...
D. डॉ. लोहिया ने कलकत्ता में विद्यार्थियों को साइमन कमीशन के बहिष्कार के लिए तैयार किया...
E. डॉ. लोहिया अपने गोवा-वासी मित्र जूलियो मनेजिस के निमंत्रण पर गोवा पहुँचे。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
साइमन कमीशन का विरोध (1928), काँग्रेस अधिवेशन, काँग्रेस सोशलिस्ट का संपादन (1934), भूमिगत आंदोलन (1942 भारत छोड़ो), और गोवा मुक्ति आंदोलन (1946/1955)। सही क्रम B/D, A, C, E है।
प्रश्न 88
निम्नलिखित भारतेन्दु युगीन पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन के आरंभ का सही क्रम (पहले से बाद) क्या है?
A. भारत बंधु
B. हिन्दी प्रदीप
C. उचित वक्ता
D. ब्राह्मण
E. भारतोदय
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. भारत बंधु
B. हिन्दी प्रदीप
C. उचित वक्ता
D. ब्राह्मण
E. भारतोदय
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
हिन्दी प्रदीप (1877, बालकृष्ण भट्ट), उचित वक्ता (1880, दुर्गाप्रसाद मिश्र), ब्राह्मण (1883, प्रतापनारायण मिश्र)। सही क्रम B, A, C, D, E है।
प्रश्न 89
भीष्म साहनी के निम्नलिखित उपन्यासों को उनकी प्रकाशन-तिथि से क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :
A. मय्यादास की माड़ी
B. तमस
C. नीलू, नीलिमा, नीलोफर
D. कड़ियाँ
E. कुंतो
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. मय्यादास की माड़ी
B. तमस
C. नीलू, नीलिमा, नीलोफर
D. कड़ियाँ
E. कुंतो
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
प्रकाशन क्रम: तमस (1973), कड़ियाँ (1970/73?), मय्यादास की माड़ी (1988), कुंतो (1993), नीलू नीलिमा नीलोफर (2000)। सही क्रम B, D, A, E, C है।
प्रश्न 90
नागरी प्रचारिणी सभा से प्रकाशित 'पृथ्वीराज रासो' का संपादन किसने किया था जिसमें 27वें समय के रूप में 'अथ रेवातट समयौ लिख्यते' आता है?
💡 हल (Solution):
नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित 'पृथ्वीराज रासो' (बृहत् संस्करण) का संपादन मोहनलाल विष्णुलाल पंड्या और श्यामसुंदर दास ने किया था।
प्रश्न 91
"देखा जायेगा, जैसे चलेगा। खर्च के लिए प्राण तो नहीं दिए जा सकते।" यह पंक्ति किस रचना से ली गयी है?
💡 हल (Solution):
यह कथन शिवरानी देवी द्वारा रचित जीवनी 'प्रेमचंद घर में' से है, जिसमें प्रेमचंद जी की आर्थिक संघर्ष के बीच उनकी निश्फिक्र जीवनदृष्टि को दर्शाया गया है।
प्रश्न 92
निम्नलिखित में से कौन-से युग्म सही हैं?
A. 'उसकी सास बोली, अपने घर पड़ी सोवे है' - देवरानी जेठानी की कहानी
B. 'निस्संदेह ! प्रीति का सुख ऐसा ही अलौकिक है' - परीक्षागुरू
C. 'बाँस मोल लिये हैं, पंद्रह रुपये सैकड़े का बयाना हुआ है' - गोदान
D. 'गवाही दी थी, पर मुकदमे का नाम हमें याद नहीं' - झूठा सच
E. 'अस्पताल तो सबों की भलाई के लिए बना होता है' - रागदरबारी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. 'उसकी सास बोली, अपने घर पड़ी सोवे है' - देवरानी जेठानी की कहानी
B. 'निस्संदेह ! प्रीति का सुख ऐसा ही अलौकिक है' - परीक्षागुरू
C. 'बाँस मोल लिये हैं, पंद्रह रुपये सैकड़े का बयाना हुआ है' - गोदान
D. 'गवाही दी थी, पर मुकदमे का नाम हमें याद नहीं' - झूठा सच
E. 'अस्पताल तो सबों की भलाई के लिए बना होता है' - रागदरबारी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
कथन A (देवरानी जेठानी की कहानी), B (परीक्षागुरू) और C (गोदान) उपन्यास की मूल पंक्तियों से सही-सही सुमेलित हैं।
प्रश्न 93
'माटी की मूरतें' पुस्तक के अंतर्गत आए हुए विविध शीर्षकों को क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:
A. बालगोबिन भगत
B. बलदेव सिंह
C. भौजी
D. बुधिया
E. परमेसर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. बालगोबिन भगत
B. बलदेव सिंह
C. भौजी
D. बुधिया
E. परमेसर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
रामवृक्ष बेनीपुरी के रेखाचित्र संग्रह 'माटी की मूरतें' में संकलित रेखाचित्रों का सही क्रम विकल्प 2 में दिया गया है।
प्रश्न 94
'संस्कृति और सौन्दर्य' शीर्षक निबन्ध में नामवर सिंह ने नहीं माना है:
💡 हल (Solution):
नामवर सिंह के अनुसार हजारीप्रसाद द्विवेदी जी ने 'सौन्दर्य' को रूढ़िवादी 'धर्माचरण' की संकीर्ण परिधि में नहीं बाँधा है। अतः विकल्प 4 को उन्होंने स्वीकार नहीं किया है।
प्रश्न 95
हिन्दी नवजागरण के विषय में रामविलास शर्मा के कौन-कौन से कथन सत्य है?
A. रामविलास शर्मा भारतेंदु और उनके समकालीन लेखकों को 1857 से मुख्यतः दो आधारों पर जोड़ते हैं: राष्ट्रीय स्वाधीनता का उद्देश्य और अंग्रेजी राज के स्वरूप की पहचान。
B. रामविलास शर्मा 'कविवचनसुधा' को शुद्ध साहित्यिक पत्रिका मानते हैं。
C. रामविलास शर्मा के अनुसार हिन्दी जाति के विकास के संदर्भ में स्मरणीय है कि राज्यसत्ता का स्वरूप सदा विशुद्ध सामंती नहीं रहा है。
D. रामविलास शर्मा भारतेंदु की असंगतियों को उनके युग की सीमाओं से न जोड़कर उनके वर्ग की असंगतियों से जोड़ते हैं。
E. रामविलास शर्मा मानते हैं कि मुसलमानों के भारत में आगमन से एक नई भाषा का जन्म होता है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. रामविलास शर्मा भारतेंदु और उनके समकालीन लेखकों को 1857 से मुख्यतः दो आधारों पर जोड़ते हैं: राष्ट्रीय स्वाधीनता का उद्देश्य और अंग्रेजी राज के स्वरूप की पहचान。
B. रामविलास शर्मा 'कविवचनसुधा' को शुद्ध साहित्यिक पत्रिका मानते हैं。
C. रामविलास शर्मा के अनुसार हिन्दी जाति के विकास के संदर्भ में स्मरणीय है कि राज्यसत्ता का स्वरूप सदा विशुद्ध सामंती नहीं रहा है。
D. रामविलास शर्मा भारतेंदु की असंगतियों को उनके युग की सीमाओं से न जोड़कर उनके वर्ग की असंगतियों से जोड़ते हैं。
E. रामविलास शर्मा मानते हैं कि मुसलमानों के भारत में आगमन से एक नई भाषा का जन्म होता है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
रामविलास शर्मा ने 'हिन्दी नवजागरण' को 1857 के गदर से जोड़ा है और 'कविवचनसुधा' के योगदान को महत्वपूर्ण माना है। (आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर विकल्प 1)।
प्रश्न 96
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार 'संघ में शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने के लिए तत्समय प्राधिकृत भाषा, एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच तथा किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा होगी'?
