त्वम् आपणं गच्छ
द्वादशः पाठः (पाठ १२) — दीपकम (कक्षा ६)
१. मूल पाठः एवं भावार्थः
| संस्कृत संवादः | हिन्दी भावार्थः |
|---|---|
| अम्बा – राकेश! कुत्र असि? अत्र आगच्छ। | माँ – राकेश! कहाँ हो? यहाँ आओ। |
| राकेशः – आम् अम्ब! कथय किं कार्यं करवाणि? | राकेश – हाँ माँ! कहो, क्या काम करूँ? |
| अम्बा – अद्य तव तातः कार्यालयात् विलम्बेन आगमिष्यति। त्वम् आपणं गच्छ। वस्तूनि आनय। वस्तूनां नामावली अपि अत्र अस्ति। | माँ – आज तुम्हारे पिता कार्यालय (ऑफ़िस) से देरी से आएँगे। तुम बाज़ार (दुकान) जाओ। सामान ले आओ। सामानों की सूची भी यहाँ है। |
| राकेशः – अस्तु। स्यूतं ददातु। वस्तूनां नामावलीम् अहं स्वीकरोमि। | राकेश – ठीक है। थैला दीजिए। सामानों की सूची मैं ले लेता हूँ। |
| अम्बा – स्वीकुरु। धनम् अपि नय। | माँ – लो (स्वीकार करो)। पैसे भी ले जाओ। |
| राकेशः – अम्ब! इतोऽपि एकं वस्तु स्वीकरवाणि? | राकेश – माँ! इसके अलावा एक और चीज़ ले लूँ? |
| अम्बा – चाकलेहम् इच्छति खलु वत्स! जानातु, अधिकं चाकलेह-खादनं स्वास्थ्याय हानिकरं भवति। | माँ – चॉकलेट चाहते हो न बेटे! जान लो, अधिक चॉकलेट खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। |
| राकेशः – केवलम् अद्य एव स्वीकरोमि। | राकेश – केवल आज ही लूँगा (खाऊँगा)। |
| अम्बा – अस्तु। मार्गे यानानां गतिं पश्यतु। अनन्तरं सावधानं पारं गच्छतु। | माँ – ठीक है। रास्ते में गाड़ियों की गति (रफ्तार) को देखना। उसके बाद सावधानी से सड़क पार करना। |
| राकेशः – आम्। अहं गच्छामि। | राकेश – हाँ। मैं जाता हूँ। |
| संस्कृत संवादः (विपणिम्/बाजार में) | हिन्दी भावार्थः |
|---|---|
| राकेशः – महोदय! कृपया एतां नामावलीं पश्यतु, वस्तूनि च ददातु। | राकेश (दुकानदार से) – महोदय! कृपया इस सूची को देखिए, और सामान दे दीजिए। |
| आपणिकः – पश्यामि। मुद्गः – अर्धकिलोमितः, शर्करा – एककिलोमिता, गुडः – एककिलोमितः, द्विदलम् – एककिलोमितम्, सर्षपः – पादकिलोमितः। सर्वं सिद्धम् अस्ति। स्यूतं ददातु, तत्र स्थापयामि। | दुकानदार – देखता हूँ। मूंग दाल – आधा किलो, चीनी – एक किलो, गुड़ – एक किलो, दाल – एक किलो, सरसों – पाव भर (250 ग्राम)। सब तैयार है। थैला दो, उसमें रख देता हूँ। |
| राकेशः – अस्तु, कति रूप्यकाणि यच्छानि? | राकेश – ठीक है, कितने रुपए दूँ? |
| आपणिकः – चत्वारि शतानि षष्टिं (४६०) च रूप्यकाणि ददातु। | दुकानदार – चार सौ साठ (460) रुपए दे दीजिए। |
| राकेशः – महोदय! नीलवर्णा लेखनी अस्ति किम्? | राकेश – महोदय! नीले रंग का पेन है क्या? |
| आपणिकः – आम्, अस्ति। | दुकानदार – हाँ, है। |
| राकेशः – एकं चाकलेहम् एकां लेखनीं च ददातु। तस्य मूल्यम् अपि योजयतु। | राकेश – एक चॉकलेट और एक पेन भी दे दीजिए। उसका मूल्य (कीमत) भी जोड़ लीजिए। |
