अन्नाद् भवन्ति भूतानि
✦ २. संवादः (माता-पुत्री) (सृष्टिक्रमः - संस्कृत व हिन्दी अनुवाद)
✦ ३. शब्दार्थ-सारणी (Word Meanings)
✦ ४. अभ्यासः - भाग १ (प्रश्नोत्तराणि १-४)
✦ ५. अभ्यासः - भाग २ (प्रश्नोत्तराणि ५-७)
✦ ६. योग्यताविस्तरः एवं परियोजनाकार्यम्
१. पाठ-परिचयः
भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिः च। भारतस्य विशिष्टं प्राचीनं ज्ञानं संस्कृताश्रितं वर्तते । संस्कृतिः अपि संस्कृताश्रिता भवति ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: भारत की दो प्रतिष्ठाएँ (गौरव) हैं - संस्कृत और संस्कृति। भारत का विशिष्ट और प्राचीन ज्ञान संस्कृत पर ही आधारित है। संस्कृति भी संस्कृत पर ही आधारित होती है।
अस्माकं प्राचीनाः ऋषिमुनयः, विद्वांसः, गणितज्ञाः, खगोलविज्ञानिनः, भूगर्भशास्त्रज्ञाः, शिल्पकलाप्रवराः, सङ्गीत-नाट्य-कलाविशारदाः, तन्त्रज्ञाननिपुणाः, आयुर्वेदादिवैद्यशास्त्रधुरन्धराः, जल-वायु-प्रकृति-वातावरणज्ञाः, वास्तु-स्थापत्यकलाप्रवराः, जीवशास्त्रस्य, रसायनशास्त्रस्य, लोहशास्त्रस्य च विज्ञातारः, राजनीतिज्ञाः, अर्थशास्त्रज्ञाः, मनोविज्ञानिनः, तर्कनिष्णातारः, पाकशास्त्रविशिष्टाः, सौन्दर्यशास्त्रज्ञाः, नीतिशास्त्रनिपुणाः, विधिविधानपारङ्गताः, धर्मशास्त्रप्रवीणाः, सृष्टिविज्ञानज्ञाः आचार्याः भारतवर्षस्य यशः चतसृषु दिक्षु विस्तारितवन्तः ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: हमारे प्राचीन ऋषि-मुनि, विद्वान, गणितज्ञ, खगोल-विज्ञानी, भूगर्भशास्त्री, शिल्पकला में श्रेष्ठ, संगीत और नाट्यकला के विशारद, तन्त्रज्ञान में निपुण, आयुर्वेद आदि चिकित्सा शास्त्र के धुरंधर, जल-वायु-प्रकृति-वातावरण के ज्ञाता, वास्तु और स्थापत्य कला में श्रेष्ठ, जीवशास्त्र-रसायनशास्त्र-लोहशास्त्र को जानने वाले, राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री, मनोवैज्ञानिक, तर्कशास्त्र में निष्णात, पाकशास्त्र (खाना बनाने की कला) के विशेषज्ञ, सौन्दर्यशास्त्री, नीतिशास्त्र में निपुण, विधि-विधान (कानून) में पारंगत, धर्मशास्त्र में प्रवीण और सृष्टिविज्ञान को जानने वाले आचार्यों ने भारतवर्ष का यश चारों दिशाओं में फैलाया है।
अधुना अपि संस्कृतग्रन्थान् आश्रित्य अनेके जनाः वैज्ञानिकाः शोधं कुर्वन्तः सन्ति । भारतीय-दर्शन-शास्त्रेषु सृष्टेः उत्पत्तिविषये नैके विचाराः प्रतिपादिताः सन्ति । एतादृशाः प्रमुखाः विचाराः वैदिकवाङ्मये लौकिकवाङ्मये च वर्तन्ते । तेषु सृष्टिक्रमस्य विषये वयं पठामः।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: आज भी संस्कृत ग्रन्थों का आश्रय लेकर अनेक लोग और वैज्ञानिक शोध (रिसर्च) कर रहे हैं। भारतीय दर्शन शास्त्रों में सृष्टि (संसार) की उत्पत्ति के विषय में अनेक विचार प्रतिपादित (बताए गए) हैं। ऐसे प्रमुख विचार वैदिक साहित्य और लौकिक साहित्य में मौजूद हैं। उनमें से सृष्टिक्रम (सृष्टि के निर्माण के क्रम) के विषय में हम (इस पाठ में) पढ़ेंगे।
२. संवादः (माता-पुत्री) - सृष्टिक्रमः
पुत्री: अम्ब ! मम काचिद् जिज्ञासा अस्ति । वयं मनुष्याः प्राणिनः कीटाः च कथं भूलोके आगताः?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: माँ! मेरी एक जिज्ञासा (जानने की इच्छा) है। हम मनुष्य, प्राणी और कीड़े-मकौड़े इस धरती (भूलोक) पर कैसे आए?