💡 हल (Solution):
संविधान का **अनुच्छेद 346** राज्यों के बीच तथा राज्य और संघ के बीच पत्राचार (Communication) की राजभाषा से संबंधित है।
प्रश्न 97
निम्नलिखित में से कौन-कौन से भेद 'प्रकरण वक्रता' के अंतर्गत आते हैं?
A. काल वक्रता
B. पात्र प्रवृत्ति वक्रता
C. उत्पाद्य कथा वक्रता
D. उपकार्योपकारक भाव-वक्रता
E. संख्या वक्रता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
A. काल वक्रता
B. पात्र प्रवृत्ति वक्रता
C. उत्पाद्य कथा वक्रता
D. उपकार्योपकारक भाव-वक्रता
E. संख्या वक्रता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
💡 हल (Solution):
कुंतक द्वारा प्रतिपादित वक्रोक्ति सिद्धांत में 'प्रकरण वक्रता' के अंतर्गत पात्र प्रवृत्ति, उत्पाद्य कथा (कल्पित कथा) और उपकार्योपकारक भाव शामिल होते हैं।
प्रश्न 98
"क्रोध मेरी खुराक है, लोभ मेरा नयन-अंजन है और काम भुजंग मेरा क्रीड़ा सहचर है। इनको ही में क्रमशः विद्रोह, प्रगति और नवलेखन कहकर पुकारता हूँ। भले ही इसमें श्रेय-प्रेय, गति-मुक्ति कुछ भी न हो। परंतु इसमें जीर्णता और जर्जरता नहीं। यह जरा और वृद्धत्व का प्रतीक नहीं।"
- यह उद्धरण किस रचना से संकलित है? इसके लेखक कौन हैं?
- यह उद्धरण किस रचना से संकलित है? इसके लेखक कौन हैं?
💡 हल (Solution):
यह ललित निबंधकार कुबेरनाथ राय के निबंध 'उत्तरा फाल्गुनी के आसपास' की प्रसिद्ध पंक्तियाँ हैं।
प्रश्न 99
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें-
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए:
| सूची-I (निबंध) | सूची-II (पंक्ति) |
|---|---|
| A. भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है | I. हमारी बुद्धि जहाँ तक है, वहाँ तक उनकी स्तुति... कर सकते हैं। |
| B. शिवमूर्ति | II. वहाँ के लोग गप्प ही में देश के प्रबंध छाँटते हैं। |
| C. शिवशंभु के चिट्ठे | III. जो खुदा को देखना हो तो में देखता हूँ तुमको। |
| D. मजदूरी और प्रेम | IV. किस्मत पे उस मुसाफिरे-खस्ता के रोइये। |
💡 हल (Solution):
भारतेन्दु जी के निबंध 'भारतवर्षोन्नति...' में (A-II), 'शिवमूर्ति' (प्रतापनारायण मिश्र) में ईश्वर की स्तुति (B-I), 'शिवशंभु के चिट्ठे' में लार्ड कर्जन पर व्यंग्य/शेर (C-IV) और 'मजदूरी और प्रेम' में सूफी भाव (D-III)।
प्रश्न 100
'बचन सिंह' निम्नलिखित में से किस कहानी का पात्र है ?
💡 हल (Solution):
'बचन सिंह' (कम्पाउण्डर) कमलेश्वर की प्रसिद्ध कहानी 'राजा निरबंसिया' का एक प्रमुख पात्र है, जो जगपति और चंदा के जीवन में आता है।
प्रश्न 101
सूची - I से सूची - II का मिलान कीजिए :
'लेखक' एवं 'कहानी संग्रह' का मिलान कीजिए :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
'लेखक' एवं 'कहानी संग्रह' का मिलान कीजिए :
| सूची - I (लेखक) | सूची - II (कहानी संग्रह) |
|---|---|
| A. ज्ञानरंजन | I. अपनी-अपनी बीमारी |
| B. हरिशंकर परसाई | II. फेन्स के इधर-उधर |
| C. निर्मल वर्मा | III. जिंदा मुर्दे |
| D. कमलेश्वर | IV. पिछली गर्मियों में |
💡 हल (Solution):
• ज्ञानरंजन - फेन्स के इधर-उधर (A-II)• हरिशंकर परसाई - अपनी-अपनी बीमारी (B-I)
• निर्मल वर्मा - पिछली गर्मियों में (C-IV)
• कमलेश्वर - जिंदा मुर्दे (D-III)
प्रश्न 102
निम्नलिखित में से कौन सा नाटक 'कृष्ण-चरित्र' से संबंधित नहीं है?
💡 हल (Solution):
'संग्राम' मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक नाटक है, जो कृषक जीवन और राष्ट्रीय आंदोलन से संबंधित है, कृष्ण-चरित्र से नहीं। शेष तीनों कृष्ण-चरित्र पर आधारित हैं।
प्रश्न 103
'भोलाराम का जीव' में आईं निम्नलिखित पंक्तियों को क्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:
A. 'जिंदगी भर उन्होंने किसी दूसरी स्त्री को आँख उठाकर नहीं देखा।'
B. 'हर दस-पंद्रह दिन में एक दरख्वास्त देते थे, पर वहाँ से या तो जवाब आता ही नहीं था....।'
C. 'मेरा यहाँ कोई मठ तो है नहीं, फिर भी मैं सरकारी दफ्तर में जाऊँगा।'
D. 'बहुत संभव है कि अगर मकान मालिक वास्तविक मकान मालिक है, तो उसने भोलाराम के मरते ही उसके परिवार को निकाल दिया होगा।'
E. 'देर लग ही जाती है। बीसों बार एक ही बात को बीस जगह लिखना पड़ता है, तब पक्की होती है।'
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. 'जिंदगी भर उन्होंने किसी दूसरी स्त्री को आँख उठाकर नहीं देखा।'
B. 'हर दस-पंद्रह दिन में एक दरख्वास्त देते थे, पर वहाँ से या तो जवाब आता ही नहीं था....।'
C. 'मेरा यहाँ कोई मठ तो है नहीं, फिर भी मैं सरकारी दफ्तर में जाऊँगा।'
D. 'बहुत संभव है कि अगर मकान मालिक वास्तविक मकान मालिक है, तो उसने भोलाराम के मरते ही उसके परिवार को निकाल दिया होगा।'
E. 'देर लग ही जाती है। बीसों बार एक ही बात को बीस जगह लिखना पड़ता है, तब पक्की होती है।'
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
हरिशंकर परसाई के व्यंग्य 'भोलाराम का जीव' की कथावस्तु के अनुसार सही क्रम D, A, B, C, E है।
प्रश्न 104
हबीब तनवीर के नाटक 'आगरा बाजार' में 'किताबवाला' ने निम्नलिखित पंक्तियाँ किस पात्र से कही हैं?
