नञ्-तत्पुरुष समास (Nañ-Tatpurusha Samas) – परिभाषा, सूत्र, नियम एवं उदाहरण
संस्कृत व्याकरण में जब 'नञ्' (न) अव्यय का किसी सुबन्त (संज्ञा या विशेषण) पद के साथ समास होता है, तो उसे नञ्-तत्पुरुष समास कहते हैं। यह निषेध (Negative) या अभाव (Absence) का बोध कराता है।
१. नञ् समास के निर्माण के दो प्रमुख नियम (V.V.Imp)
समास करते समय पूर्वपद 'न' में क्या परिवर्तन होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उत्तरपद (बाद वाला शब्द) स्वर (Vowel) से शुरू हो रहा है या व्यंजन (Consonant) से। इसके लिए पाणिनि जी ने दो महत्त्वपूर्ण सूत्र दिए हैं:
सूत्र: नलोपो नञः (६.३.७३)
अर्थ: यदि उत्तरपद का पहला वर्ण कोई व्यंजन (Consonant) हो, तो 'नञ्' के नकार (न्) का लोप हो जाता है और केवल 'अ' शेष रहता है।
जैसे: न + ब्राह्मणः = अब्राह्मणः (यहाँ 'ब' व्यंजन है)।
सूत्र: तस्मान्नुडचि (६.३.७४)
अर्थ: यदि उत्तरपद का पहला वर्ण कोई स्वर (Vowel - अच्) हो, तो 'नलोपो नञः' से बचे हुए 'अ' के बाद 'नुट्' (न्) का आगम हो जाता है। अर्थात् 'न' के स्थान पर 'अन्' हो जाता है।
जैसे: न + अश्वः = अन् + अश्वः = अन्श्वः (यहाँ 'अ' स्वर है)।
२. नञ् के छः (6) अर्थ (PGT/NET Special)
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि 'नञ्' का प्रयोग किन अर्थों में होता है। व्याकरण शास्त्र में 'नञ्' के छः अर्थ माने गए हैं, जिन्हें इस प्रसिद्ध श्लोक द्वारा समझा जा सकता है:
तत्सादृश्यमभावश्च तदन्यत्वं तदल्पता।
अप्राशस्त्यं विरोधश्च नञर्थाः षट् प्रकीर्तिताः॥
- १. तत्सादृश्य (उसके समान): जैसे- अब्राह्मणः (ब्राह्मण के समान अन्य वर्ण, पर ब्राह्मण नहीं)।
- २. अभाव (कमी/न होना): जैसे- अज्ञानम् (ज्ञान का अभाव)।
- ३. तदन्यत्व (उससे भिन्न/अलग): जैसे- अश्वः (न श्वः इति अश्वः - जो कल नहीं है)।
- ४. अल्पता (थोड़ापन): जैसे- अनुदरा कन्या (पतले/छोटे उदर वाली कन्या)।
- ५. अप्राशस्त्य (बुरा/निन्दनीय): जैसे- अकालः (बुरा समय)।
- ६. विरोध (उल्टा): जैसे- अधर्मः (धर्म का विरोधी), असुरः (सुर का विरोधी)।
३. नञ्-तत्पुरुष समास की विस्तृत उदाहरणावली
नीचे दी गई तालिकाओं में व्यंजन और स्वर से शुरू होने वाले शब्दों के आधार पर नञ्-तत्पुरुष के महत्वपूर्ण उदाहरण दिए गए हैं:
(क) व्यञ्जन से प्रारम्भ होने वाले शब्द ('न' का 'अ' होना)
| क्र० | समास विग्रह (न + पद) | समस्त पद | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|---|
| १ | न सत्यम् | असत्यम् | जो सत्य न हो (झूठ) |
| २ | न धर्मः | अधर्मः | धर्म का अभाव / पाप |
| ३ | न ब्राह्मणः | अब्राह्मणः | जो ब्राह्मण न हो |
| ४ | न सिद्धः | असिद्धः | जो सिद्ध (पूर्ण) न हो |
| ५ | न ज्ञानम् | अज्ञानम् | ज्ञान का अभाव |
| ६ | न कालः | अकालः | बुरा समय / असमय |
| ७ | न चलम् | अचलम् | जो चले नहीं (पर्वत/स्थिर) |
| ८ | न दृश्यम् | अदृश्यम् | जो दिखाई न दे |
(ख) स्वर (Vowel) से प्रारम्भ होने वाले शब्द ('न' का 'अन्' होना)
| क्र० | समास विग्रह (न + पद) | समस्त पद | हिन्दी अर्थ |
|---|---|---|---|
| १ | न अश्वः | अनश्वः | जो घोड़ा न हो (खच्चर आदि) |
| २ | न आगतः | अनागतः | जो आया न हो |
| ३ | न इच्छा | अनिच्छा | इच्छा का अभाव |
| ४ | न उपस्थितः | अनुपस्थितः | जो उपस्थित न हो |
| ५ | न आर्यः | अनार्यः | जो आर्य (श्रेष्ठ) न हो |
| ६ | न ईश्वरः | अनीश्वरः | ईश्वर का अभाव / जो ईश्वर न हो |
| ७ | न आवश्यकम् | अनावश्यकम् | जिसकी आवश्यकता न हो |
| ८ | न उक्तम् | अनुक्तम् | जो कहा न गया हो |
