Class 9 Sanskrit Manika Chapter 6 Tat Tvam Asi question answers in Hindi. Complete अभ्यास प्रश्न उत्तर, शब्दार्थ, व्याकरण, विपरीतार्थक, क्रमबद्ध समाधान सहित विस्तृत notes.
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Tat Tvam Asi Class 9 Sanskrit Chapter 6 Question Answers | तत् त्वम् असि अध्याय 6 – अभ्यास प्रश्न उत्तर (NCERT Manika Solutions)
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| Tat Tvam Asi Class 9 Sanskrit Chapter 6 Question Answers | तत् त्वम् असि अध्याय 6 – अभ्यास प्रश्न उत्तर (NCERT Manika Solutions) |
📘 Chapter 6 – तत् त्वम् असि
अभ्यास प्रश्न–उत्तर
1. एकपदेन उत्तरत (संस्कृतभाषया)—
| क्रम |
प्रश्न |
उत्तर |
| (क) |
श्वेतकेतुः कस्य पुत्रः आसीत् ? |
आरुणेः |
| (ख) |
श्वेतकेतुः कम् उपेत्य वेदान् अपठत् ? |
आचार्यम् |
| (ग) |
पिता केन तत्त्वज्ञानं प्रतिपादयति ? |
दृष्टान्तेन |
| (घ) |
आरुणिः श्वेतकेतुं किम् आनेतुम् आदिशत् ? |
न्यग्रोधफलम् |
| (ङ) |
श्वेतकेतुः न्यग्रोधफले किम् अपश्यत् ? |
बीजानि |
| (च) |
स्थूलं जगत् कस्माद् उद्भवति ? |
अणिम्नः |
| (छ) |
पिता न्यग्रोधफलस्य दृष्टान्तेन किं प्रतिपादयति ? |
तत्त्वज्ञानम् |
2. पूर्णवाक्येन उत्तरत (संस्कृतभाषया)—
| क्रम |
प्रश्न |
उत्तर |
| (क) |
श्वेतकेतुः विद्या प्राप्यं किम् अमन्यत ? |
श्वेतकेतुः विद्या प्राप्यं अमन्यत यत् — “अहं सर्वश्रेष्ठः।” |
| (ख) |
आरुणिः श्वेतकेतुं कं प्रश्नम् अपृच्छत् ? |
आरुणिः श्वेतकेतुं प्रश्नम् अपृच्छत् — “जानासि किं तत् येन श्रुतेन अन्यत् अश्रुतम् अपि श्रुतं भवति, अमतं मतम्, अविज्ञातं च विज्ञातं भवति?” |
| (ग) |
सर्वेषु देहेषु कः अस्ति यः अजरः अमरश्च ? |
सर्वेषु देहेषु ‘आत्मा’ अस्ति यः अजरः अमरश्च। |
| (घ) |
वस्तुतः वटबीजे कः तिष्ठति ? |
वटबीजे महान् स्थूलः शाखादिमान् न्यग्रोधः तिष्ठति। |
| (ङ) |
जगति किं सत् अस्ति ? |
जगति ‘आत्मा’ एव सत् अस्ति। |
3. स्थूलाक्षरपदानि आधारीकृत्य प्रश्ननिर्माणम् —
| वाक्य |
अपेक्षित प्रश्न-पद |
प्रश्न |
| आरुणिः श्वेतकेतोः पिता आसीत्। |
कस्य |
कस्य श्वेतकेतोः पिता आसीत्? |
| श्वेतकेतुः आचार्यम् उपेत्य वेदान् अपठत्। |
कम् |
कम् उपेत्य श्वेतकेतुः वेदान् अपठत्? |
| द्वादशवर्षीयं तं पुत्रम् आरुणिः उवाच। |
कः |
कः तं द्वादशवर्षीयं पुत्रम् उवाच? |
| श्वेतकेतुः वेदान् अधीत्य आगच्छत्। |
कान् |
कान् अधीत्य श्वेतकेतुः आगच्छत्? |
| विद्यां प्राप्य स आत्मानं सर्वश्रेष्ठम् अमन्यत। |
कम् |
कम् आत्मानं सः अमन्यत? |
| उद्धतस्वभावः स पितुः सकाशम् आगच्छत्। |
कस्य |
कस्य सकाशम् सः आगच्छत्? |
| पिता दृष्टान्तेन तत्त्वज्ञानं प्रतिपादयति। |
किम् |
किम् पिता दृष्टान्तेन प्रतिपादयति? |
| श्वेतकेतुः न्यग्रोधस्य फलम् आहरति। |
कस्य |
कस्य फलम् श्वेतकेतुः आहरति? |
| श्वेतकेतुः फले बीजानि पश्यति। |
कस्मिन् |
कस्मिन् फले श्वेतकेतुः बीजानि पश्यति? |
4. यथानिर्देशम् उत्तरत —
| क्रम |
प्रश्न |
उत्तर |
| (क) |
'असि' इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम्? |
त्वम् |
| (ख) |
'अणिम्नः स्थूलं जगद् उद्भवति' — वाक्ये विशेषणपदं किम्? |
स्थूलम् |
| (ग) |
'गुरुं प्रति गच्छ अध्ययनार्थम्' — क्रियापदं किम्? |
गच्छ |
| (घ) |
'समीपम्' इति पदस्य पर्यायपदं किम्? |
सकाशम् |
| (ङ) |
'सूक्ष्मः' इति पदस्य विलोमपदम्? |
स्थूलः |
5. कथाक्रमानुसारं वाक्य-क्रमणम् —
सही क्रम —
- (ख) श्वेतकेतुः गुरोः सकाशाद् वेदान् अपठत्।
- (घ) वेदान् अधीत्य श्वेतकेतुः अमन्यत — “अहं श्रेष्ठः अस्मि।”
- (क) आरुणिः श्वेतकेतुः वटफलम् आनेतुम् अकथयत्।
- (ग) आरुणिः पुत्रं वटबीजस्य अन्तः दृष्टम् अकथयत्।
- (ङ) आरुणिः श्वेतकेतुम् आत्मनः विषये उपादिशत्।
- (छ) आत्मज्ञानेन सर्वम् अविज्ञातं ज्ञातं भवति।
- (च) वस्तुतः जगति आत्मा एव सत्।
6. शब्दार्थ–मेलनम् —
| शब्द |
अर्थ |
| अधीत्य |
पठित्वा |
| आहर |
आनय |
| भिन्धि |
भेदनं कुरु |
| अणिनः |
सूक्ष्मात् |
| उपेत्य |
समीपं गत्वा |
7. विपरीतार्थक शब्द —
| शब्द |
विपरीतार्थक |
| अधीत्य |
अनधीत्य |
| श्रुतम् |
अश्रुतम् |
| मतम् |
अमतम् |
| विज्ञातम् |
अविज्ञातम् |
| दूरम् |
सकाशम् |
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