"मैंने अपनी किताबों के इश्तहार के लिए लोगों को जमा कर रखा है। यह शौक और यह जिहालत... सुभान अल्लाह!"
"मैंने अपनी किताबों के इश्तहार के लिए लोगों को जमा कर रखा है। यह शौक और यह जिहालत... सुभान अल्लाह!"
💡 हल (Solution):
नाटक 'आगरा बाजार' में किताबवाला यह संवाद 'नवासी' नामक पात्र से कहता है।
प्रश्न 105
नीचे उद्धरण और उनके लेखकों के नाम दिए गए हैं। उनमें से सही उद्धरण लेखक युग्म का चुनाव करें-
A. दासों का एक से दो होना प्रभुओं के लिए अच्छा हो सकता है, दासों के लिए नहीं। - महादेवी वर्मा
B. वह अपने को निरीश्वरवादी कहकर प्रचारित करता था, लेकिन सारे व्यसनों और दुर्गुणों के बावजूद उसका मन वैरागी का मन था। - रमणिका गुप्ता
C. अपने अनुभव को दूसरे के... अपने मालिक के इतिवृत्त के रूप में कहना ही तो मर्यादा संगत है: वैष्णव भक्त जैसे राधा और कृष्ण के जीवन में अपना राग-विराग ढाल देते थे... मैं अपने प्रतीक-पुरुष को ही आधार बनाता हूँ। - अज्ञेय
D. पति-पत्नी के सम्बन्ध क्या हों, इस पर विभिन्न युगों और समाजों में तरह-तरह के प्रयोग होते आए हैं-कहीं आदर्श को आगे रखकर, कहीं वास्तविकता को। - बच्चन
E. आस्थाएँ शाश्वत नहीं होतीं। मेरी आस्थाएँ बदलीं और एक दिन वे आस्था न रहकर तर्क बन गईं। - विष्णु प्रभाकर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. दासों का एक से दो होना प्रभुओं के लिए अच्छा हो सकता है, दासों के लिए नहीं। - महादेवी वर्मा
B. वह अपने को निरीश्वरवादी कहकर प्रचारित करता था, लेकिन सारे व्यसनों और दुर्गुणों के बावजूद उसका मन वैरागी का मन था। - रमणिका गुप्ता
C. अपने अनुभव को दूसरे के... अपने मालिक के इतिवृत्त के रूप में कहना ही तो मर्यादा संगत है: वैष्णव भक्त जैसे राधा और कृष्ण के जीवन में अपना राग-विराग ढाल देते थे... मैं अपने प्रतीक-पुरुष को ही आधार बनाता हूँ। - अज्ञेय
D. पति-पत्नी के सम्बन्ध क्या हों, इस पर विभिन्न युगों और समाजों में तरह-तरह के प्रयोग होते आए हैं-कहीं आदर्श को आगे रखकर, कहीं वास्तविकता को। - बच्चन
E. आस्थाएँ शाश्वत नहीं होतीं। मेरी आस्थाएँ बदलीं और एक दिन वे आस्था न रहकर तर्क बन गईं। - विष्णु प्रभाकर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
कथन B (रमणिका गुप्ता), कथन D (हरिवंशराय बच्चन - 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ'), और कथन E (विष्णु प्रभाकर - 'आवारा मसीहा') सही सुमेलित हैं।
प्रश्न 106
'आवारा मसीहा' की भूमिका के अनुसार, यह वाक्य शरच्चंद्र ने विधवा चरित्र की आलोचना के संदर्भ में किसे कहा था-
"तुम्हारे मन को आघात पहुँचाकर ऐसा कुछ कभी नहीं लिखूँगा।"
"तुम्हारे मन को आघात पहुँचाकर ऐसा कुछ कभी नहीं लिखूँगा।"
💡 हल (Solution):
विष्णु प्रभाकर रचित 'आवारा मसीहा' की भूमिका के अनुसार, शरच्चंद्र चट्टोपाध्याय ने यह मार्मिक बात अपनी बड़ी बहन 'भुवनमोहिनी' से कही थी।
प्रश्न 107
"यह निःसंकोच कहा जा सकता है कि भाषा पर जैसा अचूक अधिकार इनका था वैसा और किसी कवि का नहीं। भाषा मानो इनके हृदय के साथ जुड़कर ऐसी वशवर्तिनी हो गई थी कि ये उसे अपनी अनूठी भाव-भंगी के साथ-साथ जिस रूप में चाहते थे उस रूप में मोड़ सकते हैं।" यह कथन किस आलोचक ने किस कवि के लिए कहा है?
💡 हल (Solution):
यह अत्यंत प्रसिद्ध उद्धरण आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है, जो उन्होंने रीतिकाल के स्वच्छंद धारा के सर्वश्रेष्ठ कवि 'घनानंद' की भाषा-शैली की प्रशंसा में कहा था। (ध्यान दें: आधिकारिक प्रश्नपत्र में विकल्प 1 चुना गया था, किंतु सही साहित्यिक तथ्य विकल्प 2 है)।
प्रश्न 108
'उसने कहा था' कहानी में है-
A. अमृतसर की संस्कृति
B. विदेशी शक्तियों द्वारा प्रथम विश्वयुद्ध के समय भारतीयों को दिए जाने वाले प्रलोभनों के उदाहरण
C. लहना सिंह का घर 'मगरे' में होने का उल्लेख
D. संस्कृत के रचनाकार आनन्दवर्द्धन का उल्लेख
E. किसानी के लिए उपजाऊ जमीन का आकर्षण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. अमृतसर की संस्कृति
B. विदेशी शक्तियों द्वारा प्रथम विश्वयुद्ध के समय भारतीयों को दिए जाने वाले प्रलोभनों के उदाहरण
C. लहना सिंह का घर 'मगरे' में होने का उल्लेख
D. संस्कृत के रचनाकार आनन्दवर्द्धन का उल्लेख
E. किसानी के लिए उपजाऊ जमीन का आकर्षण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी' जी की इस कहानी में अमृतसर के बंबूकार्ट वालों की बोली/संस्कृति (A), लहना सिंह का गाँव माँझे में और सूबेदारनी का 'मगरे' में होना (C), तथा लहना सिंह का वतन लौटकर जमीन लेने की चाहत (E) का वर्णन है।
प्रश्न 109
"आपने माई लार्ड जबसे भारतवर्ष में पधारे हैं, बुलबुलों का स्वप्न ही देखा है या सचमुच कोई करने के योग्य काम भी किया है?" यह वाक्य किस निबंध से लिया गया है?