माता: वत्से ! तदर्थं भवती प्रथमं पृथिव्याः उत्पत्तिक्रमं जानीयात्।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: बेटी! इसके लिए तुम्हें सबसे पहले पृथ्वी की उत्पत्ति का क्रम जानना चाहिए।
पुत्री: अहो! रोचकं स्यात् कृपया श्रावयतु।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अहो! यह तो बहुत रोचक होगा, कृपया सुनाइए।
माता: अस्तु ! प्रथमं ब्रह्मणः आकाशस्य उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: ठीक है! सबसे पहले 'ब्रह्म' से आकाश की उत्पत्ति हुई।
पुत्री: ब्रह्म इत्युक्ते किम् अम्ब ?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: ब्रह्म कहने से क्या तात्पर्य है माँ?
माता: ब्रह्म इत्युक्ते चेतना-शक्तिः, ऊर्जा वा या सर्वत्र व्याप्ता अस्ति । यथा – आकाशः अणुः च सर्वत्र व्याप्तः अस्ति ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: ब्रह्म का अर्थ है चेतना-शक्ति या वह ऊर्जा जो सब जगह व्याप्त (फैली हुई) है। जैसे - आकाश और अणु सब जगह व्याप्त हैं।
पुत्री: अनन्तरम्?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: इसके बाद?
माता: आकाशात् वायुः उत्पन्नः ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: आकाश से वायु उत्पन्न हुई।
पुत्री: अम्ब ! पृथिवी कदा उत्पन्ना ?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: माँ! पृथ्वी कब उत्पन्न हुई?
माता: शृणोतु, वदामि । वायोः अग्निः उत्पन्नः ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: सुनो, बताती हूँ। वायु से अग्नि उत्पन्न हुई।
पुत्री: एतत् सर्वं किमर्थम् अम्ब ? साक्षात् मनुष्याणाम् उत्पत्तिं वदतु।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: यह सब किसलिए माँ? सीधे मनुष्यों की उत्पत्ति बताइए।
माता: अयि वत्से ! एतत् सर्वं नास्ति चेत् कथं मनुष्याः प्राणिनः वा जीवन्ति ?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अरे बेटी! यदि यह सब (आकाश, वायु, अग्नि) नहीं होगा तो मनुष्य या प्राणी जीवित कैसे रहेंगे?
पुत्री: जलम् आहारः वायुः च अस्ति चेत् पर्याप्तं खलु![cite: 9]
हिन्दी अर्थ: जल, भोजन (आहार) और वायु है तो इतना पर्याप्त है न!
माता: आम्, अतः तेषाम् अपि उत्पत्तिं जानातु।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: हाँ, इसलिए उनकी भी उत्पत्ति जानो।
पुत्री: तर्हि अग्नेः कस्य उत्पत्तिः अभवत्?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: तो अग्नि से किसकी उत्पत्ति हुई?
माता: अग्नेः जलस्य उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अग्नि से जल की उत्पत्ति हुई।
पुत्री: जलात् मनुष्यस्य उत्पत्तिः खलु?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: जल से मनुष्य की उत्पत्ति हुई न?
माता: नैव वत्से ! जलात् पृथिव्याः उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: नहीं बेटी! जल से पृथ्वी की उत्पत्ति हुई।
पुत्री: अहो! सत्यम्, अहं विस्मृतवती एव । पृथिव्याः तु प्राणिनः मनुष्याः च उत्पन्नाः ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अहो! सच है, मैं तो भूल ही गई थी। पृथ्वी से तो प्राणी और मनुष्य उत्पन्न हुए हैं।
माता: नहि नहि, पृथिव्याः ओषधीनां सस्यानां वृक्षादीनां च उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: नहीं-नहीं, पृथ्वी से औषधियों (जड़ी-बूटियों), फसलों (अनाज) और पेड़-पौधों की उत्पत्ति हुई।
पुत्री: अहो अद्भुतम्![cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अहो! अद्भुत है!