| आपणिकः – अस्तु। लेखन्याः विंशतिं रूप्यकाणि चाकलेहस्य दश रूप्यकाणि च योजयामि। आहत्य नवत्यधिकानि चत्वारि शतानि (४९०) रूप्यकाणि ददातु। | दुकानदार – ठीक है। पेन के बीस रुपये और चॉकलेट के दस रुपये जोड़ता हूँ। कुल मिलाकर चार सौ नब्बे (490) रुपये दे दो। |
| राकेशः – आम्, पञ्च शतानि (५००) रुप्यकाणि सन्ति। स्वीकरोतु, अवशिष्टं च ददातु। | राकेश – हाँ, यह पाँच सौ (500) रुपये हैं। स्वीकार कीजिए, और बचे हुए (वापस) दे दीजिए। |
| आपणिकः – सर्वं स्यूते स्थापितम् अस्ति। दश (१०) रुप्यकाणि अवशिष्टानि, स्वीकरोतु। | दुकानदार – सब थैले में रख दिया है। दस (10) रुपये बचे हैं, ले लो। |
| राकेशः – अस्तु। धन्यवादः। | राकेश – ठीक है। धन्यवाद। |
| आपणिकः – पुनरपि आगच्छतु। | दुकानदार – फिर से आना। |
पठन्तु अवगच्छन्तु (लोट् लकारः - आज्ञार्थे):
भवान् पिबतु। यूयम् उत्तिष्ठत। भवन्तः खादन्तु। अहं संशयं पृच्छानि। त्वं पठ। वयं गच्छाम।
(आप पिएँ। तुम सब उठो। आप सब खाएँ। मैं संदेह (प्रश्न) पूछूँ। तुम पढ़ो। हम जाएँ।)
भवान् पिबतु। यूयम् उत्तिष्ठत। भवन्तः खादन्तु। अहं संशयं पृच्छानि। त्वं पठ। वयं गच्छाम।
(आप पिएँ। तुम सब उठो। आप सब खाएँ। मैं संदेह (प्रश्न) पूछूँ। तुम पढ़ो। हम जाएँ।)
२. शब्दार्थ-सारणी
| संस्कृत शब्दः | हिन्दी अर्थः | English |
|---|---|---|
| स्यूतम् | थैला | Bag |
| नामावली | सूची / लिस्ट | List |
| आपणम् | बाज़ार को | Market |
| आनय | लाओ | Bring |
| नय | ले जाओ | Take away |
| चाकलेहः | चॉकलेट | Chocolate |
| यानानाम् | गाड़ियों की | Of vehicles |
| गतिम् | चलना / रफ़्तार | Movement |
| मुद्गः | मूँग (दाल) | Green Gram |
| शर्करा | चीनी | Sugar |
| गुडः | गुड़ | Jaggery |
| द्विदलम् | दाल | Pulses |
| सर्षपः | सरसों | Mustard seeds |
| अवशिष्टम् | बाकी / बचा हुआ | Remaining |
| विपणिम् | बाज़ार | Market |
३. अभ्यासः - भाग १ (प्रश्नोत्तराणि १-४)
| १. कोष्ठके दत्तानि रूपाणि दृष्ट्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्तु (लोट् लकार): | ||
|---|---|---|
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| लिखतु | लिखताम् | लिखन्तु |
| लिख | लिखतम् | लिखत |
| लिखानि | लिखाव | लिखाम |
| क्रीडतु | क्रीडताम् | क्रीडन्तु |
| क्रीड | क्रीडतम् | क्रीडत |
| क्रीडानि | क्रीडाव | क्रीडाम |
| २. निम्नलिखितेषु सुभाषितेषु लोट्-लकारस्य क्रियापदानि चित्वा लिखन्तु: |
|---|
| (क) काले वर्षतु पर्जन्यः पृथिवी सस्यशालिनी। देशोऽयं क्षोभरहितः सज्जनाः सन्तु निर्भयाः॥ ➔ लोट्-लकारस्य क्रियापदानि: वर्षतु, सन्तु |
| (ख) सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ➔ लोट्-लकारस्य क्रियापदानि: भवन्तु, सन्तु, पश्यन्तु |
| (ग) इमा आपः शिवाः सन्तु शुभाः स्वच्छाश्च निर्मलाः। पावनाः शीतलाः सन्तु पूताः सूर्यस्य रश्मिभिः॥ ➔ लोट्-लकारस्य क्रियापदानि: सन्तु |
| (घ) निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु, लक्ष्मीः समाविशतु गच्छतु वा यथेष्टम्। अद्यैव वा मरणमस्तु युगान्तरे वा, न्याय्यात्पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः॥ ➔ लोट्-लकारस्य क्रियापदानि: निन्दन्तु, स्तुवन्तु, समाविशतु, गच्छतु, अस्तु |