💡 हल (Solution):
यह तीखा व्यंग्य बालमुकुंद गुप्त द्वारा रचित 'शिवशंभु के चिट्ठे' (विशेषकर 'बुलबुलों का स्वप्न' वाले चिट्ठे) से लिया गया है, जो लॉर्ड कर्जन को संबोधित है।
प्रश्न 110
'हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास' (रामस्वरूप चतुर्वेदी) पुस्तक के आधार पर महावीरप्रसाद द्विवेदी की समालोचनासंबंधी रचनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:
A. साहित्य संदर्भ
B. हिंदी भाषा की उत्पत्ति
C. सुकवि संकीर्तन
D. कालिदास की निरंकुशता
E. साहित्य सीकर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. साहित्य संदर्भ
B. हिंदी भाषा की उत्पत्ति
C. सुकवि संकीर्तन
D. कालिदास की निरंकुशता
E. साहित्य सीकर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
रामस्वरूप चतुर्वेदी जी की पुस्तक में दिए गए कालक्रम के अनुसार इन रचनाओं का सही अनुक्रम A, B, C, D, E ही है।
प्रश्न 111
'भरत-सूत्र' की व्याख्या करते हुए किस व्याख्याकार द्वारा 'विभावादि और स्थायिभावों से परस्पर व्यंजक-व्यंग्यरूप संयोग' द्वारा रस की अभिव्यक्ति को स्थान दिया गया है?
💡 हल (Solution):
रससूत्र के व्याख्याकारों में अभिनवगुप्त का मत 'अभिव्यक्तिवाद' कहलाता है। उन्होंने ही व्यंग्य-व्यंजक भाव के आधार पर रस को अभिव्यक्त माना है।
प्रश्न 112
"स्वयं विवेकानन्द जी महाराज को तत्कालीन शिक्षित युवकों से घोर असन्तोष था।" यह वाक्य निम्नलिखित पुस्तकों में से किस से उद्धृत है?
💡 हल (Solution):
यह कथन रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध पुस्तक 'संस्कृति के चार अध्याय' से लिया गया है।
प्रश्न 113
हजारीप्रसाद द्विवेदी के निबंध संग्रहों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए :
A. आलोकपर्व
B. कल्पलता
C. विचार और वितर्क
D. कुटज
E. विचार प्रवाह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. आलोकपर्व
B. कल्पलता
C. विचार और वितर्क
D. कुटज
E. विचार प्रवाह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
द्विवेदी जी के निबंध संग्रहों का सही कालक्रम: अशोक के फूल (1948), कल्पलता (1951), विचार और वितर्क (1954), विचार-प्रवाह (1959), कुटज (1964), आलोक पर्व (1972)। (आधिकारिक कुंजी में दिए गए विकल्पों में त्रुटि के कारण निकटतम या चुना हुआ उत्तर ही मान्य होता है)।
प्रश्न 114
सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए:
'पुस्तक' एवं 'लेखक' के सही क्रम का मिलान करें :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
'पुस्तक' एवं 'लेखक' के सही क्रम का मिलान करें :
| सूची - I (पुस्तक) | सूची - II (लेखक) |
|---|---|
| A. द पोस्ट मॉडर्न कन्डीशन ए रिपोर्ट ऑन नॉलेज | I. रोलाँ बार्थ |
| B. पोस्ट मॉडर्निज्म द कल्चरल लॉजिक ऑफ लेट कैपिटलिज्म | II. ल्योतार (Lyotard) |
| C. द एंड ऑफ मैन | III. फ्रेडरिक जेमसन |
| D. द डेथ ऑफ ऑथर | IV. देरिदा |
💡 हल (Solution):
• द पोस्ट मॉडर्न कन्डीशन... - ज़्यां-फ्रांस्वा ल्योतार (A-II)• पोस्ट मॉडर्निज्म... - फ्रेडरिक जेमसन (B-III)
• द एंड ऑफ मैन - मिशेल फूको/देरिदा के सन्दर्भ में (C-IV)
• द डेथ ऑफ ऑथर (The Death of the Author) - रोलाँ बार्थ (D-I)
प्रश्न 115
संस्कृत के निम्नलिखित आचार्यों को उनके कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित कीजिए :
A. आनन्दवर्द्धन
B. भरतमुनि
C. दण्डी
D. भामह
E. अभिनवगुप्त
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
A. आनन्दवर्द्धन
B. भरतमुनि
C. दण्डी
D. भामह
E. अभिनवगुप्त
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
💡 हल (Solution):
संस्कृत आचार्यों का कालक्रम: भरतमुनि (दूसरी शती), भामह (छठी शती), दण्डी (सातवीं शती), आनन्दवर्द्धन (नौवीं शती), अभिनवगुप्त (दसवीं-ग्यारहवीं शती)। अतः सही क्रम B, D, C, A, E है।
प्रश्न 116
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के 'हिंदी साहित्य का इतिहास' के अनुसार निम्नलिखित में से कौन अच्छे सूक्तिकार कहे गए हैं?
💡 हल (Solution):
आचार्य शुक्ल ने लोक-व्यवहार, कृषि और नीति संबंधी दोहों/कहावतों के लिए घाघ और भड्डरी/बैताल को उत्तम सूक्तिकार माना है।
प्रश्न 117
निम्नांकित नाटकों को, उनके प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइएः
A. देहान्तर
B. महाबली
C. आदमी जो मछुआरा नहीं था
D. काली बर्फ
E. कोर्ट मार्शल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. देहान्तर
B. महाबली
C. आदमी जो मछुआरा नहीं था
D. काली बर्फ
E. कोर्ट मार्शल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
प्रकाशन क्रम: 'आदमी जो मछुआरा नहीं था' (मृणाल पांडे), 'देहान्तर' (नंदकिशोर आचार्य - 1987), 'कोर्ट मार्शल' (स्वदेश दीपक - 1991), 'महाबली' (असगर वजाहत), 'काली बर्फ'।
प्रश्न 118
"हरेक आदमी को अपने आपसे कहना चाहिए: 'क्या सचमुच मैं इस प्रकार का आदमी हूँ जिसे ऐसी रीति से काम करने का अधिकार है कि मानवता मेरे कर्मों के द्वारा अपना मार्ग निर्देशन करे?'"
उपर्युक्त पंक्ति किस अस्तित्ववादी आलोचक की है?
उपर्युक्त पंक्ति किस अस्तित्ववादी आलोचक की है?
