NCERT Class 9 Sanskrit Shemushi Part 1 Chapter 10 "जटायोः शौर्यम्" के सम्पूर्ण प्रश्न–उत्तर, अभ्यास समाधान और व्याकरण-आधारित गतिविधियों का यह विस्तृत पृष्ठ आपको परीक्षा की संपूर्ण तैयारी प्रदान करता है। यहाँ एकपदेन उत्तर, पूर्ण-वाक्य वाले उत्तर, णिनि-प्रत्यय अभ्यास, विशेषण-चयन, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, समास निर्माण तथा संस्कृत वाक्य-रचना को क्रमबद्ध तालिकाओं सहित आसान रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह अध्याय रामायण के प्रसिद्ध प्रसंग पर आधारित है जिसमें जटायुः द्वारा रावण से सीता की रक्षा हेतु दिखाए गए अद्वितीय शौर्य का वर्णन मिलता है। यह कंटेंट Class 9 Sanskrit students, Sanskrit teachers, competitive exam aspirants तथा CBSE बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस पेज पर आपको अभ्यासः के सभी प्रश्नों के सही, संक्षिप्त और शुद्ध समाधान मिलते हैं, जिन्हें बिना किसी शब्द परिवर्तन के व्यवस्थित तरीके से लिखा गया है। साथ ही यहाँ Chapter summary, grammar notes तथा exam-oriented Sanskrit solutions भी उपलब्ध हैं। यदि आप NCERT Sanskrit Class 9 के सभी अध्यायों के high-quality notes, exercise solutions, translation और word-meanings खोज रहे हैं, तो यह पेज आपके लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।
NCERT Class 9 Sanskrit Chapter 10 — जटायोः शौर्यम् Questions Answers | Shemushi Part 1 Full Exercise Solutions
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📘 NCERT Class 9 Sanskrit – Chapter 10: जटायोः शौर्यम् (अभ्यासः)
Shemushi Part–1 | Full Exercise | Well-Formatted Tables
✅ प्रश्न 1 — एकपदेन उत्तरं लिखत
(एक शब्द में उत्तर दें)
| क्र. |
प्रश्न |
उत्तरम् |
| (क) |
आयतलोचना का अस्ति? |
सीता |
| (ख) |
सा कं ददर्श? |
जटायुम् / गृध्रम् |
| (ग) |
खगोत्तमः कीदृशीं गिरं व्याजहार? |
शुभाम् |
| (घ) |
जटायुः काभ्यां रावणस्य गात्रे व्रणं चकार? |
तीक्ष्णनखाभ्याम् |
| (ङ) |
अरिन्दमः खगाधिपः कति बाहून् व्यपाहरत्? |
दश |
✅ प्रश्न 2 — पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखत
| क्र. |
प्रश्न |
उत्तरम् (पूर्ण वाक्य) |
| (क) |
“जटायो! पश्य” इति का वदति? |
“जटायो! पश्य” इति वैदेही (सीता) वदति। |
| (ख) |
जटायुः रावणं किं कथयति? |
जटायुः रावणं कथयति यत् परस्त्रीस्पर्शात् नीचां मतिं निवर्तय धीरः तत् न समाचरेत् यत् अस्य परः विर्गहयेत्। |
| (ग) |
क्रोधवशात् रावणः किं कर्तुम् उद्यतः अभवत्? |
क्रोधवशात् रावणः वैदेहीं वामेन अङ्केन संपरिष्वज्य जटायुं तलेन आशु अभिजघान। |
| (घ) |
पतगेश्वरः रावणस्य कीदृशं चापं सशरं बभञ्ज? |
पतगेश्वरः रावणस्य मुक्तामणिविभूषितम् चापं सशरं बभञ्ज। |
| (ङ) |
जटायुः केन वामबाहु दंशति? |
जटायुः तुण्डेन वामबाहु दंशति। |
✅ प्रश्न 3 (अ) — णिनि-प्रत्यय प्रयोग
| शब्द + णिनि |
परिणत रूपम् (पुं. प्र. ए.) |
| गुण + णिनि |
गुणिन् |
| दान + णिनि |
दानिन् |
| कवच + णिनि |
कवचिन् |
| शर + णिनि |
शरिन् |
| कुशल + णिनि |
कुशलिन् |
| धन + णिनि |
धनिन् |
| दण्ड + णिनि |
दण्डिन् |
✅ प्रश्न 3 (आ) — रावणस्य एवं जटायोः विशेषणानि
| रावणस्य विशेषणानि |
जटायोः विशेषणानि |
| युवा |
वृद्धः |
| सशरः |
महाबलः |
| हताश्वः |
पतगसत्तमः |
| भग्नधन्वा |
महागृध्रः |
| क्रोधमूच्छितः |
खगाधिपः |
| सरथः |
पतगेश्वरः |
| कवची |
— |
| शरी |
— |
✅ प्रश्न 4 — पर्यायवाची शब्द मिलान
| क-स्तम्भ (पदम्) |
ख-स्तम्भ (पर्यायः) |
| कवची |
कवचधारी |
| आशु |
शीघ्रम् |
| विरथः |
रथविहीनः |
| पपात |
अपतत् |
| भुवि |
पृथिव्याम् |
| पतगसत्तमः |
पक्षिश्रेष्ठः |
✅ प्रश्न 5 — विलोमपदानि लिखत
| पदम् |
विलोमपदम् |
| विलपन्ती |
हसन्ती |
| आर्य |
अनार्य |
| राक्षसेन्द्रेण |
देवेन्द्रेण |
| पापकर्मणा |
पुण्यकर्मणा |
| क्षिप्रम् |
मन्दम् |
| विगर्हयेत् |
प्रशंसेत् |
| वृद्धः |
युवा |
| वामेन |
दक्षिणेन |
| अतिक्रम्य |
अनतिक्रम्य |
✅ प्रश्न 6 (अ) — विशेषणपदानि प्रयोगेन वाक्यानि
| पदम् |
वाक्यप्रयोगः |
| शुभाम् |
वृक्षे स्थितः जटायुः रावणं शुभाम् गिरम् अकथयत्। |
| खगाधिपः |
खगाधिपः जटायुः विलपन्ती वैदेहीं अपश्यत्। |
| हतसारथिः |
हतसारथिः रावणः भूमौ अपतत्। |
| वामेन |
वामेन हस्तेन दानं न करणीयम्। |
| कवची |
रावणः कवची शरी च आसीत्। |
✅ प्रश्न 6 (आ) — समस्तपद निर्माण (समास)
| विग्रहवाक्यम् |
समस्तपदम् |
| त्रयाणां लोकानां समाहारः |
त्रिलोकी |
| पञ्चानां वटानां समाहारः |
पञ्चवटी |
| सप्तानां पदानां समाहारः |
सप्तपदी |
| अष्टानां भुजानां समाहारः |
अष्टभुजम् |
| चतुर्णां मुखानां समाहारः |
चतुर्मुखम् |
Class 9 Sanskrit (Shemushi Part 1)
कक्षा 9 संस्कृत शेमुषी भाग 1 (NCERT Solutions)
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