| ३. उदाहरणानुगुणं लोट्-लकारस्य रूपाणि लिखन्तु: | |
|---|---|
| पठति ➔ पठतु | खादति ➔ खादतु |
| क्रीडामि ➔ क्रीडानि | पश्यसि ➔ पश्य |
| हसति ➔ हसतु | नयसि ➔ नय |
| नृत्यति ➔ नृत्यतु | गच्छामि ➔ गच्छानि |
| ४. उदाहरणानुगुणं बहुवचनस्य रूपाणि लिखन्तु (लोट् लकार): | |
|---|---|
| • उत्तिष्ठतु ➔ उत्तिष्ठन्तु | • उपविशतु ➔ उपविशन्तु |
| • खादतु ➔ खादन्तु | • पततु ➔ पतन्तु |
| • आगच्छतु ➔ आगच्छन्तु | • गच्छ ➔ गच्छत |
| • पठानि ➔ पठाम | |
४. अभ्यासः - भाग २ (प्रश्नोत्तराणि ५-९)
| ५. विद्यालयस्य वार्षिकोत्सवे के-के किं-किं कुर्वन्ति इति सूचनारूपेण (आज्ञार्थे) वाक्यानि पुनः लिखन्तु: |
|---|
| यथा– दशमकक्षायाः छात्राः वेदिकाम् अलङ्कुर्वन्ति। ➔ दशमकक्षायाः छात्राः वेदिकाम् अलङ्कुर्वन्तु। |
| (क) प्रधानाध्यापकः वार्षिकं विवरणं पठति। ➔ प्रधानाध्यापकः वार्षिकं विवरणं पठतु। |
| (ख) बालिकाः नृत्यन्ति। ➔ बालिकाः नृत्यन्तु। |
| (ग) यूयम् आसन्दान् स्थापयथ। ➔ यूयम् आसन्दान् स्थापयत। |
| (घ) छात्रनायकः स्वागतं करोति। ➔ छात्रनायकः स्वागतं करोतु। |
| (ङ) मम मित्रं धन्यवादं निवेदयति। ➔ मम मित्रं धन्यवादं निवेदयतु। |
| (च) संस्कृत-शिक्षिका वेदिकां सञ्चालयति। ➔ संस्कृत-शिक्षिका वेदिकां सञ्चालयतु। |
| (छ) कार्यक्रमानन्तरं छात्राः उत्थाय राष्ट्रगीतं गायन्ति। ➔ कार्यक्रमानन्तरं छात्राः उत्थाय राष्ट्रगीतं गायन्तु। |
| ६. पट्टिकातः उचितैः क्रियारूपैः अनुच्छेदस्य रिक्तस्थानानि पूरयन्तु: |
|---|
| (पट्टिका: शृण्वन्तु, गच्छन्तु, लिखन्तु, पठन्तु, पृच्छन्तु, कुर्वन्तु, वदन्तु, उत्तिष्ठन्तु, उपविशन्तु, अभिवादयन्तु) |
| यदा अध्यापकः कक्षाम् आगच्छति तदा प्रथमं सर्वे उत्तिष्ठन्तु। उपचारवाक्येन तम् अभिवादयन्तु। यदा सः वदति तदा एव सर्वे उपविशन्तु। तस्य सूचनानुसारं पाठं पठन्तु। गृहपाठं लिखन्तु। परस्परं वार्तालापं न कुर्वन्तु। प्रश्नस्य उत्तरं वदन्तु। संशयं पृच्छन्तु। तस्य उपदेशं शृण्वन्तु। बहिः मा गच्छन्तु। |
| ७. मार्गे सूचनादीपाः फलकानि च भवन्ति। चित्राणि दृष्ट्वा पट्टिकापदैः वाक्यानि लिखन्तु: | |
|---|---|
| (पट्टिका: तिष्ठ, प्रतीक्षस्व, वामतः गच्छ, दक्षिणतः गच्छ, यानं मा स्थापय, पदयात्रिकाः!, गच्छ, अग्रे विद्यालयः) | |
| १. लाल बत्ती (Red Light) ➔ | तिष्ठ (रुको) |
| २. पीली बत्ती (Yellow Light) ➔ | प्रतीक्षस्व (प्रतीक्षा करो) |
| ३. हरी बत्ती (Green Light) ➔ | गच्छ (जाओ) |
| ४. स्कूल क्रॉसिंग बोर्ड ➔ | अग्रे विद्यालयः / पदयात्रिकाः! |
| ५. नो पार्किंग बोर्ड ➔ | यानं मा स्थापय |
| ६. बाएँ मुड़ने का संकेत ➔ | वामतः गच्छ |
| ७. दाएँ मुड़ने का संकेत ➔ | दक्षिणतः गच्छ |
| ८. उदाहरणानुसारं क्रियापदस्य लोट्-लकाररूपैः वाक्यानि पूरयन्तु (यथा – छात्राः प्रातः शीघ्रम् उत्तिष्ठन्तु। (उत् + तिष्ठ्)): | |