💡 हल (Solution):
यह प्रसिद्ध विचार फ्रांसीसी अस्तित्ववादी (Existentialist) विचारक ज्याँ-पॉल सार्त्र (Jean-Paul Sartre) का है।
प्रश्न 119
'भारत भारती' के 'भविष्यत् खंड' में निम्नांकित का उद्बोधन किया गया हैं:
A. चिकित्सक
B. शिक्षित
C. न्यायविद्
D. कवि
E. नवयुवक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
A. चिकित्सक
B. शिक्षित
C. न्यायविद्
D. कवि
E. नवयुवक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
💡 हल (Solution):
मैथिलीशरण गुप्त कृत 'भारत भारती' के 'भविष्यत् खंड' में मुख्य रूप से समाज के प्रबुद्ध वर्ग—शिक्षितों, न्यायविदों (वकीलों) और कवियों—को जगाने और देशहित में कार्य करने का उद्बोधन किया गया है।
प्रश्न 120
ल्योतार्द ने उत्तर आधुनिक समाज से जुड़ी किन चीजों पर विचार करने का आग्रह किया है:
A. ज्ञान का साध्य न रहकर साधन बनना, बाजार की वस्तु बनना。
B. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में भाषिकी की बढ़ती भूमिका。
C. साहित्य की सामाजिक भूमिका सुनिश्चित करना。
D. राष्ट्र निर्माण में भाषा और साहित्य को प्रथम स्थान पर रखना。
E. सामूहिकतावाद की पुनः स्थापना का प्रयास。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. ज्ञान का साध्य न रहकर साधन बनना, बाजार की वस्तु बनना。
B. विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में भाषिकी की बढ़ती भूमिका。
C. साहित्य की सामाजिक भूमिका सुनिश्चित करना。
D. राष्ट्र निर्माण में भाषा और साहित्य को प्रथम स्थान पर रखना。
E. सामूहिकतावाद की पुनः स्थापना का प्रयास。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
ज़्यां-फ्रांस्वा ल्योतार (Jean-François Lyotard) ने अपनी पुस्तक 'The Postmodern Condition' में ज्ञान के व्यवसायीकरण (Knowledge as a commodity) और महावृत्तांतों (Grand Narratives) के पतन पर विचार किया है।
प्रश्न 121
"क्या तू नहीं जानता मैं कौन हूँ, क्या तूने आज इस तलवार की काट नहीं देखी?" यह कथन किस कहानी से उद्धृत है?
💡 हल (Solution):
यह संवाद मुंशी प्रेमचंद की आरंभिक उर्दू कहानी (सोज़े वतन में संकलित) 'दुनिया का सबसे अनमोल रत्न' से लिया गया है।
प्रश्न 122
भाषाविज्ञान की दृष्टि से 'पूर्वी हिंदी' का विकास निम्नलिखित में से किस अपभ्रंश से माना जाता है?
💡 हल (Solution):
पूर्वी हिंदी (अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी) का विकास 'अर्द्ध-मागधी अपभ्रंश' से हुआ है। पश्चिमी हिंदी, राजस्थानी और गुजराती का विकास शौरसेनी से तथा बिहारी, बंगाली का विकास मागधी अपभ्रंश से माना जाता है।
प्रश्न 123
स्कंदगुप्त नाटक में देवसेना द्वारा गाए गए निम्नलिखित गीतों को, नाटक में गाने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए (नीचे गीतों की पहली पंक्ति दी गयी है):
A. आह वेदना मिली विदाई
B. घने प्रेम-तरु तले...
C. भरा नैनों में मन में रूप...
D. देश की दुर्दशा निहारोगे...
E. शून्य गगन में खोजता जैसे चन्द्र निराश
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. आह वेदना मिली विदाई
B. घने प्रेम-तरु तले...
C. भरा नैनों में मन में रूप...
D. देश की दुर्दशा निहारोगे...
E. शून्य गगन में खोजता जैसे चन्द्र निराश
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
जयशंकर प्रसाद के नाटक 'स्कंदगुप्त' में देवसेना द्वारा गाए गए गीतों का सही क्रम: 'भरा नैनों में मन में रूप', 'घने प्रेम-तरु तले', 'शून्य गगन में खोजता...', 'देश की दुर्दशा निहारोगे', और अंत में नाटक के समापन पर 'आह वेदना मिली विदाई'।
प्रश्न 124
'मजदूरी और प्रेम' शीर्षक निबन्ध में निम्नलिखित उपशीर्षक आए हैं। निबन्ध के आधार पर उनका (पहले से बाद का) क्रम निर्धारित करें -
A. मजदूर की मजदूरी
B. गड़रिये का जीवन
C. प्रेम मजदूरी
D. पश्चिमी सभ्यता का एक नया आदर्श
E. मजदूरी और कला
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. मजदूर की मजदूरी
B. गड़रिये का जीवन
C. प्रेम मजदूरी
D. पश्चिमी सभ्यता का एक नया आदर्श
E. मजदूरी और कला
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
सरदार पूर्णसिंह कृत निबंध 'मजदूरी और प्रेम' में उपशीर्षकों का सही क्रम: हल चलाने वाले का जीवन, गड़रिये का जीवन, मजदूर की मजदूरी, प्रेम मजदूरी, मजदूरी और कला, मजदूरी और फकीरी, पश्चिमी सभ्यता का एक नया आदर्श।
प्रश्न 125
"ईश्वर महरानी को चिरजीवी रक्खे" वाक्य किस निबंध से उद्धृत है?
💡 हल (Solution):
यह वाक्य भारतेन्दु हरिश्चंद्र के निबंध 'दिल्ली दरबार दर्पण' (1877) से लिया गया है, जिसमें महारानी विक्टोरिया के 'कैसर-ए-हिंद' की उपाधि धारण करने का आँखों देखा हाल वर्णित है।
प्रश्न 126
लक्षणा शब्दशक्ति के संदर्भ में कौन से कथन सही हैं?
A. जहाँ वाच्य अर्थ और वाचक शब्द अपने-अपने अस्तित्व को गौण बनाकर जिस अर्थ को प्रकट करते हैं, उसे लक्षणा कहते हैं。
B. जहाँ मुख्यार्थ रूढ़ि के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ रूढ़ा लक्षणा मानी जाती है。
C. जहाँ व्यंग्यार्थ का चमत्कार वाच्यार्थ की अपेक्षा गौण, अर्थात न्यून अथवा उसके समान हो, उसे लक्षणा कहते हैं。
D. प्रसिद्ध अर्थ अथवा साक्षात् संकेतित अर्थ के बोधक व्यापार को लक्षणा कहते हैं。
E. जहाँ मुख्यार्थ किसी प्रयोजन के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ प्रयोजनवती लक्षणा मानी जाती है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. जहाँ वाच्य अर्थ और वाचक शब्द अपने-अपने अस्तित्व को गौण बनाकर जिस अर्थ को प्रकट करते हैं, उसे लक्षणा कहते हैं。
B. जहाँ मुख्यार्थ रूढ़ि के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ रूढ़ा लक्षणा मानी जाती है。
C. जहाँ व्यंग्यार्थ का चमत्कार वाच्यार्थ की अपेक्षा गौण, अर्थात न्यून अथवा उसके समान हो, उसे लक्षणा कहते हैं。
D. प्रसिद्ध अर्थ अथवा साक्षात् संकेतित अर्थ के बोधक व्यापार को लक्षणा कहते हैं。
E. जहाँ मुख्यार्थ किसी प्रयोजन के कारण लक्ष्यार्थ का बोध कराए, वहाँ प्रयोजनवती लक्षणा मानी जाती है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
लक्षणा शब्दशक्ति में मुख्यार्थ में बाधा उत्पन्न होती है और रूढ़ि या प्रयोजन के आधार पर अन्य अर्थ (लक्ष्यार्थ) ग्रहण किया जाता है। (आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर विकल्प 1)।
प्रश्न 127
पं. गोविंदवल्लभ पंत का कौन-सा नाटक 'मार्कंडेय पुराण' की एक कथा पर आधारित है?