माता: सस्येभ्यः आहारस्य उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: फसलों (वनस्पतियों) से आहार (भोजन/अन्न) की उत्पत्ति हुई।
पुत्री: आम्, आहारस्य उत्पत्तेः परं भूमौ सर्वमपि आगतम् एव । आहारात् कीटाः, प्राणिनः, मनुष्याः उत्पन्नाः खलु अम्ब ?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: हाँ, आहार (अन्न) की उत्पत्ति के बाद भूमि पर सब कुछ आ ही गया। आहार (अन्न) से ही कीड़े, प्राणी और मनुष्य उत्पन्न हुए हैं न माँ?
माता: अहो! मम पुत्री बहु चतुरा अस्ति । सत्यम् उक्तवती भवती ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अहो! मेरी बेटी बहुत चतुर (होशियार) है। तुमने सच कहा।
पुत्री: अम्ब ! भवती एतत् सर्वं कथं जानाति ?[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: माँ! आप यह सब कैसे जानती हैं?
माता: अहम् आधुनिकं रसायनशास्त्रम् उपनिषद्-ग्रन्थान् च पठितवती ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: मैंने आधुनिक रसायनशास्त्र और उपनिषद ग्रन्थों को पढ़ा है।
पुत्री: अहो! अहमपि उपनिषदं पठामि अम्ब ![cite: 9]
हिन्दी अर्थ: अहो! मैं भी उपनिषद पढूँगी माँ!
माता: सत्यं वत्से ! अवश्यम् उपनिषद्-ग्रन्थाः पठनीयाः । यतः अस्माकं भारतस्य मौलिकं ज्ञानं तेषु निहितम् अस्ति । तेन अस्माकं जीवनस्य अपि उत्कर्षः भवति ।[cite: 9]
हिन्दी अर्थ: सच है बेटी! उपनिषद-ग्रन्थ अवश्य पढ़ने चाहिए। क्योंकि हमारे भारत का मौलिक ज्ञान उन्हीं में निहित (छिपा) है। उससे हमारे जीवन का भी उत्कर्ष (उन्नति/विकास) होता है।
३. शब्दार्थ-सारणी (Word Meanings)
| संस्कृत शब्दः | संस्कृत-पर्यायः | हिन्दी अर्थः | English Meaning |
|---|---|---|---|
| भूतानि | प्राणिनः | समस्त प्राणिगण | All Living being[cite: 9] |
| अम्ब ! | भोः मातः! | माँ! | O Mother![cite: 9] |
| ब्रह्म | समष्टि-चिति-शक्तिः / सर्वव्याप्तः परमेश्वरः | सर्वत्र व्याप्त चेतन शक्ति व ऊर्जा / सृष्टिकर्ता | Omnipresent Conscious Power & Energy[cite: 9] |
| ब्रह्मणः | सर्वव्याप्त-परमेश्वरात् | सृष्टिकर्ता से | From Universal Power & Creater[cite: 9] |
| काचित् | का अपि | कोई | Some one[cite: 9] |
| जिज्ञासा | ज्ञातुम् इच्छा | जानने की इच्छा | Curiosity[cite: 9] |
| तदर्थम् | अतः | इसलिए | For that matter[cite: 9] |
| उत्पत्तिक्रमम् | उत्पत्तेः क्रमम् | उत्पत्ति का क्रम | Order of origin[cite: 9] |
| जानीयात् | अवगच्छेत् | जानना चाहिए | Should know[cite: 9] |
| वत्से ! | हे पुत्रि ! | बेटी! | Dear daughter![cite: 9] |
| अग्नेः | वह्नेः | आग से | From Fire[cite: 9] |
| विस्मृतवती | न स्मृतवती | भूल गयी | Forgot[cite: 9] |
| ओषधीनाम् | औषधोपयोगि-पादपानाम् | जड़ी-बूटियों का | Of herbs[cite: 9] |
| उक्तवती | अवदत् | बोली | She said[cite: 9] |
| पठनीयम् | पठेत् | पढ़ना चाहिए | Should be read[cite: 9] |
| रसायनशास्त्रम् | रसशास्त्रम् | रसायनशास्त्र | Chemistry[cite: 9] |
४. अभ्यासः - भाग १ (प्रश्नोत्तराणि १-४)
१. अधः प्रदत्तानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखन्तु—
(हिन्दी: नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्यों में लिखें—)
• (क) पुत्र्याः जिज्ञासा का ? (पुत्री की जिज्ञासा क्या है?)