|---|---|
| (क) अम्ब! अहं क्रीडार्थं ............। (गच्छ्) | गच्छानि |
| (ख) आगच्छन्तु, वयं प्रार्थनागीतं ............। (गाय्) | गायाम |
| (ग) ज्वरः अस्ति। पुत्र! वृष्टौ न ............। (क्रीड्) | क्रीड |
| (घ) लते! भवती मम उपनेत्रम् ............। (आ + नी/नय्) | आनयतु |
| (ङ) आर्ये! अहम् अन्तः ............? (प्रविश) | प्रविशानि |
| (च) अहं पृच्छामि त्वम् उत्तरं ............। (वद्) | वद |
| (छ) यूयं शीघ्रं नगरम् ............। (आ + गच्छ्) | आगच्छत |
| (ज) तात! वयं कदा चलचित्रं ............? (पश्य्) | पश्याम |
| ९. चिह्नानि ( ? ! । , ) भावानुसारं वाक्ये योजयन्तु (यथा– राकेश! कुत्र असि? अत्र आगच्छ।): | |
|---|---|
| (क) पुत्र ............ किं करोषि ............ | पुत्र , किं करोषि ? |
| (ख) कः श्लोकं वदति ............ | कः श्लोकं वदति ? |
| (ग) भवान् तत्र तिष्ठतु ............ | भवान् तत्र तिष्ठतु । |
| (घ) आचार्यः कदा आगच्छति ............ | आचार्यः कदा आगच्छति ? |
| (ङ) अहो ............ रमणीयः पर्वतः ............ | अहो ! रमणीयः पर्वतः ! |
५. योग्यताविस्तरः एवं परियोजनाकार्यम्
| लोट्-लकारस्य प्रयोग-गीतम् |
|---|
| कुरु उपकारं, कुरु उद्धारम् मा कुरु दर्पं, मा कुरु गर्वम्। मा भव मानी, मानय सर्वम् मा भज दैन्यं, मा भज शोकम्। मुदितमना भव, मोदय लोकम्॥ तनयं पाठय, तनयां पाठय शिक्षय सुगुणं, दुर्गुणं वारय। कुरु उपकारं, कुरु उद्धारम् अपनय भारं, त्यज अपकारम्॥ मा वद मिथ्या, मा वद व्यर्थं न चल कुमार्गे, न कुरु अनर्थम्। पाहि अनाथं, पालय दीनं लालय जननी-जनक-विहीनम्॥ मा पिब मादकवस्तु अपेयम् मा भज दुर्व्यसनं परिहेयम्। मा नय क्षणमपि व्यर्थं समयं कुरु सकलं निजकार्यं सभयम्॥ – वासुदेवद्विवेदी शास्त्री |
| लोट्-लकारस्य प्रत्ययाः (आज्ञा/प्रार्थना) | |||
|---|---|---|---|
| अत्र स्थूलाक्षरैः लिखितानि पदानि लोट् लकारे आज्ञा/प्रार्थना इति अर्थयोः सन्ति। लोट् लकारः क्रियायाः भावसूचकः (Mood) भवति। | |||
| पुरुषः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| प्रथमपुरुषः | अतु | अताम् | अन्तु |
| मध्यमपुरुषः | अ | अतम् | अत |
| उत्तमपुरुषः | आनि | आव | आम |
परियोजनाकार्यम्:
१. पुस्तकात् लोट्-लकारस्य क्रियापदानि चित्वा लिखन्तु। (किताब से लोट् लकार के क्रियापदों को छाँटकर लिखें।)
२. गृहे माता भवन्तं/भवतीं “किं-किम् आदिशति” इति लोट्-लकारे पञ्च वाक्यानि लिखन्तु। (घर में माता आपको क्या-क्या आज्ञा देती हैं, इसे लोट् लकार में पाँच वाक्यों में लिखें।)
१. पुस्तकात् लोट्-लकारस्य क्रियापदानि चित्वा लिखन्तु। (किताब से लोट् लकार के क्रियापदों को छाँटकर लिखें।)
२. गृहे माता भवन्तं/भवतीं “किं-किम् आदिशति” इति लोट्-लकारे पञ्च वाक्यानि लिखन्तु। (घर में माता आपको क्या-क्या आज्ञा देती हैं, इसे लोट् लकार में पाँच वाक्यों में लिखें।)