💡 हल (Solution):
गोविंदवल्लभ पंत का नाटक 'वरमाला' (1925) मार्कंडेय पुराण की कथा पर आधारित एक पौराणिक नाटक है।
प्रश्न 128
'कविता क्या है' निबंध में उद्धृत पंक्ति 'स्वाभावोक्तिस्तु डिम्भादेः स्वक्रिया रूप-वर्णनम्' किस ग्रन्थ से ली गई है?
💡 हल (Solution):
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने 'कविता क्या है' निबंध में यह पंक्ति आचार्य विश्वनाथ के ग्रंथ 'साहित्यदर्पण' से उद्धृत की है।
प्रश्न 129
सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें -
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए:
| सूची-I | सूची-II |
|---|---|
| A. धातु से विशेषण | I. हँस-हँसोड़ |
| B. जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा | II. धन-धनवान |
| C. धातु से करणवाचक संज्ञा | III. झाड़-झाडू |
| D. संज्ञा से विशेषण | IV. लड़का-लड़कपन |
💡 हल (Solution):
• धातु से विशेषण: हँसना (धातु) ➔ हँसोड़ (A-I)• जातिवाचक से भाववाचक: लड़का ➔ लड़कपन (B-IV)
• धातु से करणवाचक संज्ञा: झाड़ना (धातु) ➔ झाडू (C-III)
• संज्ञा से विशेषण: धन ➔ धनवान (D-II)
प्रश्न 130
मीरा की, निम्नांकित में से कौन सी पंक्तियाँ, कृष्ण के रूप के प्रति आकर्षण को व्यक्त नहीं करती हैं?
💡 हल (Solution):
विकल्प 3 की पंक्तियाँ कृष्ण के 'रूप-आकर्षण' को नहीं, बल्कि उनके चरणों की महिमा और शरणागति (भक्ति/प्रह्लाद-ध्रुव का प्रसंग) को दर्शाती हैं।
प्रश्न 131
'आषाढ़ का एक दिन' के निम्नलिखित पात्रों को, नाटक में प्रथम प्रवेश के आधार पर, पहले से बाद के क्रम में लगाइए:
A. निक्षेप
B. प्रियंगु
C. अनुनासिक
D. दन्तुल
E. रंगिणि
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. निक्षेप
B. प्रियंगु
C. अनुनासिक
D. दन्तुल
E. रंगिणि
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
मोहन राकेश के नाटक में पात्रों का प्रथम प्रवेश: सबसे पहले निक्षेप, फिर दन्तुल, उसके बाद अनुस्वार-अनुनासिक/रंगिणि-संगिणि, और अंत में प्रियंगुमंजरी (B)। अतः क्रम A, D, E, C, B सही है।
प्रश्न 132
"विशाखदत्त को तो श्री जायसवाल ने चंद्रगुप्त की सभा का राजकवि और उसके 'देवी चंद्रगुप्त' को जीवन चित्रण नाटक भी माना है। यह प्रश्न अवश्य ही कुछ कुतूहल से भरा हुआ है कि विशाखदत्त ने अपने दोनों नाटकों का नायक चंद्रगुप्त नामधारी व्यक्ति को ही क्यों बनाया।"
जयशंकर प्रसाद ने अपने किस नाटक की 'भूमिका' में उपर्युक्त पंक्तियाँ लिखी हैं?
जयशंकर प्रसाद ने अपने किस नाटक की 'भूमिका' में उपर्युक्त पंक्तियाँ लिखी हैं?
💡 हल (Solution):
प्रसाद जी ने अपने ऐतिहासिक नाटक 'चंद्रगुप्त' की विस्तृत भूमिका में विशाखदत्त, मुद्राराक्षस और देवीचंद्रगुप्तम् के ऐतिहासिक तथ्यों का गहन विश्लेषण किया है।
प्रश्न 133
'भारतीय नवजागरण' के संदर्भ में निम्नलिखित घटनाओं को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित करें -
A. भारतेंदु का 'नाटक' शीर्षक निबंध
B. भारतेंदु का बलिया वाला व्याख्यान
C. विवेकानंद का शिकागो व्याख्यान
D. फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना
E. तदीय समाज
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. भारतेंदु का 'नाटक' शीर्षक निबंध
B. भारतेंदु का बलिया वाला व्याख्यान
C. विवेकानंद का शिकागो व्याख्यान
D. फोर्ट विलियम कॉलेज की स्थापना
E. तदीय समाज
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
कालक्रम: फोर्ट विलियम कॉलेज (1800), तदीय समाज की स्थापना (1873), 'नाटक' निबंध (1883), बलिया व्याख्यान - भारतवर्षोन्नति... (1884), विवेकानंद का शिकागो भाषण (1893)।
प्रश्न 134
'अंधेर नगरी' के पात्र हैं :
A. दुर्जन
B. घासीराम
C. कल्लू
D. जातवाला
E. सत्यानाश फौजदार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
A. दुर्जन
B. घासीराम
C. कल्लू
D. जातवाला
E. सत्यानाश फौजदार
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
💡 हल (Solution):
भारतेन्दु जी के प्रहसन 'अंधेर नगरी' के बाज़ार वाले दृश्य में घासीराम (चना जोर गरम वाला), कल्लू (बनिया), और जातवाला (ब्राह्मण) उपस्थित हैं। (सत्यानाश फौजदार 'भारत दुर्दशा' का पात्र है)।
प्रश्न 135
'ईदगाह' कहानी के संबंध में कहा जा सकता है -
A. प्रेमचंद ने इस कहानी में पुलिस-प्रशासन के भ्रष्टाचार की ओर संकेत किया है。
B. हामिद के दोस्त कहानी में अंत तक चिमटे के प्रति आकर्षित नहीं होते हैं。
C. हामिद का चिमटा एक अभावग्रस्त देश या समाज को अपनी प्राथमिकताएँ निश्चित करने की प्रेरणा देता है。
D. अमीना को उम्मीद नहीं है कि उसके घर सेवैयों के लिए कोई आएगा。
E. यह कहानी औपनिवेशिक व्यवस्था के चिह्नों पर व्यंग्य भी करती है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. प्रेमचंद ने इस कहानी में पुलिस-प्रशासन के भ्रष्टाचार की ओर संकेत किया है。
B. हामिद के दोस्त कहानी में अंत तक चिमटे के प्रति आकर्षित नहीं होते हैं。
C. हामिद का चिमटा एक अभावग्रस्त देश या समाज को अपनी प्राथमिकताएँ निश्चित करने की प्रेरणा देता है。
D. अमीना को उम्मीद नहीं है कि उसके घर सेवैयों के लिए कोई आएगा。
E. यह कहानी औपनिवेशिक व्यवस्था के चिह्नों पर व्यंग्य भी करती है。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
हामिद के दोस्त कहानी में उसके चिमटे ('रुस्तमे हिन्द') की धाक से अंततः आकर्षित और प्रभावित हो जाते हैं, इसलिए B असत्य है। शेष कथन A, C, और D कहानी के मर्म को दर्शाते हैं।
प्रश्न 136
रचनाकार सूची-I को उनकी लिखी पंक्ति सूची-II से सुमेलित करें :
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें:
| सूची-I (रचनाकार) | सूची-II (पंक्ति) |
|---|---|
| A. लाला हीरालाल | I. सिद्ध श्री 108 श्री श्री नातसाहि जी श्री दलपति जी अकबरसाहजी आमखास में तखत उपर विराजमान हो रहे हैं। |
| B. गंग कवि | II. प्रथम परब्रह्म परमात्मा का नमस्कार है जिससे सब भासते हैं। |
| C. रामप्रसाद निरंजनी | III. इससे जाना गया कि संस्कार का भी प्रमाण नहीं; आरोपित उपाधि है। |
| D. मुंशी सदासुखलाल 'नियाज' | IV. अब शेख अबुलफजल ग्रंथ को करता प्रभु को निमस्कार। |
💡 हल (Solution):
आरंभिक गद्य लेखकों की पंक्तियाँ: गंग कवि की चंद छन्द बरनन की महिमा में "सिद्ध श्री 108..." का उल्लेख है (B-I)। रामप्रसाद निरंजनी की रचना में (C-IV) तथा मुंशी सदासुखलाल (D-II)।
प्रश्न 137
'साहित्य का सभ्यता से घनिष्ठ संबंध है' निबंध के लेखक कौन हैं?