➔ पुत्र्याः जिज्ञासा अस्ति यत् वयं मनुष्याः प्राणिनः कीटाः च कथं भूलोके आगताः?[cite: 9]
• (ख) कस्मात् आकाशस्य उत्पत्तिः अभवत्? (किससे आकाश की उत्पत्ति हुई?)
➔ ब्रह्मणः आकाशस्य उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
• (ग) अग्नेः कस्य उत्पत्तिः अभवत्? (अग्नि से किसकी उत्पत्ति हुई?)
➔ अग्नेः जलस्य उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
• (घ) पृथिव्याः केषाम् उत्पत्तिः अभवत्? (पृथ्वी से किनकी उत्पत्ति हुई?)
➔ पृथिव्याः ओषधीनां सस्यानां वृक्षादीनां च उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
• (ङ) आहारात् के उत्पन्नाः? (आहार से कौन उत्पन्न हुए?)
➔ आहारात् कीटाः, प्राणिनः, मनुष्याः च उत्पन्नाः।[cite: 9]
• (च) माता किं किं पठितवती? (माता ने क्या-क्या पढ़ा है?)
➔ माता आधुनिकं रसायनशास्त्रम् उपनिषद्-ग्रन्थान् च पठितवती।[cite: 9]
२. पाठं पठित्वा रिक्तस्थानेषु समुचितं पदं लिखन्तु—
(हिन्दी: पाठ पढ़कर रिक्त स्थानों में उचित शब्द लिखें—)
• (क) अम्ब ! मम काचिद् जिज्ञासा अस्ति ।[cite: 9]
• (ख) प्रथमं ब्रह्मणः आकाशस्य उत्पत्तिः अभवत्।[cite: 9]
• (ग) साक्षात् मनुष्याणाम् उत्पत्तिं वदतु।[cite: 9]
• (घ) आहारात् कीटाः, प्राणिनः, मनुष्याः उत्पन्नाः खलु अम्ब ?[cite: 9]
• (ङ) अहम् आधुनिकं रसायनशास्त्रम् उपनिषद्-ग्रन्थान् च पठितवती ।[cite: 9]
• (च) अस्माकं भारतस्य मौलिकं ज्ञानं तेषु एव निहितम् अस्ति ।[cite: 9]
३. उदाहरणानुसारम् अधः प्रदत्तानां शब्दानां वचनपरिवर्तनं कुर्वन्तु— (पञ्चमी विभक्तिः)
(हिन्दी: उदाहरण के अनुसार दिए गए शब्दों के पञ्चमी विभक्ति के तीनों वचनों के रूप लिखें—)
| शब्दः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| आहार | आहारात् | आहाराभ्याम् | आहारेभ्यः |
| मनुष्य | मनुष्यात् | मनुष्याभ्याम् | मनुष्येभ्यः |
| वृक्ष | वृक्षात् | वृक्षाभ्याम् | वृक्षेभ्यः |
| अग्नि | अग्नेः | अग्निभ्याम् | अग्निभ्यः |
| मुनि | मुनेः | मुनिभ्याम् | मुनिभ्यः |
| पेटिका | पेटिकायाः | पेटिकाभ्याम् | पेटिकाभ्यः |
| वाटिका | वाटिकायाः | वाटिकाभ्याम् | वाटिकाभ्यः |
| माला | मालायाः | मालाभ्याम् | मालाभ्यः |
| कूपी | कूप्याः | कूपीभ्याम् | कूपीभ्यः |
| नदी | नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः |
| नगरी | नगर्याः | नगरीभ्याम् | नगरीभ्यः |
४. उदाहरणानुसारम् अधः रेखाङ्कितानि पदानि आश्रित्य प्रश्ननिर्माणं कुर्वन्तु—
(हिन्दी: रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण करें—)
यथा – माता आपणात् गृहम् आगच्छति । ➔ माता कस्मात् गृहम् आगच्छति ? / माता कुतः गृहम् आगच्छति ?[cite: 9]
