अजन्त पुँल्लिंग: राम, हरि, गुरु एवं पितृ
संस्कृत व्याकरण के चार सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शब्दरूपों की सम्पूर्ण तालिका। काले रंग में अंकित रूप प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।
१. राम (अकारान्त पुँल्लिंग) शब्दरूप
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | रामः | रामौ | रामाः |
| द्वितीया | रामम् | रामौ | रामान् |
| तृतीया | रामेण | रामाभ्याम् | रामैः |
| चतुर्थी | रामाय | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| पञ्चमी | रामात् | रामाभ्याम् | रामेभ्यः |
| षष्ठी | रामस्य | रामयोः | रामाणाम् |
| सप्तमी | रामे | रामयोः | रामेषु |
| सम्बोधन | हे राम! | हे रामौ! | हे रामाः! |
💡 विशेष (राम): 'रामेण' और 'रामाणाम्' में 'न्' को 'ण्' हुआ है (अट्कुप्वाङ्... सूत्र से)। इसी प्रकार बालक, छात्र, देव, सूर्य आदि सभी अकारान्त पुँल्लिंग शब्द चलेंगे।
२. हरि (इकारान्त पुँल्लिंग) शब्दरूप
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | हरिः | हरी | हरयः |
| द्वितीया | हरिम् | हरी | हरीन् |
| तृतीया | हरिणा | हरिभ्याम् | हरिभिः |
| चतुर्थी | हरये | हरिभ्याम् | हरिभ्यः |
| पञ्चमी | हरेः | हरिभ्याम् | हरिभ्यः |
| षष्ठी | हरेः | हर्योः | हरीणाम् |
| सप्तमी | हरौ | हर्योः | हरिषु |
| सम्बोधन | हे हरे! | हे हरी! | हे हरयः! |
💡 विशेष (हरि - घि संज्ञा): द्वितीया बहुवचन (हरीन्) और षष्ठी बहुवचन (हरीणाम्) में 'इ' की मात्रा दीर्घ (ी) हो जाती है। 'हरौ' (सप्तमी १) और 'हरे' (सम्बोधन १) परीक्षा में बहुत पूछे जाते हैं।
३. गुरु (उकारान्त पुँल्लिंग) शब्दरूप
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | गुरुः | गुरू | गुरवः |
| द्वितीया | गुरुम् | गुरू | गुरून् |
| तृतीया | गुरुणा | गुरुभ्याम् | गुरुभिः |
| चतुर्थी | गुरवे | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| पञ्चमी | गुरोः | गुरुभ्याम् | गुरुभ्यः |
| षष्ठी | गुरोः | गुर्वोः | गुरूणाम् |
| सप्तमी | गुरौ | गुर्वोः | गुरुषु |
| सम्बोधन | हे गुरो! | हे गुरू! | हे गुरवः! |
💡 विशेष (गुरु - घि संज्ञा): हरि की तरह ही इसमें भी द्वितीया बहुवचन (गुरून्) और षष्ठी बहुवचन (गुरूणाम्) में 'उ' की मात्रा दीर्घ (ू) हो जाती है।
४. पितृ (ऋकारान्त पुँल्लिंग) शब्दरूप
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | पिता | पितरौ | पितरः |
| द्वितीया | पितरम् | पितरौ | पितॄन् |
| तृतीया | पित्रा | पितृभ्याम् | पितृभिः |
| चतुर्थी | पित्रे | पितृभ्याम् | पितृभ्यः |
| पञ्चमी | पितुः | पितृभ्याम् | पितृभ्यः |
| षष्ठी | पितुः | पित्रोः | पितॄणाम् |
| सप्तमी | पितरि | पित्रोः | पितृषु |
| सम्बोधन | हे पितः! | हे पितरौ! | हे पितरः! |
💡 विशेष (पितृ): द्वितीया बहुवचन (पितॄन्) और षष्ठी बहुवचन (पितॄणाम्) में दीर्घ 'ॄ' (डबल घुण्डी वाला ऋ) लगता है। 'पित्रा' और 'पित्रे' में यण् सन्धि (ऋ को र्) हुई है।
