“अविवेकः परमापदां पदम् (Avivekah Paramapadaam Padam) NCERT Sanskrit Class 9 Chapter 1” के प्रश्न-उत्तर, शब्दार्थ, अनुवाद, अभ्यास प्रश्न, व्याकरणिक विश्लेषण और सम्पूर्ण समाधान यहाँ सरल भाषा में उपलब्ध हैं। यह पेज विद्यार्थियों, शिक्षकों और परीक्षार्थियों के लिए उपयोगी है जो अध्याय के सार, गतिविधियों, एकपदीय उत्तरों और अभ्यास कार्य का सुव्यवस्थित संग्रह चाहते हैं।
Avivekah Paramapadaam Padam Class 9 Sanskrit Chapter 1 – अविवेकः परमापदां पदम् Questions Answers, Summary & Solutions
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| Avivekah Paramapadaam Padam Class 9 Sanskrit Chapter 1 – अविवेकः परमापदां पदम् Questions Answers, Summary & Solutions |
📘 NCERT Class 9 Sanskrit – मणिका भाग–1
Chapter 1 : अविवेकः परमापदां पदम्
अभ्यास-प्रश्न-उत्तर
1. एकपदेन उत्तराणि लिखत्
| क्रम |
प्रश्न |
एकपदेन उत्तरम् |
| (क) |
उज्जयिन्यां किं नाम विप्रः अवसत्? |
माधवः |
| (ख) |
माधवः केन श्राद्धार्थं निमन्त्रितः? |
राज्ञा |
| (छ) |
अक्रियमाणस्य कर्तव्यस्य रसं कः पिबति? |
कालः |
| (घ) |
'किं करोमि' इति कः चिन्तयति? |
माधवः / ब्राह्मणः |
| (ङ) |
कृष्णसर्पः केन दृष्टः? |
नकुलेन |
| (च) |
नकुलं कः व्यापादितवान्? |
माधवः / ब्राह्मणः |
| (छ) |
सम्पदाः कं वृणते? |
विमृश्यकारिणम् |
2. पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखत
| क्रम |
प्रश्न |
उत्तरम् (पूर्णवाक्येन) |
| (क) |
ब्राह्मणः बालकस्य रक्षायै कम् उपायम् अचिन्तयत्? |
ब्राह्मणः अचिन्तयत् — अहं इमं पुत्रनिर्विशेषं नकुलं बालरक्षायां व्यवस्थाप्य गच्छामि। |
| (ख) |
ब्राह्मणेन अविचार्य किं कृतम्? |
ब्राह्मणेन अविचार्य नकुलः मारितः। |
| (ग) |
कालः कस्य रसं पिबति? |
कालः क्षिप्रमक्रीयमाणस्य कर्तव्यस्य रसं पिबति। |
| (घ) |
कीदृशः नकुलः ब्राह्मणस्य चरणयोः अलुठत्? |
रक्तविलिप्तमुखपादः नकुलः ब्राह्मणस्य चरणयोः अलुठत्। |
| (ङ) |
नकुलेन कः व्यापादितः? |
नकुलेन सर्पः व्यापादितः। |
| (च) |
परमापदां पदं किम्? |
परमापदां पदम् अविवेकः। |
| (छ) |
सम्पदः कीदृश्यः भवन्ति? |
सम्पदः गुणलुब्धाः भवन्ति। |
3. स्थूलपदानि आश्रित्य प्रश्ननिर्माणम्
| दिए गए वाक्य |
स्थूलपद |
निर्मित प्रश्न |
| माधवः उज्जयिन्याम् अवसत्। |
उज्जयिन्याम् |
कुत्र? |
| ब्राह्मणी शिशोः रक्षार्थ ब्राह्मणं नियोज्य स्नातुं गता। |