• (ख) राजेशः विद्यालयात् पुस्तकम् आनयति । ➔ राजेशः कस्मात् पुस्तकम् आनयति ? / राजेशः कुतः पुस्तकम् आनयति ?[cite: 9]
• (ग) विकासः महेशात् लेखनीं स्वीकृतवान्। ➔ विकासः कस्मात् लेखनीं स्वीकृतवान् ?[cite: 9]
• (घ) माता गृहात् पुत्रं पश्यति । ➔ माता कस्मात् पुत्रं पश्यति ? / माता कुतः पुत्रं पश्यति ?[cite: 9]
• (ङ) हिमालयात् गङ्गा प्रवहति । ➔ कस्मात् गङ्गा प्रवहति ? / कुतः गङ्गा प्रवहति ?[cite: 9]
५. अभ्यासः - भाग २ (प्रश्नोत्तराणि ५-७)
५. अधः प्रदत्तानि पदानि पठन्तु, तेषां पदानां पर्यायपदानि पाठेषु सन्ति, तानि चित्वा निर्देशानुसारं पदरञ्जन्यां लिखन्तु—
(हिन्दी: नीचे दिए गए शब्दों के पर्यायवाची पाठ से चुनकर शब्द-पहेली (वर्ग-पहेली) में भरें—)
| वामतः दक्षिणम् (बाएँ से दाएँ) | उपरिष्ठात् अधः (ऊपर से नीचे) | ||
|---|---|---|---|
| (१) जन्म (३ अक्षर) | ➔ उत्पत्तिः | (१) उन्नतिः (३ अक्षर) | ➔ उत्कर्षः |
| (२) मातः (२ अक्षर) | ➔ अम्ब | (२) समाप्तम् (४ अक्षर) | ➔ पर्याप्तम् |
| (३) सत्यम् (२ अक्षर) | ➔ खलु | (३) गगनस्य (४ अक्षर) | ➔ आकाशस्य |
| (४) अपि (१ अक्षर) | ➔ च | (४) बुद्धिमती (३ अक्षर) | ➔ चतुरा |
| (५) ओषधीनाम् (३ अक्षर) | ➔ सस्यानाम् | (५) सकलम् (२ अक्षर) | ➔ सर्वम् |
| (६) तदर्थम् (२ अक्षर) | ➔ अतः | (६) ततः परम् (४ अक्षर) | ➔ अनन्तरम् |
| (७) कस्मिन् समये (२ अक्षर) | ➔ कदा | (८) किल (२ अक्षर) | ➔ खलु |
६. उदाहरणानुसारं कः कस्मात् विद्यां प्राप्तवान् इति पूर्णवाक्येन लिखन्तु—
(हिन्दी: किसने किससे विद्या प्राप्त की, इसे पञ्चमी विभक्ति का प्रयोग करते हुए पूर्ण वाक्य में लिखें—)
यथा – शिष्यः ➔ आचार्यः
(क) शुक्राचार्यः ➔ महादेवः ➔ शुक्राचार्यः महादेवात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
• (ख) पद्मपादः ➔ शङ्कराचार्यः ➔ पद्मपादः शङ्कराचार्यात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
• (ग) विवेकानन्दः ➔ रामकृष्णः ➔ विवेकानन्दः रामकृष्णात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
• (घ) रामः ➔ वसिष्ठः ➔ रामः वसिष्ठात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
• (घ) भीष्मः ➔ परशुरामः ➔ भीष्मः परशुरामात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
• (ङ) चन्द्रगुप्तः ➔ चाणक्यः ➔ चन्द्रगुप्तः चाणक्यात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
• (च) अर्जुनः ➔ द्रोणाचार्यः ➔ अर्जुनः द्रोणाचार्यात् विद्यां प्राप्तवान्।[cite: 9]
७. अधः प्रदत्तानि वाक्यानि पठित्वा मातृभाषया, प्रान्तीयभाषया आङ्ग्लभाषया वा अनुवादं कुर्वन्तु—