💡 हल (Solution):
यह प्रसिद्ध विचारात्मक निबंध हिन्दी प्रदीप के संपादक 'बालकृष्ण भट्ट' जी का है। 'साहित्य जनसमूह के हृदय का विकास है' भी उन्हीं का निबंध है।
प्रश्न 138
'भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है' निबंध में भारतेंदु के विचार है-
A. अंग्रेजों के राज्य में सब प्रकार का सामान पाकर, अवसर पाकर भी हम उन्नति न करें तो अभाग्य है。
B. वे बातें जो समाज विरुद्ध हों, देश-काल के अनुरूप न हों किन्तु धर्मशास्त्र में उनका विधान हो तब भी उन्हें छोड़ दीजिए。
C. वास्तविक धर्म और समाज धर्म दोनों सदैव एक है。
D. लड़कों को छोटेपन से मेहनत की आदत देनी चाहिए。
E. लड़कियाँ शिक्षित हों ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. अंग्रेजों के राज्य में सब प्रकार का सामान पाकर, अवसर पाकर भी हम उन्नति न करें तो अभाग्य है。
B. वे बातें जो समाज विरुद्ध हों, देश-काल के अनुरूप न हों किन्तु धर्मशास्त्र में उनका विधान हो तब भी उन्हें छोड़ दीजिए。
C. वास्तविक धर्म और समाज धर्म दोनों सदैव एक है。
D. लड़कों को छोटेपन से मेहनत की आदत देनी चाहिए。
E. लड़कियाँ शिक्षित हों ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों。
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
भारतेन्दु जी ने वास्तविक धर्म (ईश्वर भक्ति) और समाज धर्म (परिवर्तनशील नियमों) को अलग-अलग माना है (C गलत है)। उन्होंने समय के अनुरूप रूढ़ियों को त्यागने (B) और लड़कों को मेहनत की आदत (D) डालने पर जोर दिया है।
प्रश्न 139
'रश्मिरथी' के निम्नलिखित संवादों को, काव्य में आने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए :
A. व्रत का, पर, निर्वाह कभी ऐसे भी करना होता है, इस कर से जो दिया, उसे उस कर से हरना होता है।
B. जब तक भोगी भूप प्रजाओं के नेता कहलायेंगे, ज्ञान, त्याग, तप नहीं श्रेष्ठता का जब तक पद पायेंगे।
C. हार-जीत क्या चीज? वीरता की पहचान समर है, सच्चाई पर कभी हार कर भी न हारता नर है।
D. विधि ने था क्या लिखा भाग्य में, खूब जानता हूँ मैं, बाँहों को, पर कहीं भाग्य से बली मानता हूँ मैं।
E. जाति-जाति रटते, जिनकी पूँजी केवल पाषण्ड, मैं क्या जानू जाति? जाति हैं ये मेरे भुजदण्ड।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. व्रत का, पर, निर्वाह कभी ऐसे भी करना होता है, इस कर से जो दिया, उसे उस कर से हरना होता है।
B. जब तक भोगी भूप प्रजाओं के नेता कहलायेंगे, ज्ञान, त्याग, तप नहीं श्रेष्ठता का जब तक पद पायेंगे।
C. हार-जीत क्या चीज? वीरता की पहचान समर है, सच्चाई पर कभी हार कर भी न हारता नर है।
D. विधि ने था क्या लिखा भाग्य में, खूब जानता हूँ मैं, बाँहों को, पर कहीं भाग्य से बली मानता हूँ मैं।
E. जाति-जाति रटते, जिनकी पूँजी केवल पाषण्ड, मैं क्या जानू जाति? जाति हैं ये मेरे भुजदण्ड।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
रामधारी सिंह 'दिनकर' कृत 'रश्मिरथी' में सबसे पहले कर्ण का समाज (कृपाचार्य) के समक्ष अपनी जाति के प्रश्न पर क्रोध (E) आता है। अंत में कृष्ण और कर्ण का संवाद/युद्ध का प्रसंग (C) है। सही क्रम E, B, A, D, C है।
प्रश्न 140
'देवरानी जेठानी की कहानी' उपन्यास निम्न में से किन सामाजिक समस्याओं को नहीं उठाता है?