ब्राह्मणम् |
कं? |
| ब्राह्मणः दारिद्र्यात् अचिन्तयत्। |
दारिद्र्यात् |
कस्मात्? |
| यदि कार्यं क्षिप्रं न क्रियते तदा कालः तस्य रसं पिबति। |
तस्य |
कस्य? |
| ब्राह्मणः नकुलं बालरक्षायाम् व्यवस्थापयत्। |
नकुलम् |
कं? |
| नकुलः सीमांतम् आगच्छन्तं कृष्णसर्पम् अमरयत्। |
कृष्णसर्पम् |
कम्? |
| नकुलस्य मुखं पादश्च रक्तेन विलिप्तः। |
रक्तेन |
केन? |
4. निर्देशानुसार उत्तरे
| क्रम |
प्रश्न |
उत्तरम् |
| (क) |
‘अस्ति उज्जयिन्यां माधवः नाम विप्रः।’ अस्मिन् वाक्ये क्रियापदं किम्? |
अस्ति |
| (ख) |
‘किन्तु बालस्य अत्र रक्षकः नास्ति।’ अत्र कर्तृपदं किम्? |
रक्षकः |
| (ग) |
‘ब्राह्मणं दृष्ट्वा नकुलः… अलुठत्।’ विशेष्यपदं किम्? |
नकुलः |
| (घ) |
‘… श्राद्धं गृहीत्वा …’ — ‘दत्त्वा’ पदस्य विलोमपदम्? |
गृहीत्वा |
| (ङ) |
‘बालकः सुस्थः…’ अत्र विशेषणपदम्? |
सुस्थः |
| (च) |
‘यदि सत्वरं न गच्छामि’ — ‘शीघ्रम्’ इति पदस्य पर्यायः? |
सत्वरम् |
5. घटनाक्रमानुसार वाक्य-क्रमणिका
| क्रम |
घटना |
| (1) उज्जयिन्यां माधवो नाम विप्रः वसति। |
|
| (2) ब्राह्मणः श्राद्धार्थ राज्ञा निमन्त्रितः भवति। |
|
| (3) ब्राह्मणः नकुलं बालरक्षार्थ व्यवस्थाप्य गच्छति। |
|
| (4) ब्राह्मणः श्राद्धार्थ राज्ञः प्रासादं गच्छति। |
|
| (5) नकुलः बालकस्य समीपम् आगच्छन्तं सर्पं मारयति। |
|
| (6) ब्राह्मणः श्राद्धं गृहीत्वा प्रत्यागच्छति। |
|
| (7) नकुलस्य मुखं रक्तविलिप्तं भवति। |
|
| (8) ब्राह्मणः तं दृष्ट्वा चिन्तयति — ‘नूनं खादितः मे पुत्रः’। |
|
| (9) ब्राह्मणः सुस्थं पुत्रं दृष्ट्वा विषादम् अनुभवति। |
|
| (10) सहसा क्रियां न विदधीत — इति उपदेशः। |
|
6. उचित भावार्थ चिह्नन (✔)
| कथन |
विकल्प |
सही उत्तर |
| सहसा विदधीत न क्रियाम् |
(i) कार्यं सर्वदा विचार्य कर्तव्यम्। |
✔ |
| क्षिप्रमक्रीयमाणस्य कालः रसं पिबति |
(i) कालः कार्यस्य आनन्दं नाशयति। |
✔ |
7. समुचित प्रतीप-मेलनम्
| (क) |
(ख) |
सही मेल |
| आदानम् |
प्रदानम् |
✔ |
| समीपम् |
दूरम् |
✔ |
| दारिद्र्यम् |
सम्पन्नता |
✔ |
| विवेकः |
अविवेकः |
✔ |
| उपसृत्य |
अपसृत्य |
✔ |
8. विशेषण–विशेष्य–मेलन (तालिका में सुव्यवस्थित रूप)
| विशेष्य |
उपयुक्त विशेषण |
| नकुलः |
चिरकालपालितः, पुत्रनिर्विशेषः, रक्तविलिप्तमुखपादः, उपकारकः |
| बालकः |
सुस्थः |
| सर्पः |
कृष्णः, व्यापादितः, मृतः |
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