(हिन्दी: नीचे दिए गए वाक्यों का अपनी मातृभाषा या हिन्दी में अनुवाद करें—)
• (क) राधा नगरात् आगच्छति । ➔ राधा नगर से आती है।[cite: 9]
• (ख) विनयः वृक्षात् पुष्पाणि चिनोति । ➔ विनय पेड़ से फूल चुनता है।[cite: 9]
• (ग) सन्दीपः कार्यालयात् गृहं गतवान्। ➔ सन्दीप कार्यालय (ऑफ़िस) से घर गया।[cite: 9]
• (घ) भगिनी दूरात् वाहनं पश्यति । ➔ बहन दूर से वाहन (गाड़ी) को देखती है।[cite: 9]
• (ङ) महेशः शालायाः गृहम् आगतवान्। ➔ महेश विद्यालय (स्कूल) से घर आ गया।[cite: 9]
• (च) बालः कपाटिकायाः धनं स्वीकरोति । ➔ बालक अलमारी से धन लेता है।[cite: 9]
६. योग्यताविस्तरः एवं परियोजनाकार्यम्
✦ अत्र इदम् अवधेयम् (तैत्तिरीयोपनिषत्)
तस्माद्वा एतस्मात् आत्मनः आकाशः सम्भूतः । आकाशाद् वायुः । वायोरग्निः । अग्नेरापः ।
अद्भ्यः पृथिवी । पृथिव्या ओषधयः । ओषधिभ्योऽन्नम्। अन्नात् पुरुषः ॥[cite: 9]
– तैत्तिरीयोपनिषत् २-१-२
हिन्दी अर्थ: उस परमात्मा (ब्रह्म/आत्मा) से आकाश उत्पन्न हुआ। आकाश से वायु, वायु से अग्नि, अग्नि से जल (आपः), जल से पृथ्वी, पृथ्वी से औषधियाँ (वनस्पतियाँ), औषधियों से अन्न, और अन्न से पुरुष (मनुष्य) उत्पन्न हुआ।
✦ परियोजनाकार्यम् / कार्यकलापः
१. भारतस्य गणितज्ञानां प्राचीनविज्ञानिनां खगोलविज्ञानिनां चित्राणि सङ्गृह्य अधः तेषां नामानि लिखित्वा एकं भित्तिपत्रं कुर्वन्तु ।
(हिन्दी: भारत के प्राचीन गणितज्ञों, वैज्ञानिकों और खगोल-विज्ञानियों के चित्र इकट्ठा करके उनके नीचे नाम लिखकर एक पोस्टर बनाएँ।)[cite: 9]
२. प्राचीनभारतस्य राज्यानां नामानि, तेषाम् आधुनिकनामानि च लिखन्तु । यथा– इन्द्रप्रस्थः — देहली, कर्णपुरम् — कानपुर
(हिन्दी: प्राचीन भारत के राज्यों/शहरों के नाम और उनके आधुनिक (वर्तमान) नाम लिखें। जैसे- इन्द्रप्रस्थ - दिल्ली, कर्णपुर - कानपुर)[cite: 9]
३. मातृभाषायां प्रान्तीयभाषायां वा पदरञ्जन्याः (SUDOKU) निर्माणं कुर्वन्तु ।
(हिन्दी: अपनी मातृभाषा या प्रान्तीय भाषा में शब्द-पहेली (Sudoku / Crossword) बनाएँ।)[cite: 9]
४. कक्षायां संस्कृतस्य वस्तुप्रदर्शिन्याः आयोजनं कुर्वन्तु ।
(हिन्दी: कक्षा में संस्कृत की वस्तु-प्रदर्शनी (Exhibition) का आयोजन करें।)[cite: 9]
५. भवतः अथवा परिवारजनानां जन्मदिनोत्सवे न्यूनातिन्यूनम् एकस्य वृक्षस्य आरोपणं कुर्वन्तु । प्रतिदिनं जलेन सिञ्चन्तु ।
(हिन्दी: अपने या परिवार के सदस्यों के जन्मदिन पर कम से कम एक पेड़ लगाएँ और प्रतिदिन उसमें पानी डालें।)[cite: 9]
आधुनिक-रसायनशास्त्रम् (Chemistry)
द्रव्यानां-स्थितयः (States of Matter) (पदार्थ की अवस्थाएँ)[cite: 9]