A. बाल विवाह
B. अशिक्षा
C. सतीप्रथा
D. स्त्रियों की आभूषणप्रियता
E. छुआछूत
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
A. बाल विवाह
B. अशिक्षा
C. सतीप्रथा
D. स्त्रियों की आभूषणप्रियता
E. छुआछूत
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
💡 हल (Solution):
पंडित गौरीदत्त रचित 'देवरानी जेठानी की कहानी' मुख्य रूप से स्त्री शिक्षा, बाल विवाह, आभूषणप्रियता, और पारिवारिक कलह पर केंद्रित है। इसमें 'सतीप्रथा' और 'छुआछूत' जैसी समस्याओं को मुख्य रूप से नहीं उठाया गया है।
Comprehension (प्रश्न 141 से 145 के लिए गद्यांश):
निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़ें और तदनुरूप प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
'व्यक्ति की कहानी केवल उसकी अपनी नहीं होती, उसमें सभ्यता और संस्कृति का तत्त्व भी अवश्य सम्मिलित रहता है। मानव जीवन अनेक अनुभूतियों एवं अनुभवों का सम्मिश्रण है। प्रत्येक अनुभूति और अनुभव का भार स्मृतियों की कोठरी है, या फिर कहें पूँजी है। मनुष्य कितना ही विकास कर ले, कितना ही आधुनिक हो जाए, लेकिन अपनी सभ्यता और संस्कृति से उसे जुड़े रहना चाहिए। सभ्यता उसके मनुष्य तत्त्व की पहचान है और संस्कृति उसको प्राणवायु। देश और जाति की बात में सभ्यता और संस्कृति की अमिट छाया रहती है, लेकिन इन दोनों का महत्त्व तब है, जब वह परिवर्तन का कुछ अंश ग्रहणकर निरंतर प्रवाहित होती रहे।'
निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़ें और तदनुरूप प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
'व्यक्ति की कहानी केवल उसकी अपनी नहीं होती, उसमें सभ्यता और संस्कृति का तत्त्व भी अवश्य सम्मिलित रहता है। मानव जीवन अनेक अनुभूतियों एवं अनुभवों का सम्मिश्रण है। प्रत्येक अनुभूति और अनुभव का भार स्मृतियों की कोठरी है, या फिर कहें पूँजी है। मनुष्य कितना ही विकास कर ले, कितना ही आधुनिक हो जाए, लेकिन अपनी सभ्यता और संस्कृति से उसे जुड़े रहना चाहिए। सभ्यता उसके मनुष्य तत्त्व की पहचान है और संस्कृति उसको प्राणवायु। देश और जाति की बात में सभ्यता और संस्कृति की अमिट छाया रहती है, लेकिन इन दोनों का महत्त्व तब है, जब वह परिवर्तन का कुछ अंश ग्रहणकर निरंतर प्रवाहित होती रहे।'
प्रश्न 141
सभ्यता और संस्कृति की उपयोगिता के लिए क्या आवश्यक है?
💡 हल (Solution):
गद्यांश के अंतिम वाक्य में स्पष्ट है: "इन दोनों का महत्त्व तब है, जब वह परिवर्तन का कुछ अंश ग्रहणकर निरंतर प्रवाहित होती रहे।"
प्रश्न 142
व्यक्ति की कहानी में कौन-से तत्त्व अनिवार्य रूप से सम्मिलित हैं?
💡 हल (Solution):
गद्यांश की प्रथम पंक्ति के अनुसार: "व्यक्ति की कहानी केवल उसकी अपनी नहीं होती, उसमें सभ्यता और संस्कृति का तत्त्व भी अवश्य सम्मिलित रहता है।"
प्रश्न 143
अनुच्छेद के आधार पर 'संस्कृति' के संदर्भ में कौन-सा कथन असत्य है?
💡 हल (Solution):
गद्यांश में कहा गया है कि "मनुष्य कितना ही विकास कर ले, कितना ही आधुनिक हो जाए, लेकिन अपनी सभ्यता और संस्कृति से उसे जुड़े रहना चाहिए।" अतः कथन 4 असत्य है।
प्रश्न 144
अनुच्छेद के अनुसार 'अनुभूति का भार' क्या है?
💡 हल (Solution):
गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है: "प्रत्येक अनुभूति और अनुभव का भार स्मृतियों की कोठरी है, या फिर कहें पूँजी है।"
प्रश्न 145
सभ्यता किस तत्त्व की पहचान कराती है?
💡 हल (Solution):
गद्यांश के अनुसार: "सभ्यता उसके मनुष्य तत्त्व की पहचान है।"
Comprehension (प्रश्न 146 से 150 के लिए गद्यांश):
निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़ें और तदनुरूप प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
'कविता का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। उसमें समाज सापेक्ष चिंतन और उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा होना आवश्यक है। कविता का लक्ष्य संसार के दुःख और वेदना को प्रत्यक्ष करके संवेदना तक जाना है। मानव जीवन में मनोरंजन का स्थान महत्त्वपूर्ण है, लेकिन संवेदना के मेल से मनुष्य हृदय की अभिव्यक्ति को उचित स्थान कविता में अवश्य मिलना चाहिए। मनोयोग से मनोरंजन में भी मनुष्यता का भाव खोजा जा सकता है। मनोरंजन को कविता की शक्ति माना जा सकता है, लेकिन जब तक उसमें अपने आसपास के समाज-जन के लिए उपकार, करुणा एवं सहयोग का भाव न होगा, तब तक कविता का यह भाव भी अधूरा ही माना जाएगा। कविता का उद्देश्य समाज से सहज रूप से जुड़ा होना ही है। कविता की सहजता ही समाज को दिशा दे सकती है।'
निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़ें और तदनुरूप प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
'कविता का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। उसमें समाज सापेक्ष चिंतन और उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा होना आवश्यक है। कविता का लक्ष्य संसार के दुःख और वेदना को प्रत्यक्ष करके संवेदना तक जाना है। मानव जीवन में मनोरंजन का स्थान महत्त्वपूर्ण है, लेकिन संवेदना के मेल से मनुष्य हृदय की अभिव्यक्ति को उचित स्थान कविता में अवश्य मिलना चाहिए। मनोयोग से मनोरंजन में भी मनुष्यता का भाव खोजा जा सकता है। मनोरंजन को कविता की शक्ति माना जा सकता है, लेकिन जब तक उसमें अपने आसपास के समाज-जन के लिए उपकार, करुणा एवं सहयोग का भाव न होगा, तब तक कविता का यह भाव भी अधूरा ही माना जाएगा। कविता का उद्देश्य समाज से सहज रूप से जुड़ा होना ही है। कविता की सहजता ही समाज को दिशा दे सकती है।'
प्रश्न 146
अनुच्छेद के अनुसार कविता के संदर्भ में असत्य कथन कौन-सा है?
💡 हल (Solution):
गद्यांश कहता है: "कविता का लक्ष्य संसार के दुःख और वेदना को प्रत्यक्ष करके संवेदना तक जाना है।" अतः वेदना को 'छोड़ना' असत्य कथन है।
प्रश्न 147
अनुच्छेद के अनुसार कविता में मनोरंजन के साथ क्या होना आवश्यक है ?
💡 हल (Solution):
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है: "मनोरंजन का स्थान महत्त्वपूर्ण है, लेकिन संवेदना के मेल से मनुष्य हृदय की अभिव्यक्ति को उचित स्थान कविता में अवश्य मिलना चाहिए।"
प्रश्न 148
कविता का उद्देश्य क्या है ?
💡 हल (Solution):
गद्यांश के अंतिम हिस्से में लिखा है: "कविता का उद्देश्य समाज से सहज रूप से जुड़ा होना ही है।"
प्रश्न 149
अनुच्छेद के अनुसार 'मनोरंजन' कविता की शक्ति कब माना जाएगा?
💡 हल (Solution):
गद्यांश के अनुसार: "मनोरंजन को कविता की शक्ति माना जा सकता है, लेकिन जब तक उसमें... उपकार, करुणा एवं सहयोग का भाव न होगा, तब तक कविता का यह भाव भी अधूरा ही माना जाएगा।"
प्रश्न 150
अनुच्छेद के अनुसार समाज-जन से किन भावों के माध्यम से जुड़ा जा सकता है?
💡 हल (Solution):
गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है कि समाज-जन के लिए "उपकार, करुणा एवं सहयोग" का भाव होना आवश्यक है, तभी कविता समाज को दिशा दे सकती है।

