NCERT Class 9 Sanskrit Manika Chapter 7 – Tarave Namoastu (तरवे नमोऽस्तु) के सभी अभ्यास प्रश्नों के उत्तर: एकपदेन उत्तर, पूर्णवाक्य, अन्वय, पर्यायवाची, विपरीतार्थक, प्रश्न निर्माण, तथा व्याकरण अभ्यास। परीक्षा-उपयुक्त व्यवस्थित Sanskrit Notes और पूरा Solution।
Tarave Namoastu Class 9 Sanskrit Question Answers | तरवे नमोऽस्तु अभ्यास प्रश्न उत्तर (NCERT Manika Chapter 7)
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| Tarave Namoastu Class 9 Sanskrit Question Answers | तरवे नमोऽस्तु अभ्यास प्रश्न उत्तर (NCERT Manika Chapter 7) |
📘 Chapter 7 — तरवे नमोऽस्तु
अभ्यास प्रश्न-उत्तर|NCERT Class 9 | Sanskrit – Manika
✦ 1. संस्कृतभाषया एकपदेन उत्तरं लिखत
| क्रमांक |
प्रश्न |
उत्तर |
| (क) |
सत्पुरुषाः इव के सन्ति ? |
वृक्षाः |
| (ख) |
अर्थिनः केभ्यः निराशाः न यान्ति ? |
वृक्षेभ्यः |
| (ग) |
वृक्षः कस्य सुखस्य हेतोः सर्वमर्पयति ? |
अन्यस्य |
| (घ) |
आम्रः जनानाम् अतितापं कया दलयति ? |
छायया |
| (ङ) |
कस्य तरोः कटुता दाहहन्त्री ? |
निम्बवृक्षस्य |
| (च) |
चन्दनस्य शाखाः कैः आश्रिताः ? |
विहङ्गैः |
| (छ) |
कस्य मूलं भुजङ्गः आश्रितम् ? |
चन्दनपादपस्य |
✦ 2. संस्कृतभाषया पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत
| प्रश्न |
उत्तर |
| (क) वृक्षाः परेभ्यः किं कुर्वन्ति ? |
वृक्षाः परेभ्यः छायां कुर्वन्ति। |
| (ख) महीरुहाः किमर्थं धन्याः ? |
महीरुहेभ्यः अर्थिनः निराशाः न यान्ति, अतः ते धन्याः। |
| (ग) तरवः कैः साधनैः अपरेषां कामान् वितन्वते ? |
पत्र–पुष्प–फल–छाया–मूल–वल्कल–दारुभिः गन्ध–निर्यास–भस्म–अस्थि–तोक्मैः। |
| (घ) चन्दनपादपस्य विविधानि अङ्गानि कैः आश्रितानि ? |
मूलं भुजङ्गैः, शिखरं प्लवङ्गैः, कुसुमानि भृङ्गैः आश्रितानि। |
| (ङ) मूढमनुजाः किं गायन्ति ? |
मूढमनुजाः निम्बवृक्षस्य दोषगाथाः गायन्ति। |
| (च) वृक्षः अन्यसुखस्य हेतोः किं धत्ते ? |
वृक्षः अन्यसुखस्य हेतोः कुसुम–पत्र–फलावलिनां भरं धत्ते। |
✦ 3. स्थूलपदानि आधारित्वा प्रश्ननिर्माणम्
| वाक्य |
निर्मित प्रश्न |
| (क) वृक्षाणां फलानि अपि परार्थाय भवन्ति। |
वृक्षाणां फलानि अपि कस्मै भवन्ति? |
| (ख) तरवः स्वविभूतिभिः सर्वेषां कामान् पूरयन्ति। |
तरवः स्वविभूतिभिः केषां कामान् पूरयन्ति? |
| (ग) चन्दनपादपः समन्तात् सत्त्वैः आश्रितः वर्तते। |
चन्दनपादपः समन्तात् कैः आश्रितः वर्तते? |
| (घ) वृक्षाः स्वयम् आतपे तिष्ठन्ति। |
वृक्षाः स्वयम् कुत्र तिष्ठन्ति? |
| (ङ) चन्दनस्य मूलं भुजङ्गैः आश्रितम्। |
चन्दनस्य मूलं कैः आश्रितम्? |
| (च) तरवे नमोऽस्तु। |
कस्मै नमोऽस्तु? |
| (छ) महारुहेभ्यः अर्थिनः निराशाः न यान्ति। |
महारुहेभ्यः के निराशाः न यान्ति? |
✦ 4. यथानिर्देशम् उत्तरम्
| प्रश्न |
उत्तर |
| (क) कर्तृपदं किम्? |
अर्थिनः |
| (ख) ‘मूढमनुजाः’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम्? |
गायन्तु |
| (ग) ‘मधुरता’ इति पदस्य विलोमपदं? |
कटुता |
| (घ) ‘वरम्’ इति पदस्य विशेष्यपदं? |
जन्म |
| (ङ) ‘याचकाः’ पदस्य पर्यायपदं? |
अर्थिनः |
✦ 5. समुचित-विपर्यय-योजना
| पद |
विपर्यय (विलोम) |
| (क) कटुता |
मधुरता |
| (ख) दोषगाथाः |
गुणगाथाः |
| (ग) जन्म |
मरणम् |
| (घ) आतपः |
छाया |
| (ङ) निराशा |
आशा |
✦ 6. कोष्ठकात् शुद्धार्थचयनम्
| पद |
अर्थ |
| (क) धर्मः |
आतपः |
| (ख) दारुभिः |
काष्टैः |
| (ग) महीरुहाः |
वृक्षाः |
| (घ) समन्तात् |
सर्वतः |
| (ङ) प्लवङ्गः |
वानरैः |
✦ 7. शीर्षक-चयनम्
श्लोक —
मूलं भुजङ्गः… सत्त्वभरैः समन्तात् ।
✔ उचित शीर्षक — (i) आश्रयदाता चन्दनपादपः
(आ) समुचितमेलनम् – ‘कैः किम् आश्रितम्’
| प्राणी |
आश्रय |
| भुजङ्गः |
मूलम् |
| प्लवङ्गः |
शिखरम् |
| विहङ्गः |
शाखाः |
| भृङ्गः |
कुसुमानि |
✦ 8. कथनानुसार वृक्षनाम लिखत
| कथन |
वृक्षनाम |
| मधुरफलैः सर्वान् तर्पयामि |
खजूरवृक्षः |
| कटुता दाहहन्त्री |
निम्बवृक्षः |
| वसन्ते पुष्पफलप्रचुरता |
आम्रवृक्षः |
| मूले भुजङ्गाः सन्ति |
चन्दनवृक्षः |
✦ 9. अन्वय-निर्माणम्
(क) वाक्यान्वयः
| मूल पंक्ति |
अन्वय |
| (क) गायन्तु मूढमनुजास्तव दोषगाथाः। |
मूढमनुजाः तव दोषगाथाः गायन्तु। |
| (ख) यः सर्वमर्पयति चान्यसुखस्य हेतोः। |
यः अन्यसुखस्य हेतोः सर्वम् अर्पयति। |
| (ग) नास्त्येव तच्चन्दनपादपस्य… |
चन्दनपादपस्य तत् न एव अस्ति यत् समन्तात् सत्त्वभरैः न आश्रितम्। |
(आ) अव्ययपूरणम्
आम्र! यद्यपि ते दिवसा गताः… हन्त! तथापि… छायया एव जनानाम् अतितापं दलयसि।
(इ) क्रियापदानि पूर्तिः
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